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ग्रीन बिल्डिंग पर राष्ट्रीय संगोष्ठी: सीएम मोहन यादव बोले-प्रकृति के साथ विकास ही भारतीय वास्तु की असली पहचान

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: Anand Pawar Updated Sat, 02 May 2026 11:31 PM IST
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सार

सीएम मोहन यादव ने कहा कि प्रकृति के अनुसार निर्माण ही भविष्य का सही रास्ता है। भोपाल में ग्रीन बिल्डिंग सेमिनार में उन्होंने पर्यावरण अनुकूल तकनीक अपनाने पर जोर दिया।

National symposium on green building: CM Mohan Yadav said – development with nature is the true identity of In
सीएम मोहन यादव और मंत्री राकेश सिंह - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि प्रकृति के अनुकूल निर्माण ही भारतीय वास्तु की असली पहचान है और आज के समय में इसकी जरूरत पहले से ज्यादा बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि तेजी से बढ़ते कांक्रीट के जंगल और घटते प्राकृतिक संसाधनों के बीच संतुलन बनाना सबसे बड़ी चुनौती है। मुख्यमंत्री भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे ऑडिटोरियम में ग्रीन बिल्डिंग तकनीक पर आयोजित दो दिवसीय अखिल भारतीय सेमिनार के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर इंडियन बिल्डिंग कांग्रेस की 113 वीं गवर्निंग काउंसिल बैठक भी शुरू हुई। कार्यक्रम का आयोजन लोक निर्माण विभाग और इंडियन बिल्डिंग कांग्रेस ने मिलकर किया।
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पर्यावरण अनुकूल निर्माण पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण को बचाने के लिए अब निर्माण कार्यों में बदलाव जरूरी है। ग्रीन बिल्डिंग तकनीक अपनाकर ऊर्जा और जल संरक्षण किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ग्लोबल वॉर्मिंग अब एक गंभीर और चुनौतीपूर्ण स्थिति बन चुकी है, इसलिए हमें प्रकृति के साथ चलने की सोच अपनानी होगी। उन्होंने प्राचीन भारतीय ज्ञान का उल्लेख करते हुए कहा कि राजा भोज ने अपने ग्रंथ समरांगण सूत्रधार में प्रकृति और विकास के संतुलन की बात कही थी। हमारे पारंपरिक वास्तु में पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश जैसे पांच तत्वों को महत्वपूर्ण माना गया है और आधुनिक निर्माण में भी इनका ध्यान रखना चाहिए। 

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पीडब्ल्यू और आईआईटी इंदौर के बीच एमओयू
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की उपस्थिति में लोक निर्माण विभाग और आईआईटी इंदौर के बीच निर्माण तकनीक के विकास को लेकर समझौता (एमओयू) हुआ। इसके अलावा विभाग ने ग्रीन बिल्डिंग को बढ़ावा देने के लिए GRIHA संस्था के साथ भी समझौता किया। इस अवसर पर लोक निर्माण विभाग की स्मारिका, न्यूजलेटर और इंडियन बिल्डिंग कांग्रेस की पत्रिका का विमोचन भी किया गया। 

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जल संरक्षण पर लगातार काम कर रही सरकार 
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास के साथ-साथ संसाधनों का सही उपयोग जरूरी है। राज्य सरकार जल संरक्षण के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि गुढ़ी पड़वा से जल गंगा संवर्धन अभियान शुरू किया गया है, जिसके तहत कुएं, बावड़ियों और अन्य जल स्रोतों के संरक्षण का काम किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि जल संरक्षण के क्षेत्र में मध्यप्रदेश देश में अग्रणी राज्यों में शामिल है और कई जिलों ने बेहतर काम किया है। 

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अब भवन निर्माण में ग्रीन तकनीक को प्राथमिकता
लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि प्रदेश में अब भवन निर्माण में ग्रीन तकनीक को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने बताया कि सड़कों और फ्लाईओवर में भी रेन वॉटर हार्वेस्टिंग जैसी तकनीकों को शामिल किया जा रहा है। सेमिनार में देशभर से आए विशेषज्ञों ने ग्रीन बिल्डिंग सामग्री, ऊर्जा दक्षता, प्राकृतिक रोशनी और वेंटिलेशन, स्मार्ट तकनीक, 3D प्रिंटिंग और प्री-फैब्रिकेशन जैसे विषयों पर चर्चा की। 

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सस्टेनेबल भविष्य की दिशा में कदम
कार्यक्रम में मौजूद विशेषज्ञों और अधिकारियों ने कहा कि ग्रीन बिल्डिंग तकनीक सिर्फ एक विकल्प नहीं, बल्कि आने वाले समय की जरूरत है। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ऊर्जा की बचत और बेहतर जीवन गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सकती है।
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