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6 दिन से नर्सिंग छात्रों का आंदोलन: हर तरीके से विरोध के बाद भी नहीं हुई सुनवाई, अब काउंसिल की निकाली अर्थी
Thu, 13 Aug 2026 05:33 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Thu, 13 Aug 2026 05:33 PM IST
सार
भोपाल में छह साल से नर्सिंग परीक्षा परिणाम का इंतजार कर रहे छात्रों का आंदोलन छठे दिन भी जारी है। सुनवाई नहीं होने से नाराज छात्रों ने गुरुवार को नर्सिंग काउंसिल की प्रतीकात्मक अर्थी निकाली। छात्रों का आरोप है कि लगातार विरोध के बावजूद कोई जिम्मेदार अधिकारी उनसे बातचीत करने नहीं पहुंचा।
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नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल की प्रतीकात्मक अर्थी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
छह साल से परीक्षा परिणाम का इंतजार कर रहे नर्सिंग छात्रों का सब्र अब जवाब देने लगा है। राजधानी भोपाल में मध्यप्रदेश नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल के खिलाफ छात्रों का अनिश्चितकालीन धरना छठे दिन भी जारी है। लगातार विरोध के बावजूद सुनवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए छात्रों ने गुरुवार को काउंसिल की प्रतीकात्मक अर्थी निकालकर अपना आक्रोश जताया। छात्रों का कहना है कि वर्षों से परिणाम अटके होने के कारण हजारों विद्यार्थियों का भविष्य अधर में है। अब तक धरना, अधिकारियों पर स्याही फेंकने, पैसे देकर परिणाम जारी कराने के आरोप और आत्महत्या की कोशिश तक की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन छात्रों के मुताबिक उनकी मूल मांग पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
छह दिन से धरना, अधिकारी बातचीत तक को तैयार नहीं
नर्सिंग छात्र पिछले छह दिन से काउंसिल के सामने अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। छात्रों का आरोप है कि वे लगातार अपनी समस्या बता रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी उनकी सुध लेने तक नहीं पहुंचे। एक छात्र ने बताया कि उसका वर्ष 2022 में प्रवेश हुआ था। परीक्षा हो चुकी है, लेकिन परिणाम अब तक जारी नहीं हुआ। उसका कहना है कि कई दिन से धरने पर बैठे होने के बावजूद कोई अधिकारी यह पूछने नहीं आया कि छात्रों की मांगें क्या हैं और वे किस समस्या को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
पहले स्याही फेंकी, फिर पैसे देने की बात, फिर भी नहीं निकला रास्ता
परिणाम जारी कराने की मांग को लेकर छात्रों का विरोध लगातार अलग-अलग रूप लेता रहा है। प्रदर्शन के दौरान अधिकारियों पर स्याही फेंकने की घटना सामने आई। छात्रों की ओर से अधिकारियों को पैसे देकर परिणाम जारी कराने की बात भी कही गई। हालांकि इन प्रयासों और आरोपों के बावजूद परिणाम को लेकर स्थिति जस की तस बनी हुई है।
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तीन छात्र छत पर चढ़े, मचा हड़कंप
बुधवार को आंदोलन के दौरान तीन छात्र निर्माणाधीन छह मंजिला इमारत की छत पर चढ़ गए। आत्महत्या की कोशिश की बात सामने आने के बाद मौके पर हड़कंप मच गया। प्रशासनिक अधिकारियों और अन्य लोगों ने छात्रों को समझाकर नीचे उतारा। इस घटना ने आंदोलन की गंभीरता को सामने ला दिया। छात्रों का कहना है कि लगातार उपेक्षा के कारण उनका मानसिक और आर्थिक दबाव बढ़ता जा रहा है।
अब काउंसिल की अर्थी निकालकर जताया गुस्सा
गुरुवार को छात्रों ने काउंसिल की प्रतीकात्मक अर्थी निकाली। छात्रों का कहना है कि जब उनकी समस्या सुनने वाला कोई नहीं है और वर्षों से परिणाम अटका हुआ है, तो उनके लिए काउंसिल एक मृत व्यवस्था की तरह है। एक छात्र ने कहा कि वे पहले काउंसिल से दूर रहकर अपनी बात रखते थे, लेकिन अब कई दिनों से सामने बैठकर प्रदर्शन कर रहे हैं। इसके बावजूद कोई अधिकारी उनसे मिलने नहीं आया। इसी नाराजगी में छात्रों ने प्रतीकात्मक रूप से काउंसिल की अर्थी निकाली।
