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मानसून की बेरुखी से बुरहानपुर परेशान: बारिश का इंतजार, किसान चिंतित, इंद्र देव को मनाने शुरू हुए भजन-कीर्तन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बुरहानपुर
Published by: बुरहानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 19 Jun 2026 10:06 PM IST
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सार
बुरहानपुर जिले में मानसून की शुरुआती बारिश के बाद वर्षा थम जाने से किसान और आमजन परेशान हैं। खेत तैयार होने के बावजूद बुवाई नहीं हो पा रही है। बढ़ती गर्मी और उमस ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
बारिश के लिए पूजा-पाठ का सहारा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बुरहानपुर जिले में मानसून की शुरुआती दस्तक के बाद बारिश का सिलसिला थम जाने से किसान और आमजन दोनों परेशान हैं। 2 जून को हुई पहली बारिश के बाद अब तक जिले में अच्छी वर्षा नहीं हुई है। आसमान में बादल तो नजर आ रहे हैं, लेकिन बरस नहीं रहे। लगातार बढ़ती गर्मी और उमस ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। वहीं खेतों में बुवाई की तैयारी कर चुके किसान अब बारिश का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
खेत तैयार, लेकिन बुवाई पर लगा ब्रेक
किसानों का कहना है कि हर साल जून के पहले या दूसरे सप्ताह तक बुवाई का काम शुरू हो जाता है, लेकिन इस बार मानसून की सुस्ती ने खेती की पूरी योजना बिगाड़ दी है। किसान संतोष सिंह ने बताया कि वह हर साल 7 जून तक बोवनी कर लेते हैं, लेकिन इस बार बारिश नहीं होने के कारण खेत तैयार होने के बावजूद बीज नहीं डाल पा रहे हैं। वहीं किसान अभय सिंह चौहान का कहना है कि सामान्य परिस्थितियों में 20 जून तक खेतों में फसल अंकुरित होने लगती है, लेकिन इस बार हालात पूरी तरह अलग हैं। बारिश नहीं होने से किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।
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उमस और गर्मी ने बढ़ाई लोगों की परेशानी
बारिश नहीं होने का असर केवल खेती पर ही नहीं पड़ा है, बल्कि आमजन का जीवन भी प्रभावित हो रहा है। दिनभर की चिपचिपी गर्मी और तेज धूप के कारण लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। ग्रामीण इलाकों में पानी की कमी और मौसम की अनिश्चितता ने लोगों की चिंता को और बढ़ा दिया है। लोग बारिश की आस में आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं।
इंद्र देव को मनाने शुरू हुए धार्मिक अनुष्ठान
अच्छी बारिश की कामना को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में धार्मिक आस्था का भी अनोखा दृश्य देखने को मिल रहा है। कई गांवों में लोगों ने इंद्र देव को प्रसन्न करने के लिए भजन-कीर्तन और पूजा-अर्चना शुरू कर दी है। वहीं आदिवासी समाज के बच्चे भी पारंपरिक मान्यताओं के तहत घर-घर जाकर भीख मांग रहे हैं और भगवान हनुमान से अच्छी बारिश की प्रार्थना कर रहे हैं।
परंपराओं और टोटकों के सहारे बारिश की उम्मीद
ग्रामीणों का मानना है कि ऐसे पारंपरिक अनुष्ठानों और टोटकों से इंद्र देव प्रसन्न होते हैं और अच्छी वर्षा होती है। इसी विश्वास के साथ गांवों में पूजा-पाठ और धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं। किसान, मजदूर और आमजन सभी की निगाहें अब आसमान पर टिकी हुई हैं। लोगों को उम्मीद है कि जल्द ही मानसून मेहरबान होगा और बारिश की फुहारें न केवल धरती की प्यास बुझाएंगी, बल्कि किसानों के चेहरों पर भी मुस्कान लौटाएंगी। फिलहाल पूरे जिले में बारिश का इंतजार सबसे बड़ी चिंता बना हुआ है।
