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केएफ रूस्तमजी पुरस्कार से सम्मानित हुए 101 पुलिसकर्मी, सीएम मोहन यादव बोले- MP पुलिस ने काम से बनाई अलग पहचान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: भोपाल ब्यूरो
Updated Mon, 11 May 2026 03:18 PM IST
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सार
भोपाल में आयोजित केएफ रूस्तमजी पुरस्कार समारोह में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 101 पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया। सीएम ने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस ने साहस और अनुशासन से अलग पहचान बनाई है। राज्य में 22,500 नई पुलिस भर्तियों की तैयारी भी शुरू की जाएगी।
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
भोपाल के रवींद्र भवन में सोमवार को आयोजित केएफ रूस्तमजी पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के 101 पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया। समारोह में वर्ष 2019-20 और 2021-22 के अंतर्गत परम विशिष्ट, अति विशिष्ट और विशिष्ट श्रेणी के पुरस्कार प्रदान किए गए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस ने अपने साहस, अनुशासन और कार्यशैली से अलग पहचान बनाई है और बदलते दौर में साइबर एवं डिजिटल अपराधों से भी पूरी दक्षता के साथ मुकाबला कर रही है।
कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने मुख्यमंत्री का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। अश्वरोही दल द्वारा विशेष स्वागत किया गया तथा मुख्यमंत्री को गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। समारोह में 7 पुलिसकर्मियों को परम विशिष्ट श्रेणी, 8 को अति विशिष्ट श्रेणी और 86 पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को विशिष्ट श्रेणी का पुरस्कार प्रदान किया गया।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि पुरस्कार प्राप्त करने वाले सभी पुलिसकर्मियों ने अपनी हिम्मत, दक्षता और समर्पण से यह सम्मान अर्जित किया है। उन्होंने कहा कि पद्म विभूषण केएफ रूस्तमजी ने अपने उत्कृष्ट कार्यों से प्रदेश पुलिस को गौरवान्वित किया था और उनके नाम पर दिए जाने वाले ये पुरस्कार युवाओं को शांति, सुरक्षा और सेवा का संदेश देंगे। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि केएफ रूस्तमजी पुरस्कार अब हर वर्ष नियमित रूप से प्रदान किए जाएंगे।
सीएम डॉ. यादव ने कहा कि जिस प्रकार रूस्तमजी ने प्रदेश से दस्यु समस्या को समाप्त करने की मुहिम चलाई थी, उसी दिशा में आगे बढ़ते हुए मध्यप्रदेश अब नक्सलवाद की समस्या से मुक्त हो चुका है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि देशभर में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी गई है और “लाल सलाम को आखिरी सलाम” देने का समय आ गया है।
मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग में चल रही भर्ती प्रक्रिया का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 और 2024 की भर्ती प्रक्रिया पूरी हो चुकी है तथा वर्ष 2026 में सब इंस्पेक्टर से लेकर अन्य पदों पर नई भर्ती शुरू की जाएगी। राज्य सरकार ने 22 हजार 500 भर्तियों का लक्ष्य रखा है और अगले वर्ष भी नई भर्तियां की जाएंगी। उन्होंने कहा कि पुलिस बैंड तक के लिए भर्ती निकाली गई है तथा पुलिसकर्मियों के आवास और सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है।
पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश पुलिस ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश को नक्सलवाद से मुक्त कराने, डायल 112 सेवा के प्रभावी संचालन और बड़े पैमाने पर पुलिस भर्ती जैसे कार्यों में सरकार का पूरा सहयोग मिला है। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ 2028 को देखते हुए पुलिस बल को आधुनिक प्रशिक्षण देकर तैयार किया जा रहा है।
कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने मुख्यमंत्री का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। अश्वरोही दल द्वारा विशेष स्वागत किया गया तथा मुख्यमंत्री को गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। समारोह में 7 पुलिसकर्मियों को परम विशिष्ट श्रेणी, 8 को अति विशिष्ट श्रेणी और 86 पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को विशिष्ट श्रेणी का पुरस्कार प्रदान किया गया।
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मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि पुरस्कार प्राप्त करने वाले सभी पुलिसकर्मियों ने अपनी हिम्मत, दक्षता और समर्पण से यह सम्मान अर्जित किया है। उन्होंने कहा कि पद्म विभूषण केएफ रूस्तमजी ने अपने उत्कृष्ट कार्यों से प्रदेश पुलिस को गौरवान्वित किया था और उनके नाम पर दिए जाने वाले ये पुरस्कार युवाओं को शांति, सुरक्षा और सेवा का संदेश देंगे। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि केएफ रूस्तमजी पुरस्कार अब हर वर्ष नियमित रूप से प्रदान किए जाएंगे।
सीएम डॉ. यादव ने कहा कि जिस प्रकार रूस्तमजी ने प्रदेश से दस्यु समस्या को समाप्त करने की मुहिम चलाई थी, उसी दिशा में आगे बढ़ते हुए मध्यप्रदेश अब नक्सलवाद की समस्या से मुक्त हो चुका है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि देशभर में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी गई है और “लाल सलाम को आखिरी सलाम” देने का समय आ गया है।
मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग में चल रही भर्ती प्रक्रिया का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 और 2024 की भर्ती प्रक्रिया पूरी हो चुकी है तथा वर्ष 2026 में सब इंस्पेक्टर से लेकर अन्य पदों पर नई भर्ती शुरू की जाएगी। राज्य सरकार ने 22 हजार 500 भर्तियों का लक्ष्य रखा है और अगले वर्ष भी नई भर्तियां की जाएंगी। उन्होंने कहा कि पुलिस बैंड तक के लिए भर्ती निकाली गई है तथा पुलिसकर्मियों के आवास और सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है।
पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश पुलिस ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश को नक्सलवाद से मुक्त कराने, डायल 112 सेवा के प्रभावी संचालन और बड़े पैमाने पर पुलिस भर्ती जैसे कार्यों में सरकार का पूरा सहयोग मिला है। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ 2028 को देखते हुए पुलिस बल को आधुनिक प्रशिक्षण देकर तैयार किया जा रहा है।

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