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MP News: सांभर को पोहा खिलाने के मामले में सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के प्रभारी सहायक संचालक निलंबित
Fri, 26 Jun 2026 05:13 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Fri, 26 Jun 2026 05:13 PM IST
सार
सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में सांभर को पोहा खिलाने का वीडियो वायरल होने के बाद वन विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। मामले में प्रभारी सहायक संचालक विनोद वर्मा को निलंबित कर दिया गया है।
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सांभर को पोहा खिलाने के मामले में वन विभाग का सख्त एक्शन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सोशल मीडिया पर वन्यजीव सांभर के साथ कथित तौर पर अनुचित व्यवहार का वीडियो वायरल होने के बाद सतपुड़ा टाइगर रिजर्व प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। क्षेत्र संचालक ने प्रभारी सहायक संचालक इटारसी एवं प्रभारी अधीक्षक बोरी, विनोद वर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। बता दें सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के वन्यजीव सांभर को पोहा खिलाने का वीडियो वायरल हुआ था। इस पर वन्यजीव कार्यकर्ताओं ने आपत्ति जताई थी। इसे वन्यजीवों के साथ पालतू जानवरों के समान व्यवहार करने के आरोप लगे थे। इस मामले में शिकायत के बाद वन विभाग ने सख्त एक्शन लेकर संबंधित अधिकारी को निलंबित करने का आदेश जारी किया है।
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जारी आदेश के अनुसार, वायरल वीडियो में विनोद वर्मा वन्यजीव (सांभर) के साथ अस्वाभाविक व्यवहार करते हुए दिखाई दे रहे हैं। इसे शासकीय कर्तव्यों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही और असंवेदनशीलता माना गया है। साथ ही यह भी कहा गया है कि उनके इस कृत्य से मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के नियम-3 का उल्लंघन हुआ है। इसी आधार पर नियम के अनुसार तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय सहायक संचालक कार्यालय, पिपरिया (सतपुड़ा टाइगर रिजर्व) निर्धारित किया गया है। उन्हें क्षेत्र संचालक की पूर्व अनुमति के बिना मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय रहेगा।
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ववन्यजीव कार्यकर्ता अजय दुबे ने कहा कि वन्यजीवों के साथ इस तरह का व्यवहार पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने कहा कि जंगली जानवरों को मानव संपर्क में लाना और उन्हें भोजन खिलाना उनकी प्राकृतिक प्रवृत्ति के विपरीत है। इससे न केवल उनके व्यवहार में बदलाव आता है, बल्कि गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी वन्यजीवों की सुरक्षा और उनके प्राकृतिक आवास का संरक्षण करना है, न कि उन्हें भोजन देकर मानव पर निर्भर या पालतू जैसा बनाना। उन्होंने कहा कि इस मामले में की गई कार्रवाई आवश्यक है और इससे भविष्य में अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से पालन करने का संदेश मिलेगा।
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जारी आदेश के अनुसार, वायरल वीडियो में विनोद वर्मा वन्यजीव (सांभर) के साथ अस्वाभाविक व्यवहार करते हुए दिखाई दे रहे हैं। इसे शासकीय कर्तव्यों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही और असंवेदनशीलता माना गया है। साथ ही यह भी कहा गया है कि उनके इस कृत्य से मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के नियम-3 का उल्लंघन हुआ है। इसी आधार पर नियम के अनुसार तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय सहायक संचालक कार्यालय, पिपरिया (सतपुड़ा टाइगर रिजर्व) निर्धारित किया गया है। उन्हें क्षेत्र संचालक की पूर्व अनुमति के बिना मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय रहेगा।
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ववन्यजीव कार्यकर्ता अजय दुबे ने कहा कि वन्यजीवों के साथ इस तरह का व्यवहार पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने कहा कि जंगली जानवरों को मानव संपर्क में लाना और उन्हें भोजन खिलाना उनकी प्राकृतिक प्रवृत्ति के विपरीत है। इससे न केवल उनके व्यवहार में बदलाव आता है, बल्कि गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी वन्यजीवों की सुरक्षा और उनके प्राकृतिक आवास का संरक्षण करना है, न कि उन्हें भोजन देकर मानव पर निर्भर या पालतू जैसा बनाना। उन्होंने कहा कि इस मामले में की गई कार्रवाई आवश्यक है और इससे भविष्य में अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से पालन करने का संदेश मिलेगा।
