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Bhopal News: भोपाल के युवक को म्यांमार में बंधक बनाकर साइबर ठगी कराने वाले रैकेट का खुलासा, दो एजेंट गिरफ्तार

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: भोपाल ब्यूरो Updated Sat, 21 Mar 2026 07:30 PM IST
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सार

भोपाल के युवक को नौकरी का झांसा देकर थाईलैंड के रास्ते म्यांमार ले जाकर साइबर गुलाम बनाया गया। राज्य साइबर सेल ने दो एजेंटों को गिरफ्तार किया। जांच में अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का खुलासा हुआ, जो युवाओं से ठगी करवाता है। पुलिस ने सतर्क रहने और फर्जी जॉब ऑफर्स से बचने की सलाह दी।

Racket That Enslaved Bhopal Youth as 'Cyber Slave' in Myanmar Exposed; Two Agents from Bihar and UP Arrested
cyber crime - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

राजधानी भोपाल में रहने वाले एक युवक को डाटा एंट्री की नौकरी में अच्छे पैकेज का लालच देकर साइबर जालसाज उसे थाईलैंड के जरिए म्यांमार ले गए और वहां साइबर गुलाम बना लिया। शिकायत के बाद मध्यप्रदेश राज्य साइबर सेल ने एमिग्रेशन एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर दो एजेंटों को गिरफ्तार कर पूरे रैकेट का खुलासा किया है। साइबर पुलिस की जांच में सामने आया कि भोपाल से लेकर देश के कई शहरों में साइबर गुलाम बनाने वाले गिरोह के एजेंट सक्रिय हैं। यह एजेंट युवकों को थाईलैंड के जरिए सीमा पार कराकर म्यांमार तक पहुंचा रहे हैं और वहां साइबर गुलाम बनाकर भारत के लोगों के साथ ठगी में उपयोग किया जा रहा है।

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विदेश में नौकरी के नाम पर युवाओं को गुलाम बनाने वाले अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का खुलासा होने के बाद देश की सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं। हालांकि देश का यह पहला मामला नहीं है। इसके पहले अन्य राज्यों के युवकों को लेकर इस तरह के गिरोहों का खुलासा हो चुका है। मध्यप्रदेश में पहली बार इस तरह के मामले में एमिग्रेशन एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है, जिसमें मानव तस्करी और आईटी एक्ट की धाराएं भी जोड़ी गई हैं। जिस मामले में कार्रवाई हुई है वह लगभग तीन महीने पुराना है। साइबर पुलिस ने दो गिरफ्तारी की है।
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नौकरी का झांसा, फिर जाल में फंसाया
साइबर गिरोह ने युवक को डेटा एंट्री जॉब के नाम पर भोपाल के जितेन्द्र अहिरवार नाम के युवक से संपर्क किया। इसके बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए ऑफर दिया गया। फर्जी ऑनलाइन इंटरव्यू लिया गया। 30 से 40 हजार थाई बाथ की आकर्षक सैलरी पैकेज का लालच दिया गया। इसके बाद युवक को पहले थाईलैंड भेजा गया और वहां से अवैध तरीके से सीमा पार कराकर म्यांमार पहुंचा दिया गया।

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म्यांमार में कराई साइबर गुलामी
भोपाल के युवक जितेन्द्र अहिरवार के म्यांमार पहुंचते ही युवक को एक साइबर ठगी गिरोह को बेच दिया गया, जहां उसे बंधक बनाकर रखा गया। मारपीट और मानसिक प्रताड़ना दी गई। भारत समेत कई देशों के लोगों से ऑनलाइन ठगी करवाई गई। बाद में म्यांमार की सेना ने कार्रवाई कर उसे मुक्त कराया।

बिहार व उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं गिरफ्तार एजेंट
साइबर पुलिस की कार्रवाई में बिहार और उत्तरप्रदेश से जुड़े दो एजेंटों को गिरफ्तार किया गया है। एक आरोपी मोहम्मद फैज अकरम को बिहार के जमुई से पकड़ा गया, जबकि उत्तर प्रदेश निवासी दूसरे एजेंट मोहित अग्रवाल को दिल्ली एयरपोर्ट पर लुकआउट सर्कुलर के आधार पर दबोचा गया। इनके कब्जे से मोबाइल, टैबलेट और कई अहम दस्तावेज बरामद हुए हैं। पुलिस अब इनके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।

देशभर में फैला नेटवर्क
राज्य साइबर सेल की जांच में सामने आया है कि यह कोई अकेला मामला नहीं है। गिरोह के एजेंट भोपाल सहित देश के कई शहरों में सक्रिय हैं। युवाओं को विदेश भेजकर साइबर ठगी के अड्डों में झोंका जा रहा है। म्यांमार, लाओस और कंबोडिया सीमा पर ऐसे कई ठिकाने संचालित हैं। इन ठिकानों से 30 से अधिक देशों में साइबर ठगी को अंजाम दिया जा रहा है। यह भारत का पहला मामला नहीं है, लेकिन मध्य प्रदेश में पहली बार इस तरह के केस में एमिग्रेशन एक्ट, मानव तस्करी और आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।

राज्य साइबर सेल ने एडवाइजरी जारी कर कहा कि विदेश में नौकरी के नाम पर आने वाले ऑफर्स को लेकर सतर्क रहना जरूरी है। बिना सरकारी रजिस्ट्रेशन वाले एजेंट से दूरी बनाएं और जल्दबाजी में पासपोर्ट या यात्रा से जुड़े फैसले न लें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी साइबर हेल्पलाइन 1930 या आधिकारिक पोर्टल पर दर्ज करा सकते हैं।

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