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MP Weather Today: मध्य प्रदेश में झमाझम का दौर, 14 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट, अगले 3 दिन बरसेंगे बादल
Tue, 18 Aug 2026 07:16 AM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Tue, 18 Aug 2026 07:16 AM IST
सार
मध्य प्रदेश में मानसून फिर सक्रिय हो गया है। रीवा-बालाघाट समेत 14 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट है। अगले 3 दिन तेज बारिश के आसार हैं। प्रदेश के 40 जिलों में अब भी 4 से 58% तक बारिश की कमी है, जबकि सिर्फ 15 जिलों में सामान्य से ज्यादा पानी गिरा है।
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मौसम
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। इस बार बारिश का सबसे ज्यादा असर प्रदेश के पूर्वी हिस्से में देखने को मिल रहा है। रीवा और बालाघाट में मंगलवार को अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में अगले 24 घंटे के दौरान 4 से 8 इंच तक बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने अगले तीन दिन तक तेज बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया है। टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, कटनी, शहडोल, सीधी और सिंगरौली में भी भारी बारिश की चेतावनी है। इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, सतना, मऊगंज, उमरिया, अनूपपुर, पन्ना, दमोह, निवाड़ी समेत कई जिलों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।
बारिश की कमी वाले जिलों में बढ़ी उम्मीद
प्रदेश के 40 जिलों में अब भी सामान्य से कम बारिश हुई है। पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में करीब 19 प्रतिशत तक बारिश की कमी है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मंडला, नरसिंहपुर, रीवा, सागर, सतना, सिवनी और टीकमगढ़ समेत कई जिलों में 4 से 58 प्रतिशत तक कम पानी गिरा है। पश्चिमी मध्य प्रदेश के भी 21 जिलों में सामान्य से 1 से 49 प्रतिशत तक बारिश कम है। इनमें इंदौर, धार, झाबुआ, बैतूल, रायसेन, सीहोर, रतलाम, उज्जैन, नीमच, मंदसौर और विदिशा समेत अन्य जिले शामिल हैं।
सिर्फ 15 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
प्रदेश के केवल 15 जिलों में अब तक औसत से ज्यादा बारिश दर्ज हुई है। इनमें अनूपपुर, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, बड़वानी, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, देवास, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन, राजगढ़ और गुना शामिल हैं।
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कई मौसम प्रणालियां एक साथ सक्रिय
मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में एक साथ कई मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं। पश्चिमी हिस्से में चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जबकि ऊपरी स्तर पर दो अन्य चक्रवाती परिसंचरण मौजूद हैं। दक्षिणी हिस्से से शीयर जोन गुजर रहा है। इनके असर से पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में बारिश का दौर बना हुआ है। मौसम विशेषज्ञ अरुण शर्मा के अनुसार 17 से 21 अगस्त के बीच प्रदेश के दोनों हिस्सों में बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।
यह भी पढ़ें-12 अक्टूबर से TET परीक्षाः डेढ़ लाख शिक्षकों को देना होगा एग्जाम, 21 अगस्त से आवेदन, 150 सवाल पूछे जाएंगे
जून की कमी अभी भी पूरी नहीं
जून में प्रदेश में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई में अच्छी बारिश के कारण स्थिति कुछ सुधरी और महीने का बारिश कोटा पूरा हो गया, लेकिन जून की कमी पूरी नहीं हो सकी। मानसून में दो बार ब्रेक आने के बाद अगस्त के अंतिम हिस्से में एक बार फिर मजबूत सिस्टम सक्रिय हुआ है। इसके बावजूद प्रदेश में अब तक करीब 13 प्रतिशत बारिश कम है। मध्य प्रदेश में मानसून सीजन के दौरान औसतन 37.3 इंच बारिश होती है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जैसे जिलों की सामान्य बारिश करीब 38 से 39 इंच के बीच रहती है।
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बारिश की कमी वाले जिलों में बढ़ी उम्मीद
प्रदेश के 40 जिलों में अब भी सामान्य से कम बारिश हुई है। पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में करीब 19 प्रतिशत तक बारिश की कमी है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मंडला, नरसिंहपुर, रीवा, सागर, सतना, सिवनी और टीकमगढ़ समेत कई जिलों में 4 से 58 प्रतिशत तक कम पानी गिरा है। पश्चिमी मध्य प्रदेश के भी 21 जिलों में सामान्य से 1 से 49 प्रतिशत तक बारिश कम है। इनमें इंदौर, धार, झाबुआ, बैतूल, रायसेन, सीहोर, रतलाम, उज्जैन, नीमच, मंदसौर और विदिशा समेत अन्य जिले शामिल हैं।
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सिर्फ 15 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
प्रदेश के केवल 15 जिलों में अब तक औसत से ज्यादा बारिश दर्ज हुई है। इनमें अनूपपुर, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, बड़वानी, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, देवास, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन, राजगढ़ और गुना शामिल हैं।
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कई मौसम प्रणालियां एक साथ सक्रिय
मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में एक साथ कई मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं। पश्चिमी हिस्से में चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जबकि ऊपरी स्तर पर दो अन्य चक्रवाती परिसंचरण मौजूद हैं। दक्षिणी हिस्से से शीयर जोन गुजर रहा है। इनके असर से पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में बारिश का दौर बना हुआ है। मौसम विशेषज्ञ अरुण शर्मा के अनुसार 17 से 21 अगस्त के बीच प्रदेश के दोनों हिस्सों में बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।
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जून की कमी अभी भी पूरी नहीं
जून में प्रदेश में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई में अच्छी बारिश के कारण स्थिति कुछ सुधरी और महीने का बारिश कोटा पूरा हो गया, लेकिन जून की कमी पूरी नहीं हो सकी। मानसून में दो बार ब्रेक आने के बाद अगस्त के अंतिम हिस्से में एक बार फिर मजबूत सिस्टम सक्रिय हुआ है। इसके बावजूद प्रदेश में अब तक करीब 13 प्रतिशत बारिश कम है। मध्य प्रदेश में मानसून सीजन के दौरान औसतन 37.3 इंच बारिश होती है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जैसे जिलों की सामान्य बारिश करीब 38 से 39 इंच के बीच रहती है।
