'साहब...अब अकेला नहीं रहा जाता': 50 वर्षीय दिव्यांग ने कलेक्टर से लगाई शादी की गुहार, कहा- 12 साल से तन्हा हूं
Damoh: दमोह की जनसुनवाई में 50 वर्षीय दिव्यांग नरेंद्र सिंह ठाकुर ने कलेक्टर से दूसरी शादी और राशन की मांग की। पहली पत्नी के निधन के बाद वह अकेले रह रहे हैं। कलेक्टर ने स्वास्थ्य परीक्षण, उपचार और राशन संबंधी सहायता के निर्देश दिए।
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जनसुनवाई में आमतौर पर जमीन, सड़क, बिजली, पेंशन या राशन से जुड़ी शिकायतें आती हैं, लेकिन मंगलवार को दमोह कलेक्ट्रेट में एक ऐसा मामला सामने आया जिसने अधिकारियों और वहां मौजूद लोगों को भावुक कर दिया। तेंदूखेड़ा थाना क्षेत्र के बमोरी गांव निवासी 50 वर्षीय दिव्यांग नरेंद्र सिंह ठाकुर कलेक्टर प्रताप नारायण यादव के सामने पहुंचे और हाथ जोड़कर बोले, "साहब...अब अकेला नहीं रहा जाता, मेरी शादी करवा दीजिए। नरेंद्र सिंह ने बताया कि वह अनाथ हैं। उन्हें सुनने में परेशानी होती है और चलने-फिरने में भी दिक्कत है। उनकी पहली पत्नी का वर्ष 2014 में निधन हो गया था। तब से वह अकेले जीवन गुजार रहे हैं। उन्होंने कलेक्टर से दूसरी शादी कराने के साथ ही राशन की व्यवस्था कराने की भी मांग की।
'भगवान मेरे लिए भी इंतजाम करेंगे'
जब अधिकारियों ने उनसे पूछा कि वह काम नहीं कर पाते, ऐसे में विवाह कैसे होगा, तो नरेंद्र ने मुस्कुराते हुए कहा, "जिस तरह अजगर और पक्षियों के भोजन की व्यवस्था भगवान करते हैं, उसी तरह मेरे लिए भी जीवनसाथी की व्यवस्था भगवान करेंगे।" उनका यह जवाब सुनकर वहां मौजूद लोग भावुक हो गए।
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कलेक्टर ने दिए स्वास्थ्य परीक्षण के निर्देश
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने नरेंद्र की पूरी बात गंभीरता से सुनी। उन्होंने तत्काल जिला अस्पताल के प्रबंधक डॉ. सुरेंद्र विक्रम सिंह को बुलाकर स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार कराने के निर्देश दिए। साथ ही राशन संबंधी समस्या की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने को भी कहा।
अकेलेपन और मजबूरी की दर्दभरी कहानी
यह मामला केवल शादी की मांग का नहीं, बल्कि अकेलेपन, दिव्यांगता और आर्थिक कठिनाइयों से जूझ रहे एक व्यक्ति की पीड़ा को सामने लाता है। प्रशासन ने भी संवेदनशीलता दिखाते हुए पहले उनके स्वास्थ्य और सरकारी सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया। यह घटना बताती है कि जनसुनवाई केवल शिकायतों के समाधान का मंच नहीं, बल्कि जरूरतमंद लोगों तक मदद पहुंचाने का भी माध्यम है।
