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Damoh News: किसानों को पता नहीं बैंक में खाता खुल गया, लोन निकलने के बाद जमीन हो गई बंधक, अब एसपी से शिकायत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
Published by: दमोह ब्यूरो
Updated Wed, 04 Jun 2025 02:30 PM IST
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सार
दमोह सेंट्रल बैंक के प्रबंधक दिलीप निगम का कहना है कि आवेदन मिला है। जांच के लिए उसे रीजनल ऑफिस सागर भेजा गया है। जांच में जो भी सामने आएगा, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
किसान की जमीन बंधक का रिकॉर्ड
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विस्तार
मध्य प्रदेश के दमोह जिले के तेंदूखेड़ा ब्लॉक के दो किसानों का उनकी जानकारी के बिना सेंट्रल बैंक में खाता खुल गया, जिस पर लाखों का लोन निकाल लिया गया और जमीन भी बंधक हो गई। जब भूमि स्वामी को इसकी जानकारी लगी तो वे बैंक पहुंचे, लेकिन बैंक मैनेजर ने कुछ नहीं बताया। कई चक्कर लगाने के बाद भी जब कोई निराकरण नहीं निकला तो मंगलवार को किसानों ने एसपी को शिकायत देकर जांच की मांग की है। साथ ही बैंक में भी शिकायत दर्ज कराई है।
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जानकारी के अनुसार, मामला तेंदूखेड़ा थाना अंतर्गत गुबरा गांव से जुड़ा हुआ है। यहां के दो किसान- गुलाब सिंह ठाकुर और चंदा बाई ठाकुर की भूमि दमोह सेंट्रल बैंक की शाखा में बंधक हो गई। दो वर्ष पूर्व दोनों की भूमि पर किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से राशि भी निकाल ली गई, लेकिन भूमि स्वामियों को इसकी कोई जानकारी नहीं थी। करीब दो माह पहले गुलाब सिंह को कुछ पैसों की जरूरत पड़ी और वे जबलपुर जिले की एक निजी बैंक से लोन लेने पहुंचे। वहां बैंक कर्मियों ने रिकॉर्ड देखा तो पता चला कि उनकी भूमि दमोह की सेंट्रल बैंक शाखा में बंधक है और उस पर कर्ज भी है।
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गुलाब सिंह ने एसपी को दी गई शिकायत में बताया कि मेरी भूमि गुबरा में है, जिसका खसरा नंबर 16, 45, 61/1, 105 है, जिसे सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया दमोह स्टेशन चौराहा द्वारा एक फरवरी 2023 को बंधक बनाया गया है, जिस पर साढ़े आठ लाख रुपये का लोन मंजूर हुआ है। लेकिन, मुझे इसकी कोई जानकारी नहीं है और न ही मैंने इस बैंक में कभी खाता खुलवाया। फिर भी संबंधित बैंक ने मेरी भूमि को बंधक बनाया है। एक माह पूर्व मैंने बैंक में इसकी शिकायत की थी, लेकिन आज तक बैंक ने कोई कार्रवाई नहीं की और न ही मुझे कोई जानकारी दी जा रही है, बल्कि लगातार गुमराह किया जा रहा है। मेरे नाम पर खोले गए फर्जी खाते और संपूर्ण लोन की जांच कराई जाए।
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जाचं के बाद करेंगे कार्रवाई
गुबरा गांव की चंदा बाई की भूमि भी दमोह सेंट्रल बैंक में बंधक हो गई थी। उन्हें भी इसकी कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने बताया कि “दमोह सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में 15 जून 2023 को मेरी भूमि को बंधक बनाकर उस पर पाँच लाख 83 हजार रुपये का लोन मंजूर कर दिया गया है। मैं एक महीने से लगातार बैंक से जानकारी मांग रही हूं, लेकिन बैंक ने आज तक कोई जानकारी नहीं दी। जबकि मेरा इस बैंक में कोई खाता नहीं है। अतः मेरे खाते और फर्जी लोन की जांच कराई जाए। दमोह सेंट्रल बैंक के प्रबंधक दिलीप निगम का कहना है कि आवेदन मिला है और जांच के लिए उसे रीजनल ऑफिस सागर भेजा गया है। जांच में जो भी सामने आएगा, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

किसान की जमीन बंधक का रिकॉर्ड

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