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MP Politics: मध्य प्रदेश में राजनीतिक जमीन तलाशने को चंद्रशेखर का शक्ति प्रदर्शन, कहा- अब सत्ता के लिए लड़ेंगे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मध्य प्रदेश
Published by: हिमांशु प्रियदर्शी
Updated Sun, 12 Feb 2023 07:11 PM IST
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सार
आजाद समाज पार्टी भी मध्य प्रदेश में राजनीतिक जमीन तलाशने में जुट गई है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद के नेतृत्व में रविवार को भोपाल के भेल दशहरा मैदान में शक्ति प्रदर्शन हुआ। चंद्रशेखर ने दावा किया कि अगला चरण सत्ता के लिए होगा।
आजाद समाज पार्टी ने भोपाल के भेल दशहरा मैदान में किया शक्ति प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भोपाल में आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने रविवार को भेल दशहरा मैदान पर शक्ति प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने दलितों, आदिवासियों और पिछड़ा वर्ग संगठनों को एक मंच पर आने की अपील की। आजाद ने कहा कि हमारा अगला चरण सत्ता के लिए होगा। मध्य प्रदेश में इसी साल नवंबर-दिसंबर में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसके लिए भाजपा-कांग्रेस जैसी प्रमुख पार्टियों के साथ-साथ छोटी-छोटी पार्टियों ने भी अपनी जमीन तलाशना शुरू कर दी है। आजाद समाज पार्टी भी इनमें से एक है।
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‘प्रदेश में संविधान का राज चलेगा और बहुजन साथ चलेगा’
आजाद समाज पार्टी ने 15 सूत्री मांगें रखी हैं। इसमें प्रमोशन में आरक्षण, जातिगत जनगणना और आरक्षण को संविधान की नौवीं अनुसूची का हिस्सा बनाना शामिल है। चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि यह यात्रा का पहला चरण है। इस तरह की पांच यात्राएं होंगी। हर बार पहले से दोगुनी संख्या में समर्थक जुटेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की घोषणाओं से पेट नहीं भरेगा, हम थक चुके हैं। हम दलित, आदिवासी और पिछड़े भी एकजुट होकर चुनाव लड़ेंगे। अब प्रदेश में संविधान का राज चलेगा और बहुजन साथ चलेगा।
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आजाद ने सभा के सामने रखे पार्टी के मुद्दे
चंद्रशेखर ने कहा कि आजाद समाज पार्टी के मुद्दे ही कुछ ऐसे हैं कि सामाजिक और कर्मचारी संगठन भी पार्टी के साथ है। उदाहरण के लिए पार्टी ओबीसी को 52 प्रतिशत आरक्षण चाहती है। स्कूल के अतिथि शिक्षकों और आशा कार्यकर्ताओं को नियमित करना चाहती है, जो लंबे समय से इसके लिए आंदोलन कर रहे हैं। 2018 में आदिवासियों के खिलाफ दर्ज हुए आपराधिक मामले वापस लेने की मांग कर रही है। कोरोना काल में काम करने वाले लैब टेक्निशियन और अन्य लोगों को नियमित करने की मांग कर रही है। पुलिस में वीकली ऑफ, पुरानी पेंशन योजना लागू करना भी पार्टी के एजेंडे में है। सफाई कर्मचारी की सीवर में मौत होने पर परिवार को रोजगार और एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग भी शामिल है।
भेल दशहरा मैदान में शक्ति प्रदर्शन के दौरान उमड़े चंद्रशेखर आजाद के समर्थक
- फोटो : अमर उजाला
भाजपा-कांग्रेस से नाराज नेताओं का प्रदर्शन में लगा जमावड़ा
आजाद समाज पार्टी इस प्रदर्शन की तैयारी बड़े दिनों से कर रही थी, यह दिखा भी। दो लाख से अधिक लोग इस प्रदर्शन में शामिल हुए। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील कुमार आस्तेय ने तो प्रदर्शन में पांच लाख लोगों के आने का दावा किया है। भाजपा से निकाले गए ओबीसी नेता प्रीतम लोधी, व्यापम कांड के व्हिसलब्लोअर और जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) से जुड़े डॉ. आनंद राय, सुनील बैरसिया समेत भीम आर्मी के कार्यकर्ता भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए।
आजाद समाज पार्टी के इस आयोजन में ऐसे नेता शामिल हुए जो किसी न किसी वजह से कांग्रेस व भाजपा से नाराज चल रहे हैं। खासकर दलित और ओबीसी नेताओं का जमावड़ा भाजपा के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है। कई जिलों से जिला पंचायत, जनपद पंचायत सदस्यों के साथ ही सरपंच और पार्षद भी बड़ी संख्या में प्रदर्शन में शामिल हुए। इसे देखते हुए लग रहा है कि आजाद समाज पार्टी भी इस साल विधानसभा चुनावों में किस्मत आजमाएगी।
आजाद समाज पार्टी इस प्रदर्शन की तैयारी बड़े दिनों से कर रही थी, यह दिखा भी। दो लाख से अधिक लोग इस प्रदर्शन में शामिल हुए। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील कुमार आस्तेय ने तो प्रदर्शन में पांच लाख लोगों के आने का दावा किया है। भाजपा से निकाले गए ओबीसी नेता प्रीतम लोधी, व्यापम कांड के व्हिसलब्लोअर और जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) से जुड़े डॉ. आनंद राय, सुनील बैरसिया समेत भीम आर्मी के कार्यकर्ता भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए।
आजाद समाज पार्टी के इस आयोजन में ऐसे नेता शामिल हुए जो किसी न किसी वजह से कांग्रेस व भाजपा से नाराज चल रहे हैं। खासकर दलित और ओबीसी नेताओं का जमावड़ा भाजपा के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है। कई जिलों से जिला पंचायत, जनपद पंचायत सदस्यों के साथ ही सरपंच और पार्षद भी बड़ी संख्या में प्रदर्शन में शामिल हुए। इसे देखते हुए लग रहा है कि आजाद समाज पार्टी भी इस साल विधानसभा चुनावों में किस्मत आजमाएगी।

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