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कोल्ड्रिफ सिरप कांड में पहली राहत: हाईकोर्ट ने श्रीसन फार्मा के MR को दी जमानत,नौ माह से थे न्यायिक हिरासत में
Fri, 24 Jul 2026 09:52 PM IST
छिंदवाड़ा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा
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Published by: छिंदवाड़ा ब्यूरो
Updated Fri, 24 Jul 2026 09:52 PM IST
सार
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने बहुचर्चित कोल्ड्रिफ सिरप कांड में पहली बार किसी आरोपी को जमानत दी। मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव सतीश वर्मा को 50-50 हजार रुपये के मुचलके पर राहत मिली। अदालत ने माना कि उनका दवा निर्माण या गुणवत्ता नियंत्रण से सीधा संबंध नहीं था। मामला ट्रायल कोर्ट में विचाराधीन है।
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विस्तार
बहुचर्चित कोल्ड्रिफ सिरप कांड में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट, जबलपुर से पहली बार किसी आरोपी को जमानत मिली है। न्यायालय ने श्रीसन फार्मा कंपनी के मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (एमआर) सतीश वर्मा की जमानत याचिका स्वीकार करते हुए उन्हें 50 हजार रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की सक्षम जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए हैं। सतीश वर्मा 28 अक्टूबर 2025 से न्यायिक हिरासत में हैं।
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23 जुलाई को न्यायमूर्ति अजय कुमार निरंकारी की एकलपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया। आवेदक की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेंद्र सिंह तथा अधिवक्ता कपिल पाठक ने पैरवी की, जबकि राज्य शासन की ओर से लोक अभियोजक सीएम तिवारी ने जमानत का विरोध किया।
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बचाव पक्ष ने रखा यह पक्ष
जमानत याचिका में बचाव पक्ष ने दलील दी कि सतीश वर्मा कंपनी में केवल मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के रूप में कार्यरत थे और उनका काम कंपनी द्वारा सीलबंद पैक में उपलब्ध कराए गए कोल्ड्रिफ सिरप का प्रचार-प्रसार एवं विक्रय करना था। उनका उत्पाद के निर्माण या गुणवत्ता नियंत्रण से कोई संबंध नहीं था। यह भी कहा गया कि रिकॉर्ड पर ऐसा कोई साक्ष्य नहीं है जिससे यह साबित हो सके कि उन्हें कथित रूप से असुरक्षित दवा या निर्माण प्रक्रिया में किसी अनियमितता की जानकारी थी।
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बचाव पक्ष ने यह भी बताया कि आरोपी पिछले नौ महीने से जेल में है। मुकदमे के पूरा होने में अभी लंबा समय लग सकता है और वे छिंदवाड़ा जिले के स्थायी निवासी हैं। ऐसे में उनके फरार होने की संभावना नहीं है तथा वे न्यायालय की सभी शर्तों का पालन करने को तैयार हैं।
राज्य ने किया विरोध, कोर्ट ने दी राहत
राज्य सरकार की ओर से जमानत आवेदन का विरोध किया गया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और केस डायरी का अवलोकन करने के बाद हाईकोर्ट ने मामले के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी किए बिना सतीश वर्मा को जमानत पर रिहा करना उचित माना। न्यायालय ने आदेश दिया कि संबंधित ट्रायल कोर्ट की संतुष्टि के अनुसार 50 हजार रुपय़े का निजी बांड और इतनी ही राशि की सक्षम जमानत प्रस्तुत करने पर आरोपी को रिहा किया जाएगा। साथ ही मुकदमे की प्रत्येक निर्धारित तारीख पर अदालत में उपस्थित रहने और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 480(3) के प्रावधानों का पालन करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
मामले में पहली जमानत
कोल्ड्रिफ सिरप कांड में यह पहली जमानत मानी जा रही है। अब इस आदेश के बाद मामले के अन्य आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर भी कानूनी बहस तेज होने की संभावना है। वहीं, मुख्य प्रकरण की सुनवाई ट्रायल कोर्ट में जारी रहेगी।
