सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   Orders to Vacate Homes Without Notice: Residents of Govindpura Labor Colony Reach Collector's Office, Plead fo

बिना नोटिस घर खाली करने के आदेश: गोविंदपुरा लेबर कॉलोनी के रहवासी कलेक्टर दफ्तर पहुंचे, लगाई न्याय की गुहार

न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल Published by: Sandeep Kumar Tiwari Updated Tue, 31 Mar 2026 05:54 PM IST
विज्ञापन
सार

गोविंदपुरा लेबर कॉलोनी के रहवासियों ने बिना नोटिस घर खाली करने के आदेश के खिलाफ कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर जनसुनवाई में शिकायत की। वर्षों से बसे सैकड़ों परिवारों ने बेघर होने के खतरे का हवाला देते हुए कार्रवाई रोकने और राहत की मांग की।

Orders to Vacate Homes Without Notice: Residents of Govindpura Labor Colony Reach Collector's Office, Plead fo
कलेक्टर कार्यालय पहुंचे रहवासी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

राजधानी भोपाल के गोविंदपुरा स्थित लेबर कॉलोनी में पीडब्ल्यूडी की कार्रवाई को लेकर हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। बीते शुक्रवार को अधिकारियों द्वारा बिना किसी लिखित नोटिस के वर्षों से रह रहे परिवारों को घर खाली करने के मौखिक आदेश दिए जाने के बाद रहवासियों में दहशत फैल गई। इसके विरोध में बड़ी संख्या में लोग मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और जनसुनवाई में न्याय की गुहार लगाई।
Trending Videos



40 साल से बसे परिवारों पर संकट
स्थानीय लोगों का कहना है कि वे करीब 1982 से इस लेबर कॉलोनी में रह रहे हैं। उन्होंने अपने घरों में वर्षों की कमाई लगाई है और अब अचानक उन्हें हटाने की बात कही जा रही है। रहवासियों का आरोप है कि न तो उन्हें कोई लिखित नोटिस दिया गया और न ही पुनर्वास या वैकल्पिक व्यवस्था की जानकारी दी गई।
विज्ञापन
विज्ञापन


बुलडोजर की आहट से बढ़ी चिंता
रहवासियों ने बताया कि हाल ही में प्रशासनिक अमला पुलिस बल के साथ क्षेत्र में पहुंचा था, जिससे लोगों में डर का माहौल बन गया। लोगों को आशंका है कि कभी भी अचानक कार्रवाई कर उनके घर तोड़े जा सकते हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि उनके पास रहने से जुड़े दस्तावेज हैं और वे नियमित रूप से बिजली बिल व अन्य करों का भुगतान करते रहे हैं। ऐसे में बिना वैधानिक प्रक्रिया अपनाए हटाने की कार्रवाई पूरी तरह अनुचित है।

यह भी पढ़ें-काशी पहुंचे CM, बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए; बोले- एमपी-यूपी लिखेंगे विकास की नई इबारत


जनसुनवाई में प्रमुख मांगे
- बिना नोटिस किसी भी प्रकार की कार्रवाई रोकी जाए
- यदि विकास कार्य आवश्यक है तो वैकल्पिक मार्ग या योजना बनाई जाए
- पहले पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए

जनप्रतिनिधि भी आए साथ
इस दौरान स्थानीय लोगों के समर्थन में पूर्व मंत्री पीसी शर्मा, वरिष्ठ नेता जेपी धनोपिया, जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रवीण सक्सेना और पार्षद जितेंद्र राजपूत सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। उन्होंने प्रशासन से संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेने की अपील की।

यह भी पढ़ें-रेल मंत्रालय में बड़ा फर्जीवाड़ा, चांदी के नाम पर तांबे के पदक सप्लाई, सीबीआई ने FIR कर शुरू की जांच


आंदोलन की चेतावनी
रहवासियों ने साफ कहा कि यह सिर्फ मकानों का मामला नहीं, बल्कि उनके परिवार, रोज़गार और बच्चों के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है। यदि प्रशासन ने जल्द राहत नहीं दी, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed