दमोह शहर के फुटेरा वार्ड क्रमांक-3 में एक निर्माणाधीन मकान की खुदाई के दौरान ब्रिटिशकालीन चांदी के सिक्के मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। मामला उस समय और ज्यादा चर्चाओं में आ गया, जब यहां काम कर रहे मजदूरों ने दावा किया कि जमीन से केवल 42 नहीं, बल्कि करीब 35 किलो चांदी के सिक्के निकले थे, जिन्हें कथित रूप से छिपा लिया गया।
{"_id":"6a12c26c9c04e5f8f50ce30d","slug":"damoh-silver-coins-found-during-house-foundation-excavation-42-coins-seized-asi-investigation-begins-damoh-news-c-1-1-noi1513-4317017-2026-05-24","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"MP: नींव खुदाई में निकला चांदी के सिक्कों से भरा घड़ा! ब्रिटिशकालीन 42 सिक्के जब्त; मजदूरों के दावे ने चौंकाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
MP: नींव खुदाई में निकला चांदी के सिक्कों से भरा घड़ा! ब्रिटिशकालीन 42 सिक्के जब्त; मजदूरों के दावे ने चौंकाया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
Published by: दमोह ब्यूरो
Updated Sun, 24 May 2026 04:19 PM IST
सार
दमोह के फुटेरा वार्ड में निर्माणाधीन मकान की खुदाई के दौरान ब्रिटिशकालीन चांदी के सिक्के मिलने से सनसनी फैल गई। मजदूरों ने 30-35 किलो सिक्के मिलने और छिपाने का आरोप लगाया, जबकि मकान मालिक ने इसे गलत बताया। प्रशासन ने 42 सिक्के जब्त कर जांच शुरू की। पुरातत्व विभाग ने सिक्कों को ब्रिटिशकालीन बताया है।
विज्ञापन
दमोह में ब्रिटिशकालीन सिक्के मिले हैं।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यहां हो रही थी नींव की खुदाई
- फोटो : अमर उजाला
किसने किया बाल्टी भर सिक्के निकलने का दावा
मामले में नया मोड़ तब आया, जब मजदूर हीरा पटेल ने गंभीर आरोप लगाए। मजदूर का कहना है कि खुदाई के दौरान एक बाल्टी भरकर चांदी के सिक्के निकले थे, जिनका वजन करीब 30 से 35 किलो तक हो सकता है। आरोप है कि सिक्के मिलने के बाद मजदूरों को 500-500 रुपये देकर वहां से भगा दिया गया। मजदूर हीरा पटेल ने दावा किया कि प्रशासन को पूरी जानकारी नहीं दी गई और बड़ी मात्रा में सिक्के गायब कर दिए गए। हालांकि मकान मालिक आलोक सोनी ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि जितने सिक्के मिले, सभी प्रशासन को सौंप दिए गए हैं। उन्होंने उल्टा मजदूरों पर ही कुछ सिक्के छिपाने का शक जताया।
मौके पर पहुंचा प्रशासन, निर्माण कार्य रुकवाया
घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली टीआई मनीष कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। तहसीलदार और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए निर्माण कार्य तत्काल रुकवा दिया गया और क्षेत्र को प्रशासनिक निगरानी में ले लिया गया। पुलिस ने मौके से 42 चांदी के सिक्के जब्त किए हैं। पूरे क्षेत्र में दिनभर लोगों का जमावड़ा लगा रहा और “दबे खजाने” को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं।
ये भी पढ़ें- AIIMS के डॉक्टरों ने किया दूसरा पोस्टमार्टम, कल SC की विशेष पीठ करेगी सुनवाई, भाई ने उठाई CBI जांच की मांग
