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MP News: देवास पटाखा फैक्ट्री विस्फोट में बड़ा खुलासा,बिना पूरी अनुमति शुरू कर दिया था उत्पादन कार्य, पांच मौत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Fri, 15 May 2026 02:44 PM IST
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सार
देवास पटाखा फैक्ट्री विस्फोट मामले में शुरुआती जांच में मैग्नीशियम पाउडर से हादसा होने की आशंका जताई गई है। जांच में यह भी सामने आया है कि जरूरी फैक्ट्री अनुमति पूरी किए बिना ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया था।
देवास पटाखा फैक्ट्री में नियमों के अनुसार नहीं ली थी पूरी अनुमति
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
देवास में पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट मामले में जांच के दौरान कई गंभीर लापरवाहियां सामने आई हैं। पंचायत एवं ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल ने बताया कि हादसे की जांच प्रक्रिया जारी है और शुरुआती जांच में यह आशंका जताई गई है कि मैग्नीशियम पाउडर की हैंडलिंग के दौरान स्टैटिक चार्ज बनने से सेल्फ इग्निशन हुआ या फिर पाउडर पानी के संपर्क में आने से विस्फोट हुआ। मामले में तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से विस्तृत जांच की जा रही है और संबंधित लोगों के बयान भी लिए जा रहे हैं।
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जानकारी के अनुसार, हादसा उस समय हुआ जब निर्माणाधीन फैक्ट्री में पटाखा निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। जांच में सामने आया है कि फैक्ट्री संचालकों ने जिला कलेक्टर कार्यालय से विस्फोटक लाइसेंस तो ले लिया था, लेकिन कारखाना अधिनियम के तहत जरूरी अनुमति और अन्य प्रक्रियाएं पूरी नहीं की गई थीं। इसके बावजूद उत्पादन गतिविधियां शुरू कर दी गईं। प्रारंभिक जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि सुरक्षा मानकों का पर्याप्त पालन नहीं किया गया था। मैग्नीशियम पाउडर अत्यधिक ज्वलनशील माना जाता है और इसकी हैंडलिंग में विशेष सावधानी जरूरी होती है। विशेषज्ञों के अनुसार हल्की चिंगारी, घर्षण या नमी के संपर्क में आने पर भी यह तेजी से आग पकड़ सकता है।
ये भी पढ़ें- फेक करेंसी केस में बड़ा खुलासा: बर्खास्त BSF जवान देता था तस्करों को इनपुट, भोपाल तक पहुंचा नेटवर्क
बता दें कि देवास जिले में हुए इस दर्दनाक हादसे में अब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायलों का इलाज इंदौर और देवास के अस्पतालों में जारी है। हादसे के बाद प्रशासन ने फैक्ट्री संचालन और सुरक्षा मानकों को लेकर जिलेभर में जांच अभियान भी शुरू कर दिया है। सरकार का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा नियमों की निगरानी और कड़ी की जाएगी।
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जानकारी के अनुसार, हादसा उस समय हुआ जब निर्माणाधीन फैक्ट्री में पटाखा निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। जांच में सामने आया है कि फैक्ट्री संचालकों ने जिला कलेक्टर कार्यालय से विस्फोटक लाइसेंस तो ले लिया था, लेकिन कारखाना अधिनियम के तहत जरूरी अनुमति और अन्य प्रक्रियाएं पूरी नहीं की गई थीं। इसके बावजूद उत्पादन गतिविधियां शुरू कर दी गईं। प्रारंभिक जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि सुरक्षा मानकों का पर्याप्त पालन नहीं किया गया था। मैग्नीशियम पाउडर अत्यधिक ज्वलनशील माना जाता है और इसकी हैंडलिंग में विशेष सावधानी जरूरी होती है। विशेषज्ञों के अनुसार हल्की चिंगारी, घर्षण या नमी के संपर्क में आने पर भी यह तेजी से आग पकड़ सकता है।
देवास पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट की दुर्घटना में जांच कार्यवाही प्रचलन में है l दुर्घटना का कारण मैग्नीशियम पाउडर हैंडलिंग के दौरान स्टैटिक चार्ज डेवलप हो जाने से self ignition या मैग्नीशियम पाउडर का पानी से कांटेक्ट हो जाने के कारण विस्फोट हो जाना सामने आ रहा है l बयान एवं…
— Prahlad Singh Patel ( वृक्ष से जल, जल से जीवन) (@prahladspatel) May 15, 2026
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बता दें कि देवास जिले में हुए इस दर्दनाक हादसे में अब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायलों का इलाज इंदौर और देवास के अस्पतालों में जारी है। हादसे के बाद प्रशासन ने फैक्ट्री संचालन और सुरक्षा मानकों को लेकर जिलेभर में जांच अभियान भी शुरू कर दिया है। सरकार का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा नियमों की निगरानी और कड़ी की जाएगी।

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