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MP News: सीएम बोले- जनगणना से ही समाज के अंतिम  व्यक्ति तक विकास पहुंचाने की रणनीति तय होती है

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: आनंद पवार Updated Fri, 13 Feb 2026 04:07 PM IST
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सार

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जनगणना- 2027 के प्रथम चरण के लिए राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर सीएम ने कहा कि जनगणना से ही समाज के अंतिम  व्यक्ति तक विकास पहुंचाने की रणनीति तय होती है। सीएम ने कहा कि कलेक्टर-कमिश्नर्स जनगणना कार्य को नेतृत्व प्रदान कर समय-सीमा में पूर्ण करें। 

MP News: CM said- The strategy to take development to the last person of the society is decided only through t
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कुशाभाऊ ठाकरे सभागार, भोपाल में जनगणना - 2027 के प्रथम चरण के लिए आयोजित राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा किआदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में ऐतिहासिक जनगणना होने जा रही है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि इसके क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश, देश के लिए आदर्श मॉडल बनकर उभरेगा और भारत सरकार की अपेक्षाओं एवं उद्देश्यों की सफल पूर्ति करेगा।राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में जनगणना-2027 की प्रक्रिया पर केंद्रित लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनगणना देश की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण डाटा प्रक्रिया है। इसके आधार पर सरकार की योजनाएं बनती हैं, संसाधनों का वितरण तय होता है और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने की रणनीति तैयार होती है। आज जब भारत विश्व का सर्वाधिक आबादी वाला राष्ट्र है, तब यह जनगणना केवल राष्ट्रीय नहीं बल्कि वैश्विक महत्व की भी है। जनगणना का कार्य केवल प्रशासनिक प्रक्रिया तक सीमित नहीं है बल्कि यह भारत के भविष्य की दिशा तय करने वाला सबसे व्यापक और निर्णायक अभियान है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी ने डिजिटल जनगणना कराने का ऐतिहासिल फैसला लिया है। देश में आखिरी बार 1931 में सामाजिक स्तर की जनगणना की गई थी। उन्होंने जनगणना की प्रक्रिया में गांवों, मंजरों-टोलों के साथ-साथ बेचिराग गांवों की स्थिति के आंकलन की व्यवस्था करने की भी आवश्यकता बताई।
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जनगणना देश की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण डाटा प्रक्रिया
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सड़क, अस्पताल, स्कूल जनगणना के आंकड़ों के आधार पर ही विकसित होते हैं। इसलिए जनगणना केवल संख्या गिनने की प्रक्रिया नहीं है, यह राज्य की संवेदनशीलता, प्रशासन की विश्वसनीयता, प्रतिबद्धता और शासन की पारदर्शिता की परीक्षा है। प्रदेश के अलग-अलग अंचलों की चुनौतियां भिन्न हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष रणनीति अपनाते हुए समयबद्ध रूप से जनगणना की जिम्मेदारियों का निर्वहन किया जाए। इस पूरी प्रक्रिया की सफलता का केन्द्र मैदानी प्रशासनिक अधिकारी हैं। मुख्यमंत्री ने कलेक्टर और कमिश्नर्स से जनगणना कार्य को रणनीतिक नेतृत्व प्रदान करते हुए जनगणना के सभी उद्देश्यों की समयसीमा में पूर्ति करने का आव्हान किया। मुख्यमंत्री ने सम्मेलन में उपस्थित प्रदेश के सभी कमिश्नर-कलेक्टरों से कहा कि मध्यप्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 16 फरवरी से प्रारंभ होकर 6 मार्च तक चलेगा। उन्होंने आगामी महाशिवरात्रि और होली जैसे त्योहारों के दृष्टिगत शांति समितियों के साथ बैठक कर अन्य आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। 

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भावांतर योजना के बेहतर क्रियान्वयन की अधिकारियों को दी बधाई 
मुख्यमंत्री ने भावांतर योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए सभी अधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि जी-रामजी की योजना क्रियान्वयन के लिए बेहतर प्रबंध किए जाएं। राज्य सरकार ने वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में घोषित किया है। किसानों से जुड़ी सभी योजनाओं और कार्यों के लिए उचित प्रबंध किए जाएं। ग्रीष्मकालीन फसलों में राज्य सरकार उड़द और मूंगफली को प्रोत्साहित करने की योजना बना रही है। मक्का की फसलों से भी किसान लाभान्वित हो रहे हैं। नरवाई जलाने की घटनाओं को शून्य करने में विभिन्न जिले स्वस्थ प्रतिस्पर्धा रखें। प्रदेश में दलहन-तिलहन उत्पादन को बढ़ाने के लिए कार्य किए जाएं। मुख्यमंत्री ने  खनिज, पंजीयन, आबकारी के अंतर्गत राजस्व संग्रहण लक्ष्यों को प्राप्त करना सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

पहला चरण 1 मई से शुरू होगा 
बता दें देश की जनगणना 2027 का पहला चरण, जिसे हाउसलिस्टिंग (मकान सूचीकरण) और आवास जनगणना कहा जाता है, 1 मई 2026 से शुरू होगी। यह देश की पहली डिजिटल जनगणना होगी, जिसमें मोबाइल ऐप का उपयोग किया जाएगा। इस चरण में 30 दिनों की अवधि में घरों की स्थिति और सुविधाओं की गणना की जाएगी। इसके बाद जगणना का दूसरा चरण 1 फरवरी 2027 से शुरू होगा। 
 
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