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Chhindwara News: पुलिस लाइन की महिला हेड कॉन्स्टेबल ने सूने घर में दी जान, धुएं का गुबार उठते ही दौड़े पड़ोसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा
Published by: छिंदवाड़ा ब्यूरो
Updated Wed, 03 Jun 2026 02:15 PM IST
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सार
पुलिस लाइन में पदस्थ महिला प्रधान आरक्षक दीपा नेगी अपने प्रियदर्शनी कॉलोनी स्थित घर में मृत मिलीं। घर से धुआं उठने पर पड़ोसियों ने सूचना दी। दरवाजा अंदर से बंद था। प्रारंभिक जांच में आत्महत्या की आशंका जताई गई है। पुलिस के अनुसार वह लंबे समय से अवसाद से जूझ रही थीं। जांच जारी है।
जांच करती टीम
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विस्तार
देहात थाना क्षेत्र की प्रियदर्शनी कॉलोनी बुधवार सुबह उस वक्त सन्न रह गई, जब पुलिस लाइन में पदस्थ महिला प्रधान आरक्षक दीपा नेगी अपने सूने मकान में मृत मिलीं। मकान से उठते धुएं ने पहले पड़ोसियों को चौंकाया, फिर कुछ ही देर में पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर पुलिस और परिजन मौके पर पहुंचे। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। जब पुलिस ने दरवाजा खोलकर अंदर प्रवेश किया तो महिला प्रधान आरक्षक मृत अवस्था में मिलीं। आशंका जताई जा रही है कि उन्होंने खुद को आग लगा ली।
प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मृतका पिछले लंबे समय से मानसिक अवसाद से जूझ रही थीं और उनका उपचार नागपुर में चल रहा था। हालांकि पुलिस ने मामले की जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर शुरू कर दी है।
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सुबह सामान्य थीं, कुछ देर बाद मिली मौत की खबर
परिजनों के मुताबिक बुधवार सुबह तक सब कुछ सामान्य था। दीपा नेगी अपनी मां के घर पर थीं और रोजमर्रा की तरह बातचीत भी कर रही थीं। उन्होंने परिजनों से कहा कि वाहन में पेट्रोल डलवाने जा रही हैं। किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही देर बाद ऐसी दुखद खबर मिलेगी। मां के घर से निकलने के बाद वह सीधे प्रियदर्शनी कॉलोनी स्थित अपने मकान पहुंचीं। यह मकान उस समय सूना था। बताया जा रहा है कि उन्होंने घर के अंदर प्रवेश करने के बाद खुद को कमरे में बंद कर लिया।
धुआं उठा तो पड़ोसियों को हुई अनहोनी की आशंका
कुछ समय बाद घर के भीतर से धुआं उठता दिखाई दिया। पहले लोगों को लगा कि शायद घर में कोई तकनीकी खराबी या आग की घटना हुई है, लेकिन जब धुआं लगातार बढ़ता गया तो पड़ोसियों ने तुरंत परिजनों को सूचना दी। घटना की जानकारी मिलते ही मृतका की मां और उनकी बेटी मौके पर पहुंचीं। स्थानीय लोगों की भीड़ भी जमा हो गई। अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर पुलिस को सूचना दी गई।
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दरवाजा अंदर से बंद मिला
देहात थाना पुलिस मौके पर पहुंची तो घर का दरवाजा अंदर से बंद था। पुलिस ने दरवाजा खोलकर कमरे में प्रवेश किया। अंदर का दृश्य देखकर सभी स्तब्ध रह गए। महिला प्रधान आरक्षक मृत अवस्था में पड़ी थीं। पुलिस ने तुरंत पूरे क्षेत्र को घेराबंदी कर सुरक्षित किया और वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी। कुछ ही देर में सीएसपी अजय राणा सहित अन्य अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। आशंका जताई जा रही है कि महिला ने खुद को आग लगाई है।
पति के निधन के बाद संभाली थी परिवार की जिम्मेदारी
दीपा नेगी का जीवन संघर्षों से भरा रहा। जानकारी के अनुसार उनके पति का कुछ वर्ष पूर्व निधन हो गया था। पति की मृत्यु के बाद उन्हें पुलिस विभाग में अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। नौकरी मिलने के बाद उन्होंने परिवार की जिम्मेदारियां संभालीं और अपनी बेटी के भविष्य के लिए लगातार संघर्ष करती रहीं। करीबी लोगों का कहना है कि पति की मौत के बाद से वह कई बार मानसिक रूप से परेशान रहती थीं। हालांकि उन्होंने हमेशा अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया और नौकरी के साथ परिवार को भी संभालने का प्रयास किया।
बेटी पर टूटा दुखों का पहाड़
घटना ने परिवार को पूरी तरह झकझोर दिया है। मृतका की 16 वर्षीय बेटी कक्षा दसवीं की छात्रा है। पहले पिता का साया सिर से उठा और अब मां के निधन ने उसे गहरे सदमे में डाल दिया है। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। स्थानीय लोगों के अनुसार मां-बेटी के बीच गहरा लगाव था और बेटी की पढ़ाई तथा भविष्य को लेकर दीपा नेगी हमेशा चिंतित रहती थीं।
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एफएसएल टीम ने की बारीकी से जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम को मौके पर बुलाया। टीम ने घटनास्थल से विभिन्न नमूने और साक्ष्य एकत्र किए। घर के भीतर मौजूद परिस्थितियों का सूक्ष्म निरीक्षण किया गया। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना से पहले मृतका ने किसी परिजन, परिचित या सहकर्मी से बातचीत की थी या नहीं। मोबाइल फोन और अन्य तकनीकी पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
सीएसपी बोले- डिप्रेशन का उपचार चल रहा था
सीएसपी अजय राणा ने बताया कि शुरुआती जांच में महिला प्रधान आरक्षक के लंबे समय से डिप्रेशन में होने की जानकारी सामने आई है। उनका उपचार नागपुर में चल रहा था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की विस्तृत जांच जारी है। घटना की खबर फैलते ही पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ गई। सहकर्मी और अधिकारी घटना से स्तब्ध नजर आए। जिला अस्पताल और घटनास्थल पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी पहुंचे। सभी के बीच यही चर्चा रही कि एक जिम्मेदार और कर्तव्यनिष्ठ कर्मचारी का इस तरह जाना बेहद दुखद है। फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट, एफएसएल जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की हर एंगल से जांच कर रही है। शुरुआती तौर पर मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

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