MP News: रूस में क्यों हो रही बुरहानपुर की इस हल्दी की चर्चा, सालाना होगा 20 टन एक्सपोर्ट, ऐसा क्या है खास
जनवरी 2025 में रूस के मास्को में आयोजित 'नमस्ते भारत' प्रदर्शनी में बुरहानपुर की हल्दी ने विदेशी बाजार में अपनी जगह बनाई। खकनार कृषि विकास प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड और भारतीय-रूसी मैत्री संगठन हारमनी के बीच एमओयू साइन हुआ, जिसके तहत हर साल 20 टन हल्दी रूस को निर्यात की जाएगी।
विस्तार
मध्यप्रदेश के बुरहानपुर जिला दक्षिण का द्वार कहलाने वाला मध्यप्रदेश राज्य का जिला बुरहानपुर अपने ऐतिहासिक स्मारकों के साथ-साथ कपड़ा उद्योग और केले के लिए तो विख्यात है ही। साथ ही जिले की धरोहर 'जल संग्रह-वितरण प्रणाली कुण्डी भण्डारा' विश्व पटल पर अपनी पहचान बना चुकी है। वहीं अब जिले की हल्दी भी विदेशों में प्रसिद्धि हासिल कर रही है।
बुरहानपुर जिले में 'एक जिला-एक उत्पाद' अंतर्गत केले फसल को शामिल किया गया है। इसके साथ ही उद्यानिकी फसल हल्दी को भी प्रोत्साहित करने का प्रयास जारी है। जिले में सेलम किस्म की हल्दी लगाई जाती है। हल्दी की खेती से जिले में करीबन 1680 कृषक जुडे़ हैं। यहां मुख्यतः डोइफोडिया क्लस्टर, सिरपुर क्लस्टर, खकनार क्लस्टर एवं फोफनार क्लस्टर में हल्दी की खेती होती है।
जनवरी 2025 में रूस के मास्को में आयोजित 'नमस्ते भारत' प्रदर्शनी में जिले की कृषि फसलों के उत्पादों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया। इसके अंतर्गत केले और हल्दी से निर्मित विभिन्न उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में शामिल हुए। अंतरराष्ट्रीय सहयोग संगठन और भारतीय रूसी मैत्री संगठन हारमनी के सहयोग से 23 जनवरी से 9 फरवरी 2025 तक अद्वितीय रूस प्रदर्शनी के तहत भारत को अतिथि देश के रूप में आमंत्रित किया गया था। आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य हमारे देश मुख्य रूप से मध्यप्रदेश के बीच गहरे सांस्कृतिक और आर्थिक संबंध बढ़ाना रहा। पहली बार रूस में मध्यप्रदेश की संस्कृति, व्यापार और सहयोग के अवसरों के विभिन्न पहलुओं को प्रदर्शित करने के लिए एक मंच के रूप में अवसर दिया गया।
रूस में आयोजित 'नमस्ते भारत' प्रदर्शनी में बुरहानपुर की हल्दी ने सहभागियों को अपनी ओर आकर्षित किया। आयोजित प्रदर्शनी कार्यक्रम में उद्यानिकी विभाग के उपसंचालक राजू बड़वाया, खकनार फार्मर प्रोड्यूसर प्राइवेट लिमिटेड बुरहानपुर उज्ज्वल चौधरी एवं जबलपुर मध्यप्रदेश के अवद्या हर्ब एंड फूड प्राइवेट लिमिटेड उद्यमी अंबिका पटेल द्वारा 23 जनवरी से 26 जनवरी, 2025 तक 'एक जिला-एक उत्पाद' प्रादर्शो जैसे केला चिप्स, केला पाउडर, केला फिंगर, केला सेव, केला मिठाई आदि की प्रदर्शनी के साथ सहभागिता की गई।
प्रतिवर्ष 20 टन हल्दी होगी एक्सपोर्ट
उपसंचालक उद्यानिकी बड़वाया ने बताया कि हल्दी पाउडर के एक्सपोर्ट हेतु खकनार कृषि विकास प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड, संस्थापक इकोइंडिया और एलएससी एकोमिर कंपनी अध्यक्ष भारत-रूस मैत्री संगठन हारमनी द्वारा एमओयू साइन किया गया है। जिसमें जिले से प्रतिवर्ष 20 टन हल्दी का एक्सपोर्ट किया जाएगा।
जिले में 32 हल्दी प्रोसेसिंग यूनिट है। हल्दी की क्वालिटी गहरी पिली और करक्यूमिन की मात्रा 3.02 प्रतिशत है। निश्चित ही हल्दी के व्यवसाय से जिले के किसानों की आमदनी बढ़ने के साथ-साथ जिले में समृद्धि और आर्थिक विकास होगा।
3.02 प्रतिशत करक्यूमिन बनाती है इसे खास
करक्यूमिन को इम्यूनोमॉड्यूलेटरी एजेंट माना जाता है। यह रोगाणुओं के हमले के ख़िलाफ़ प्रतिरक्षा कोशिकाओं को सक्रिय करता है। करक्यूमिन दिमाग की क्षमता को मज़बूत करने में भी मदद करता है। करक्यूमिन को अलग करके दवाओं में भी इस्तेमाल किया जाता है।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

कमेंट
कमेंट X