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भोपाल में वंदे मातरम् पर रिकॉर्ड: 43 वाद्य यंत्रों से संगीत, 200 विद्यार्थियों का गायन, 150 छात्राओं का कथक
Tue, 01 Sep 2026 09:41 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Tue, 01 Sep 2026 09:41 PM IST
सार
भोपाल में वंदे मातरम् के 150वें वर्ष पर तीन विश्व रिकॉर्ड का प्रयास किया गया। 43 वाद्य यंत्रों से प्रस्तुति, 200 विद्यार्थियों का सामूहिक गायन और 150 से अधिक छात्राओं के कथक को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में शामिल किया गया।
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विद्यार्थियों का सामूहिक रूप से वंदे मातरम् गायन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
वंदे मातरम् के 150वें वर्ष को भोपाल ने संगीत और शास्त्रीय नृत्य के जरिए खास अंदाज में मनाया। डीबी सिटी मॉल में मंगलवार को हुए आयोजन में एक ही गीत पर तीन अलग-अलग प्रस्तुतियों के जरिए विश्व रिकॉर्ड बनाने का प्रयास किया गया। गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने तीनों उपलब्धियों को रिकॉर्ड में शामिल किए जाने की घोषणा की। आयोजन में म्यूजिशियन अभय तिवारी ने 43 अलग-अलग वाद्य यंत्रों के साथ वंदे मातरम् की थीम पर प्रस्तुति दी। इसके साथ ही 200 से अधिक विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया। तीसरी प्रस्तुति में 150 से ज्यादा छात्राओं ने इसी गीत पर सामूहिक कथक किया।
एक गीत, तीन अलग-अलग रिकॉर्ड
गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के एशिया हेड डॉ. मनीष विश्नोई के अनुसार, अभय तिवारी ने रिले फॉर्मेट में 40 से अधिक वाद्य यंत्रों और कुछ रोजमर्रा की वस्तुओं का इस्तेमाल करते हुए संगीत प्रस्तुति दी। इसे पहले रिकॉर्ड के रूप में दर्ज किया गया। दूसरे रिकॉर्ड के लिए 200 से अधिक विद्यार्थियों ने पांच मिनट से ज्यादा समय तक वंदे मातरम् के मूल संस्कृत पाठ पर आधारित गीत का सामूहिक गायन किया। तीसरे रिकॉर्ड में 150 से अधिक छात्राओं की सामूहिक कथक प्रस्तुति शामिल की गई।
यह भी पढ़ें-भोपाल में सीलिंग पर हंगामा: व्यापारियों ने बैरिकेड तोड़े, पुलिस से भिड़े,4 घंटे प्रदर्शन,61 प्रतिष्ठान खुद बंद
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15 दिन में स्थायी प्रमाण-पत्र मिलने की उम्मीद
आयोजकों के अनुसार, रिकॉर्ड के लिए अस्थायी प्रमाण-पत्र की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। करीब 15 दिन में स्थायी प्रमाण-पत्र मिलने की उम्मीद है। इसके बाद प्रतिभागियों के सम्मान के लिए अलग कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।कार्यक्रम का आयोजन विविधा कलायम सांस्कृतिक समिति और विविधा एकेडमी ने किया। आयोजकों के मुताबिक, रिकॉर्ड बनाना आयोजन का एक हिस्सा था, जबकि मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को वंदे मातरम्, भारतीय संगीत और शास्त्रीय नृत्य की सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना था।
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एक गीत, तीन अलग-अलग रिकॉर्ड
गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के एशिया हेड डॉ. मनीष विश्नोई के अनुसार, अभय तिवारी ने रिले फॉर्मेट में 40 से अधिक वाद्य यंत्रों और कुछ रोजमर्रा की वस्तुओं का इस्तेमाल करते हुए संगीत प्रस्तुति दी। इसे पहले रिकॉर्ड के रूप में दर्ज किया गया। दूसरे रिकॉर्ड के लिए 200 से अधिक विद्यार्थियों ने पांच मिनट से ज्यादा समय तक वंदे मातरम् के मूल संस्कृत पाठ पर आधारित गीत का सामूहिक गायन किया। तीसरे रिकॉर्ड में 150 से अधिक छात्राओं की सामूहिक कथक प्रस्तुति शामिल की गई।
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15 दिन में स्थायी प्रमाण-पत्र मिलने की उम्मीद
आयोजकों के अनुसार, रिकॉर्ड के लिए अस्थायी प्रमाण-पत्र की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। करीब 15 दिन में स्थायी प्रमाण-पत्र मिलने की उम्मीद है। इसके बाद प्रतिभागियों के सम्मान के लिए अलग कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।कार्यक्रम का आयोजन विविधा कलायम सांस्कृतिक समिति और विविधा एकेडमी ने किया। आयोजकों के मुताबिक, रिकॉर्ड बनाना आयोजन का एक हिस्सा था, जबकि मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को वंदे मातरम्, भारतीय संगीत और शास्त्रीय नृत्य की सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना था।
