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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Burhanpur News ›   ₹500 Fine for Abusive Language! Borsar Village Sets Unique Rule for Social Reform

Burhanpur News: गाली दी तो जेब ढीली! बोरसर गांव का सख्त फरमान, नहीं तो करनी होगी सफाई

Thu, 09 Apr 2026 09:46 AM IST
बुरहानपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बुरहानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बुरहानपुर Published by: बुरहानपुर ब्यूरो Updated Thu, 09 Apr 2026 09:46 AM IST
सार

बुरहानपुर जिले के बोरसर गांव में सामाजिक सुधार के लिए ग्राम पंचायत ने अनोखी पहल की है। सार्वजनिक स्थानों पर गाली गलौज करने पर 500 रुपये जुर्माना या 2 घंटे सफाई करने की सजा तय की गई है।

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₹500 Fine for Abusive Language! Borsar Village Sets Unique Rule for Social Reform
बोरसर गांव का सख्त फरमान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले से सटे ग्राम बोरसर में सामाजिक सुधार की दिशा में एक अनोखी और सराहनीय पहल शुरू की गई है। ग्राम पंचायत ने सार्वजनिक स्थानों पर गाली गलौज करने वालों के खिलाफ सख्त नियम लागू किए हैं, जिसका उद्देश्य गांव में शांति, सभ्यता और आपसी सम्मान का माहौल बनाना है।
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गाली देने पर लगेगा जुर्माना या करनी होगी सफाई

ग्राम के उपसरपंच अश्विनी पाटिल और प्रतिनिधि विनोद शिंदे ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति सार्वजनिक स्थान पर गाली गलौज करते हुए पाया जाता है, तो उस पर 500 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। यदि संबंधित व्यक्ति जुर्माना देने में सक्षम नहीं है, तो उसे सजा के रूप में 2 घंटे तक गांव में स्वच्छता अभियान के तहत सफाई कार्य करना होगा।
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घर-घर जाकर किया जागरूक

इस नियम को प्रभावी बनाने के लिए पंचायत प्रतिनिधियों ने पूरे गांव में घर घर जाकर लोगों को जागरूक किया है। लोगों को समझाया गया है कि अब किसी भी प्रकार का विवाद या अभद्र भाषा का उपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई होगी।
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ग्राम पंचायत ने एक और सकारात्मक कदम उठाते हुए पंचायत भवन में निशुल्क लाइब्रेरी और वाचनालय की व्यवस्था भी शुरू की है। यहां सभी धर्मों और वर्गों के लोग आकर पुस्तकें पढ़ सकते हैं और अपने ज्ञान को बढ़ा सकते हैं। इस पहल का उद्देश्य गांव में शिक्षा और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना है।

हर शुभ अवसर पर ‘मां के नाम’ एक पेड़ लगाने की अपील

पंचायत प्रतिनिधियों ने पर्यावरण संरक्षण के लिए भी प्रेरणादायक संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि गांव में किसी भी शुभ अवसर जैसे विवाह, जन्मदिन या बच्चे के जन्म पर एक पेड़ “मां के नाम” जरूर लगाया जाए। इससे न केवल पर्यावरण को लाभ मिलेगा, बल्कि लोगों में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी विकसित होगी। ग्राम बोरसर की यह पहल अब अन्य गांवों के लिए भी प्रेरणा बनती नजर आ रही है। सामाजिक सुधार के लिए इस तरह के सख्त और सकारात्मक कदम उठाने की जरूरत महसूस की जा रही है।

 

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