मामले में नया मोड़ तब आया, जब मजदूर हीरा पटेल ने गंभीर आरोप लगाए। मजदूर का कहना है कि खुदाई के दौरान एक बाल्टी भरकर चांदी के सिक्के निकले थे, जिनका वजन करीब 30 से 35 किलो तक हो सकता है। आरोप है कि सिक्के मिलने के बाद मजदूरों को 500-500 रुपये देकर वहां से भगा दिया गया। मजदूर हीरा पटेल ने दावा किया कि प्रशासन को पूरी जानकारी नहीं दी गई और बड़ी मात्रा में सिक्के गायब कर दिए गए। हालांकि मकान मालिक आलोक सोनी ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि जितने सिक्के मिले, सभी प्रशासन को सौंप दिए गए हैं। उन्होंने उल्टा मजदूरों पर ही कुछ सिक्के छिपाने का शक जताया।
मौके पर पहुंचा प्रशासन, निर्माण कार्य रुकवाया
घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली टीआई मनीष कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। तहसीलदार और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए निर्माण कार्य तत्काल रुकवा दिया गया और क्षेत्र को प्रशासनिक निगरानी में ले लिया गया। पुलिस ने मौके से 42 चांदी के सिक्के जब्त किए हैं। पूरे क्षेत्र में दिनभर लोगों का जमावड़ा लगा रहा और “दबे खजाने” को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं।
ये भी पढ़ें- AIIMS के डॉक्टरों ने किया दूसरा पोस्टमार्टम, कल SC की विशेष पीठ करेगी सुनवाई, भाई ने उठाई CBI जांच की मांग
Trending Videos
सिक्के मिलने की खबर के बाद पड़ताल करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
पुरातत्व विभाग ने क्या बताया
मौके पर पहुंची पुरातत्व विभाग की टीम ने सिक्कों की प्रारंभिक जांच की। पुरातत्व संरक्षण सहायक शुभम अरजरिया ने बताया कि जब्त किए गए सिक्के 18वीं और 19वीं शताब्दी के ब्रिटिश काल से संबंधित प्रतीत हो रहे हैं। कई सिक्कों पर महारानी विक्टोरिया और जॉर्ज पंचम की आकृतियां बनी हुई हैं। उन्होंने बताया कि सिक्कों की धातु संरचना, निर्माण काल और ऐतिहासिक महत्व की विस्तृत जांच की जा रही है। संभावना जताई जा रही है कि क्षेत्र में और भी पुरातात्विक सामग्री दबे होने की आशंका हो सकती है।
अब होगी मजिस्ट्रियल जांच
प्रशासन ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए मजिस्ट्रियल जांच शुरू कर दी है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि वास्तव में कितने सिक्के निकले थे और क्या किसी स्तर पर सिक्कों को छिपाने की कोशिश की गई। फिलहाल सभी जब्त सिक्कों को सुरक्षित संरक्षण में रखा गया है और आगे की कार्रवाई जारी है।
मौके पर पहुंची पुरातत्व विभाग की टीम ने सिक्कों की प्रारंभिक जांच की। पुरातत्व संरक्षण सहायक शुभम अरजरिया ने बताया कि जब्त किए गए सिक्के 18वीं और 19वीं शताब्दी के ब्रिटिश काल से संबंधित प्रतीत हो रहे हैं। कई सिक्कों पर महारानी विक्टोरिया और जॉर्ज पंचम की आकृतियां बनी हुई हैं। उन्होंने बताया कि सिक्कों की धातु संरचना, निर्माण काल और ऐतिहासिक महत्व की विस्तृत जांच की जा रही है। संभावना जताई जा रही है कि क्षेत्र में और भी पुरातात्विक सामग्री दबे होने की आशंका हो सकती है।
अब होगी मजिस्ट्रियल जांच
प्रशासन ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए मजिस्ट्रियल जांच शुरू कर दी है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि वास्तव में कितने सिक्के निकले थे और क्या किसी स्तर पर सिक्कों को छिपाने की कोशिश की गई। फिलहाल सभी जब्त सिक्कों को सुरक्षित संरक्षण में रखा गया है और आगे की कार्रवाई जारी है।

कमेंट
कमेंट X