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MP News: बीच सड़क बिछा लोकायुक्त का जाल, घूसखोरों का बुरा हाल, तीन कर्मचारी गिरफ्तार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
Published by: दमोह ब्यूरो
Updated Tue, 05 May 2026 07:48 AM IST
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सार
दमोह जिले में लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई में शिक्षा विभाग के तीन कर्मचारियों को 80 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया। बहाली और जांच खत्म कराने के नाम पर वसूली की जा रही थी।
80 हजार की रिश्वत लेते 3 कर्मचारी रंगे हाथ गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दमोह जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शिक्षा विभाग से जुड़े तीन कर्मचारियों को 80 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। सोमवार शाम करीब 7 बजे पॉलिटेक्निक कॉलेज के सामने जबलपुर रोड पर हुई इस कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मच गया।
शिकायत से खुला मामला
जानकारी के अनुसार, पटेरा स्थित शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में पदस्थ प्राथमिक शिक्षक नवेंद्र कुमार आठिया ने सागर लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि निलंबन अवधि से बहाली और विभागीय जांच समाप्त कराने के नाम पर उनसे 80 हजार रुपए की रिश्वत मांगी जा रही थी।
योजनाबद्ध तरीके से बिछाया जाल
शिकायत के सत्यापन के बाद लोकायुक्त टीम ने पूरी योजना के तहत जाल बिछाया। तय प्लान के अनुसार जैसे ही आवेदक ने आरोपियों को रकम सौंपी, टीम ने मौके पर दबिश देकर तीनों को रंगे हाथों पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों में अनिल कुमार साहू (माध्यमिक शिक्षक), मनोज कुमार श्रीवास्तव (सहायक ग्रेड-2) और नीरज कुमार सोनी (सहायक ग्रेड-3) शामिल हैं।
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यह भी पढ़ें-चार साल में पूरी हुई परीक्षा, फिर भी नहीं मिली नौकरी, अब 6 मई को DPI का घेराव करेंगे चयनित शिक्षक
पीड़ित ने बताई पूरी आपबीती
आवेदक नवेंद्र कुमार आठिया ने बताया कि उन्हें करीब आठ महीने पहले निलंबित कर दिया गया था और तब से वे घर पर थे। बहाली आदेश जारी होने के बावजूद विभागीय अधिकारियों द्वारा जांच के नाम पर लगातार पैसों की मांग की जा रही थी। करीब 15 दिन पहले 80 हजार रुपए में मामला निपटाने की सहमति बनी थी।
लोकायुक्त ने ऐसे की कार्रवाई
पीड़ित ने इसकी सूचना लोकायुक्त सागर को दी। इसके बाद टीम ने रेकी कर ट्रैप प्लान तैयार किया और सोमवार शाम कार्रवाई को अंजाम दिया। पूरी कार्रवाई महानिदेशक लोकायुक्त के निर्देश, वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन और सागर लोकायुक्त टीम की निगरानी में की गई।
जांच और कानूनी कार्रवाई शुरू
ट्रैप टीम में निरीक्षक मंजू किरण तिर्की, निरीक्षक रंजीत सिंह सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे। जांच अधिकारी निरीक्षक किरण तिर्की ने बताया कि तीनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जबलपुर नाका चौकी के माध्यम से आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। लोकायुक्त ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई भी शासकीय कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है, तो हेल्पलाइन नंबर 8435794333 पर शिकायत दर्ज कराएं।
शिकायत से खुला मामला
जानकारी के अनुसार, पटेरा स्थित शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में पदस्थ प्राथमिक शिक्षक नवेंद्र कुमार आठिया ने सागर लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि निलंबन अवधि से बहाली और विभागीय जांच समाप्त कराने के नाम पर उनसे 80 हजार रुपए की रिश्वत मांगी जा रही थी।
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योजनाबद्ध तरीके से बिछाया जाल
शिकायत के सत्यापन के बाद लोकायुक्त टीम ने पूरी योजना के तहत जाल बिछाया। तय प्लान के अनुसार जैसे ही आवेदक ने आरोपियों को रकम सौंपी, टीम ने मौके पर दबिश देकर तीनों को रंगे हाथों पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों में अनिल कुमार साहू (माध्यमिक शिक्षक), मनोज कुमार श्रीवास्तव (सहायक ग्रेड-2) और नीरज कुमार सोनी (सहायक ग्रेड-3) शामिल हैं।
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पीड़ित ने बताई पूरी आपबीती
आवेदक नवेंद्र कुमार आठिया ने बताया कि उन्हें करीब आठ महीने पहले निलंबित कर दिया गया था और तब से वे घर पर थे। बहाली आदेश जारी होने के बावजूद विभागीय अधिकारियों द्वारा जांच के नाम पर लगातार पैसों की मांग की जा रही थी। करीब 15 दिन पहले 80 हजार रुपए में मामला निपटाने की सहमति बनी थी।
लोकायुक्त ने ऐसे की कार्रवाई
पीड़ित ने इसकी सूचना लोकायुक्त सागर को दी। इसके बाद टीम ने रेकी कर ट्रैप प्लान तैयार किया और सोमवार शाम कार्रवाई को अंजाम दिया। पूरी कार्रवाई महानिदेशक लोकायुक्त के निर्देश, वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन और सागर लोकायुक्त टीम की निगरानी में की गई।
जांच और कानूनी कार्रवाई शुरू
ट्रैप टीम में निरीक्षक मंजू किरण तिर्की, निरीक्षक रंजीत सिंह सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे। जांच अधिकारी निरीक्षक किरण तिर्की ने बताया कि तीनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जबलपुर नाका चौकी के माध्यम से आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। लोकायुक्त ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई भी शासकीय कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है, तो हेल्पलाइन नंबर 8435794333 पर शिकायत दर्ज कराएं।