यह भी पढ़ें-एमपी में कारोबार को मिलेगी नई रफ्तार, दुकानें, मॉल और होटल 24 घंटे तक संचालित किए जा सकेंगे
छह साल से अटका भविष्य, अब बढ़ रहा टकराव
नर्सिंग छात्रों का कहना है कि परीक्षा और परिणाम के बीच लंबे इंतजार ने उनकी पढ़ाई और रोजगार के अवसरों को प्रभावित किया है। उनका कहना है कि जब तक परिणाम और उनकी अन्य समस्याओं पर स्पष्ट फैसला नहीं होता, आंदोलन खत्म नहीं किया जाएगा। लगातार छह दिन से चल रहे धरने, स्याही फेंकने की घटना, पैसों को लेकर लगाए गए आरोप, छात्रों के छत पर चढ़ने और अब काउंसिल की अर्थी निकालने के बाद आंदोलन बेहद गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। अब छात्रों की नजर इस बात पर है कि प्रशासन और काउंसिल कब सीधे बातचीत कर उनकी समस्या का समाधान निकालते हैं।
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छह दिन से धरना, अधिकारी बातचीत तक को तैयार नहीं
नर्सिंग छात्र पिछले छह दिन से काउंसिल के सामने अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। छात्रों का आरोप है कि वे लगातार अपनी समस्या बता रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी उनकी सुध लेने तक नहीं पहुंचे। एक छात्र ने बताया कि उसका वर्ष 2022 में प्रवेश हुआ था। परीक्षा हो चुकी है, लेकिन परिणाम अब तक जारी नहीं हुआ। उसका कहना है कि कई दिन से धरने पर बैठे होने के बावजूद कोई अधिकारी यह पूछने नहीं आया कि छात्रों की मांगें क्या हैं और वे किस समस्या को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
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पहले स्याही फेंकी, फिर पैसे देने की बात, फिर भी नहीं निकला रास्ता
परिणाम जारी कराने की मांग को लेकर छात्रों का विरोध लगातार अलग-अलग रूप लेता रहा है। प्रदर्शन के दौरान अधिकारियों पर स्याही फेंकने की घटना सामने आई। छात्रों की ओर से अधिकारियों को पैसे देकर परिणाम जारी कराने की बात भी कही गई। हालांकि इन प्रयासों और आरोपों के बावजूद परिणाम को लेकर स्थिति जस की तस बनी हुई है।
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तीन छात्र छत पर चढ़े, मचा हड़कंप
बुधवार को आंदोलन के दौरान तीन छात्र निर्माणाधीन छह मंजिला इमारत की छत पर चढ़ गए। आत्महत्या की कोशिश की बात सामने आने के बाद मौके पर हड़कंप मच गया। प्रशासनिक अधिकारियों और अन्य लोगों ने छात्रों को समझाकर नीचे उतारा। इस घटना ने आंदोलन की गंभीरता को सामने ला दिया। छात्रों का कहना है कि लगातार उपेक्षा के कारण उनका मानसिक और आर्थिक दबाव बढ़ता जा रहा है।
अब काउंसिल की अर्थी निकालकर जताया गुस्सा
गुरुवार को छात्रों ने काउंसिल की प्रतीकात्मक अर्थी निकाली। छात्रों का कहना है कि जब उनकी समस्या सुनने वाला कोई नहीं है और वर्षों से परिणाम अटका हुआ है, तो उनके लिए काउंसिल एक मृत व्यवस्था की तरह है। एक छात्र ने कहा कि वे पहले काउंसिल से दूर रहकर अपनी बात रखते थे, लेकिन अब कई दिनों से सामने बैठकर प्रदर्शन कर रहे हैं। इसके बावजूद कोई अधिकारी उनसे मिलने नहीं आया। इसी नाराजगी में छात्रों ने प्रतीकात्मक रूप से काउंसिल की अर्थी निकाली।
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छह साल से अटका भविष्य, अब बढ़ रहा टकराव
नर्सिंग छात्रों का कहना है कि परीक्षा और परिणाम के बीच लंबे इंतजार ने उनकी पढ़ाई और रोजगार के अवसरों को प्रभावित किया है। उनका कहना है कि जब तक परिणाम और उनकी अन्य समस्याओं पर स्पष्ट फैसला नहीं होता, आंदोलन खत्म नहीं किया जाएगा। लगातार छह दिन से चल रहे धरने, स्याही फेंकने की घटना, पैसों को लेकर लगाए गए आरोप, छात्रों के छत पर चढ़ने और अब काउंसिल की अर्थी निकालने के बाद आंदोलन बेहद गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। अब छात्रों की नजर इस बात पर है कि प्रशासन और काउंसिल कब सीधे बातचीत कर उनकी समस्या का समाधान निकालते हैं।
