MP: चाय की टपरी पर 'कमीशन' का खेल, 6% के फेर में छिंदवाड़ा का बाबू और पंप अटेंडेंट लोकायुक्त के जाल में फंसे
छिंदवाड़ा में लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने पीएचई (PHE) विभाग के एक बड़े भ्रष्टाचार का भंडाफोड़ किया है। विभाग के बाबू संदेश गजभिये ने एक ठेकेदार से उसके बकाया भुगतान के बदले 6 प्रतिशत (करीब 25 हजार रुपये) कमीशन की मांग की थी।
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चाय की टपरी पर 'कमीशन' का सौदा, 14 हजार लेते धराए
मामला परासिया तहसील के अंबाड़ा गांव का है। यहाँ के निवासी ठेकेदार सौरभ मिश्रा को पीएचई विभाग में निर्माण कार्य का ठेका मिला था। जब उनके किए गए काम का करीब 4.11 लाख रुपये का भुगतान उनके खाते में आया, तो विभाग में पदस्थ बाबू संदेश गजभिये ने 6 प्रतिशत कमीशन के हिसाब से 25 हजार रुपये की रिश्वत मांगनी शुरू कर दी। काफी मोलभाव के बाद यह सौदा 14 हजार रुपये में तय हुआ। रिश्वत की रकम लेने के लिए खजरी रोड स्थित एक चाय की टपरी को चुना गया, जहाँ लोकायुक्त की टीम ने पहले से ही घेराबंदी कर रखी थी।
बाबू का 'मिडलमैन' बना पंप अटेंडेंट
शातिर बाबू संदेश गजभिये खुद सीधे पैसे लेकर फंसना नहीं चाहता था, इसलिए उसने पंप अटेंडेंट दर्पण मिश्रा को रिश्वत की रकम वसूलने के लिए 'मिडलमैन' के तौर पर आगे कर दिया। जैसे ही ठेकेदार ने चाय की टपरी पर दर्पण मिश्रा को 14 हजार रुपये थमाए, वैसे ही सादे कपड़ों में तैनात लोकायुक्त की टीम ने उसे दबोच लिया। जब उसके हाथ धुलाए गए तो वे गुलाबी हो गए, जिससे रिश्वत लेने की पुष्टि हो गई।
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भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज
लोकायुक्त टीम ने इस मामले में पंप अटेंडेंट दर्पण मिश्रा और मुख्य साजिशकर्ता बाबू संदेश गजभिये दोनों को आरोपी बनाया है। दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की विभिन्न धाराओं (7, 12, 13(1)(B) और 13(2)) के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस पूरी कार्रवाई को निरीक्षक शशिकला मस्कुले, निरीक्षक जितेंद्र यादव और उप निरीक्षक शिशिर पांडेय की टीम ने सफलतापूर्वक अंजाम दिया।

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