फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   MP: Govt to Support Krishna Research, Develop Pilgrimage Sites Along Ram Van Gaman Path Model

एमपी:श्रीकृष्ण के जीवन पर शोध करने वालों को सरकार देगी सहयोग,राम वन गमन पथ की तर्ज पर विकसित होंगे कृष्ण तीर्थ

Sat, 24 Oct 2026 03:26 PM IST
Anand Pawar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: Anand Pawar Updated Sat, 24 Oct 2026 03:26 PM IST
सार

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और विचारों पर शोध करने वाले शोधार्थियों व संस्थाओं को राज्य सरकार पूरा सहयोग देगी। प्रदेश में श्रीराम वन गमन पथ और श्रीकृष्ण पाथेय के जरिए धार्मिक-सांस्कृतिक स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित किया जा रहा है। भोपाल में राष्ट्रीय एचआर-सीएसआर सम्मेलन ‘अभ्युदय-2026’ के शुभारंभ पर मुख्यमंत्री ने श्रीकृष्ण के जीवन को लोकतंत्र, सामाजिक समरसता, उद्यमशीलता और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा बताया।

विज्ञापन
MP: Govt to Support Krishna Research, Develop Pilgrimage Sites Along Ram Van Gaman Path Model
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्यप्रदेश में भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण से जुड़े स्थलों को धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान देने के साथ उनके जीवन और विचारों पर शोध को भी बढ़ावा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के जीवन पर गहन शोध और उनके व्यक्तित्व की मीमांसा करने वाले शोधार्थियों और संस्थाओं को राज्य सरकार पूरा सहयोग देगी। प्रदेश में श्रीराम वन गमन पथ और श्रीकृष्ण पाथेय के माध्यम से संबंधित स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री शनिवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में दो दिवसीय राष्ट्रीय एचआर-सीएसआर सम्मेलन ‘अभ्युदय-2026’ के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जहां गीता समाप्त होती है, वहीं से जीवन का अभ्युदय शुरू होता है। श्रीकृष्ण का पूरा जीवन समाज के लिए आदर्श है। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी मानव धर्म और राजधर्म का पालन किया। 
विज्ञापन


ये भी पढ़ें-  मध्यप्रदेश पुलिस : कौन बनेगा एमपी का नया डीजीपी? प्रज्ञा ऋचा, वरुण कपूर और उपेंद्र जैन के नाम चर्चा में
विज्ञापन


सत्ता नहीं, जिम्मेदारी को महत्व देने की सीख
मुख्यमंत्री ने श्रीकृष्ण के जीवन प्रसंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने कंस का वध किया, लेकिन स्वयं उसकी सत्ता पर नहीं बैठे। महाभारत के युद्ध के बाद भी उन्होंने युधिष्ठिर को राजगद्दी पर बैठाया। यादव ने कहा कि श्रीकृष्ण ने पद के बजाय योग्यता और जिम्मेदारी को महत्व दिया। उनके अनुसार, शासन में भी पद को अधिकार के बजाय सेवा और कर्तव्य के रूप में देखा जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता का उदाहरण देते हुए कहा कि दोनों ने उज्जैन के सांदीपनि आश्रम में साथ शिक्षा ग्रहण की थी। यह प्रसंग सामाजिक समरसता और समानता का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण के जीवन से लोकतांत्रिक व्यवस्था, उद्यमशीलता, मित्रता, माता-पिता के सम्मान और अनुशासन की सीख मिलती है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें-  एमपी: मध्यप्रदेश स्थापना दिवस और बिरसा मुंडा जयंती पर होंगे बड़े आयोजन, राज्यपाल से मिले सीएम


श्रीराम और श्रीकृष्ण से जुड़े स्थल बनेंगे तीर्थ
डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में जहां-जहां भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के चरण पड़े, उन स्थलों को विकसित करने का काम किया जा रहा है। श्रीराम वन गमन पथ और श्रीकृष्ण पाथेय के जरिए धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़े प्रसंगों पर चर्चा और शोध के लिए देशभर में ऐसे आयोजन होने चाहिए। संस्कृति विभाग के अपर मुख्य सचिव और श्रीकृष्ण पाथेय न्यास के न्यासी सचिव शिवशेखर शुक्ला ने भी विरासत संरक्षण की योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि चित्रकूट, ओंकारेश्वर और श्रीकृष्ण से जुड़े स्थलों के संरक्षण से धार्मिक, ऐतिहासिक और पर्यटन की संभावनाएं विकसित होंगी। ओंकारेश्वर में एकात्म धाम इसी दिशा में किया गया प्रयास है। 

ये भी पढ़ें-  मध्यप्रदेश: विंध्य में रेल कनेक्टिविटी का विस्तार, सतना-देवेंद्रनगर और रीवा-चुरहट रेलखंड शुरू होंगे

उद्योग, कौशल विकास और सामाजिक जिम्मेदारी पर चर्चा
सम्मेलन में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ कौशल विकास और निवेश पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि भोपाल में ग्लोबल स्किल पार्क संचालित है और प्रदेश सरकार ने तीन स्किल यूनिवर्सिटी स्थापित करने की घोषणा की है। उन्होंने युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देने की प्रतिबद्धता जताई। चर्चा के दौरान टाटा समूह के प्रतिनिधि ने मध्यप्रदेश में कौशल विकास के क्षेत्र में विस्तार की मंशा जाहिर की। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 18 सरकारी खेल अकादमियां संचालित हैं और हाल के एशियन गेम्स में मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने 11 पदक जीते, जिनमें पांच स्वर्ण पदक शामिल हैं। उन्होंने नशे के खिलाफ चल रहे अभियान, नई शिक्षा नीति में योग को बढ़ावा देने और आयुष महाविद्यालयों की संख्या बढ़ाने की पहल का भी उल्लेख किया। 

ये भी पढ़ें-  मध्यप्रदेश: मुख्यमंत्री मोहन यादव आज करेंगे राष्ट्रीय एचआर-सीएसआर सम्मेलन अभ्युदय-2026 का उद्घाटन

भारतीय ज्ञान परंपरा और ईएसजी को जोड़ने पर मंथन
‘अभ्युदय-2026’ का विषय ‘इंटीग्रेटिंग ईएसजी एंड सिविलाइजेशनल विजडम फॉर कॉम्प्रिहेंसिव वेलबीइंग’ है। सम्मेलन में पर्यावरणीय जिम्मेदारी, सामाजिक कल्याण और सुशासन यानी ईएसजी को भारतीय सभ्यतागत ज्ञान और नैतिक मूल्यों से जोड़ने पर विचार किया जा रहा है। इसमें कर्मयोग, लोक संग्रह और धर्म जैसे विचारों को नेतृत्व, मानव संसाधन प्रबंधन और कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व से जोड़ने पर चर्चा होगी। दो दिवसीय सम्मेलन में शिक्षाविदों, उद्योग प्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और भारतीय ज्ञान परंपरा के विद्वानों ने भाग लिया। कार्यक्रम का आयोजन यूनाइटेड काउंसिल फॉर एंशिएंट विजडम, श्रीकृष्ण पाथेय न्यास और मध्यप्रदेश शासन के सहयोग से किया जा रहा है। सम्मेलन 25 अक्टूबर को भी जारी रहेगा।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed