Damoh: निर्माणाधीन मकान में करंट लगने से मजदूर की मौत, परिजनों ने मुआवजे की मांग को लेकर किया प्रदर्शन
दमोह के हटा में निर्माणाधीन मकान पर 33 केवी बिजली लाइन की चपेट में आने से मजदूर शरद नामदेव की मौत हो गई। परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया, पुलिस को ज्ञापन सौंपा तथा कार्रवाई और उचित मुआवजे की मांग की।
दमोह के हटा में निर्माणाधीन मकान पर 33 केवी बिजली लाइन की चपेट में आने से मजदूर शरद नामदेव की मौत हो गई। परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया, पुलिस को ज्ञापन सौंपा तथा कार्रवाई और उचित मुआवजे की मांग की।
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दमोह के हटा के गांधी वार्ड में निर्माणाधीन मकान में काम के दौरान 33 केवी विद्युत लाइन की चपेट में आने से एक मजदूर की मौत हो गई। घटना के विरोध में शनिवार को मृतक के परिजनों और स्थानीय लोगों ने थाना पहुंचकर प्रदर्शन किया तथा जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई और उचित मुआवजे की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।
जानकारी के अनुसार शुक्रवार को गांधी वार्ड स्थित पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शिवचरण पटेल के निर्माणाधीन भवन में निर्माण कार्य चल रहा था। इसी दौरान मजदूर शरद पिता मुन्ना नामदेव रेत लेकर नीचे से ऊपर जा रहा था। निर्माण स्थल के पास से गुजर रही 33 केवी विद्युत लाइन की चपेट में आने से वह करंट लगने के बाद नीचे गिर पड़ा। हादसे के तुरंत बाद उसे हटा सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। घटना से परिवार में शोक की लहर फैल गई।
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शनिवार को पोस्टमार्टम और पंचनामा की कार्रवाई पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। इसके बाद परिजन और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग हटा थाना पहुंचे और थाना प्रभारी सुधीर बेगी को ज्ञापन सौंपा। परिजनों का आरोप है कि निर्माण स्थल पर पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं थे। उनका कहना है कि यदि विद्युत लाइन के आसपास आवश्यक सुरक्षा उपाय किए गए होते तो हादसा टाला जा सकता था। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने और मृतक के परिवार को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान निर्माण स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था, विद्युत लाइन की स्थिति और हादसे के कारणों सहित अन्य पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
