{"_id":"69057f9a12fa06b50b0ea004","slug":"153-blackbucks-released-in-durgawati-tiger-reserve-damoh-news-c-1-1-noi1223-3579014-2025-11-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Damoh News: हेलीकॉप्टर से पहली बार चला अनोखा रेस्क्यू अभियान, दुर्गावती टाइगर रिजर्व में छोड़े 153 काले हिरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Damoh News: हेलीकॉप्टर से पहली बार चला अनोखा रेस्क्यू अभियान, दुर्गावती टाइगर रिजर्व में छोड़े 153 काले हिरण
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
Published by: दमोह ब्यूरो
Updated Sat, 01 Nov 2025 09:35 AM IST
विज्ञापन
सार
शाजापुर से हेलिकॉप्टर में रेस्क्यू करके लाए गए काले हिरणों को दमोह-जबलपुर मार्ग पर स्थित वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में सुरक्षित रूप से छोड़ा गया।
बाड़े में छोड़े जा रहे काले हिरण
विज्ञापन
विस्तार
प्रदेश के सबसे बड़े रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में शुक्रवार को सैकड़ों की संख्या में काले हिरणों को छोड़ा गया। इन्हें शाजापुर के जंगलों से हेलीकॉप्टर के माध्यम से लाया गया। इस अभियान में दक्षिण अफ्रीका से आई विशेषज्ञ टीम ने भाग लिया। अब ये काले हिरण टाइगर रिजर्व की शोभा बढ़ाएंगे।
पहली बार चला अनोखा अभियान
यह पहली बार हुआ है जब हिरणों का रेस्क्यू हेलीकॉप्टर से किया गया। इस अभियान को सफल बनाने के लिए दक्षिण अफ्रीका की टीम विशेष रूप से भारत आई थी। बताया जा रहा है कि ऐसा अभियान भारत में पहली बार चलाया गया है।
शाजापुर जिले के जंगलों में हजारों की संख्या में काले हिरण मौजूद हैं। पहले वन विभाग ने अपने स्तर पर इन्हें नियंत्रित करने के प्रयास किए, लेकिन सफलता नहीं मिली। दूसरी ओर किसान फसलों को नुकसान पहुंचने से बेहद परेशान थे। काले हिरणों द्वारा फसलों को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाए जाने की समस्या को देखते हुए यह मामला विधानसभा में भी उठाया गया। इसके बाद वन विभाग ने रेस्क्यू अभियान चलाने का निर्णय लिया और दक्षिण अफ्रीका से विशेषज्ञों को बुलाया गया।
ये भी पढ़ें: MP News: अब दिसंबर 2026 तक डीजीपी रहेंगे कैलाश मकवाना, गृह विभाग ने जारी किया आदेश
टीम ने हेलीकॉप्टर की मदद से काले हिरणों का सफल रेस्क्यू किया और उन्हें वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में सुरक्षित छोड़ दिया गया।
ऐसे किया गया रेस्क्यू
अफ्रीकी टीम ने शाजापुर के ग्रामीण इलाकों में बोमा तकनीक और हेलीकॉप्टर की मदद से काले हिरणों को सुरक्षित पकड़ा। इसके बाद उन्हें अन्य पार्कों और वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में छोड़ा गया। यह अभियान किसानों की फसलों को हिरणों से होने वाले नुकसान को कम करने के उद्देश्य से किया गया है।
वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व के उपवनमंडल अधिकारी बी.पी. तिवारी ने बताया कि शाजापुर जिले से अब तक 153 काले हिरण रिजर्व में लाए जा चुके हैं और आगे भी यह प्रक्रिया जारी रहेगी।
Trending Videos
पहली बार चला अनोखा अभियान
यह पहली बार हुआ है जब हिरणों का रेस्क्यू हेलीकॉप्टर से किया गया। इस अभियान को सफल बनाने के लिए दक्षिण अफ्रीका की टीम विशेष रूप से भारत आई थी। बताया जा रहा है कि ऐसा अभियान भारत में पहली बार चलाया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
शाजापुर जिले के जंगलों में हजारों की संख्या में काले हिरण मौजूद हैं। पहले वन विभाग ने अपने स्तर पर इन्हें नियंत्रित करने के प्रयास किए, लेकिन सफलता नहीं मिली। दूसरी ओर किसान फसलों को नुकसान पहुंचने से बेहद परेशान थे। काले हिरणों द्वारा फसलों को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाए जाने की समस्या को देखते हुए यह मामला विधानसभा में भी उठाया गया। इसके बाद वन विभाग ने रेस्क्यू अभियान चलाने का निर्णय लिया और दक्षिण अफ्रीका से विशेषज्ञों को बुलाया गया।
ये भी पढ़ें: MP News: अब दिसंबर 2026 तक डीजीपी रहेंगे कैलाश मकवाना, गृह विभाग ने जारी किया आदेश
टीम ने हेलीकॉप्टर की मदद से काले हिरणों का सफल रेस्क्यू किया और उन्हें वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में सुरक्षित छोड़ दिया गया।
ऐसे किया गया रेस्क्यू
अफ्रीकी टीम ने शाजापुर के ग्रामीण इलाकों में बोमा तकनीक और हेलीकॉप्टर की मदद से काले हिरणों को सुरक्षित पकड़ा। इसके बाद उन्हें अन्य पार्कों और वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में छोड़ा गया। यह अभियान किसानों की फसलों को हिरणों से होने वाले नुकसान को कम करने के उद्देश्य से किया गया है।
वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व के उपवनमंडल अधिकारी बी.पी. तिवारी ने बताया कि शाजापुर जिले से अब तक 153 काले हिरण रिजर्व में लाए जा चुके हैं और आगे भी यह प्रक्रिया जारी रहेगी।

बाड़े में छोड़े जा रहे काले हिरण

बाड़े में छोड़े जा रहे काले हिरण

बाड़े में छोड़े जा रहे काले हिरण

कमेंट
कमेंट X