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Damoh News: फर्जी दस्तावेजों से नौकरी करने वाले 24 सरकारी शिक्षकों पर एफआईआर, सरकार से लिया करोड़ों का वेतन

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह Published by: दमोह ब्यूरो Updated Sat, 17 May 2025 12:03 PM IST
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सार

शिक्षकों की फर्जी नियुक्तियों के मामले की शिकायत दो साल पहले की गई थी। लेकिन, अधिकारियों द्वारा जानबूझकर इस मामले को दबाए रखा गया, जिसके बाद मामला हाई कोर्ट पहुंचा। अब कलेक्टर ने शिक्षकों पर एफआईआर करने के निर्देश दिए हैं।

Instructions for FIR against teachers employed with fake documents
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय
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विस्तार

दमोह जिले में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर शिक्षकों की नियुक्ति का मामला सामने आया है, जिसमें जिला प्रशासन द्वारा जांच के बाद 24 शिक्षकों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। इनमें 10 शिक्षकों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं, जबकि बाकी 14 शिक्षकों की विभागीय जांच चल रही है। जांच के दौरान 40 शिक्षक ऐसे पाए गए हैं, जिन्होंने फर्जी अंकसूचियों के माध्यम से नौकरी प्राप्त की थी। कई शिक्षक तो ऐसे हैं जो 20 साल से नौकरी कर रहे हैं, जिन्होंने शासन से वेतन के रूप में करोड़ों रुपए प्राप्त भी किए हैं। जिन शिक्षकों के दस्तावेज फर्जी मिले हैं, उनमें सभी के अलग-अलग मामले हैं। जांच में यह बात सामने आने के बाद कलेक्टर सुधीर कोचर ने एफआईआर के निर्देश दिए हैं। गौरतलब है कि शिक्षकों की फर्जी नियुक्तियों के मामले की शिकायत दो साल पहले की गई थी। लेकिन, अधिकारियों द्वारा जानबूझकर इस मामले को दबाए रखा गया, जिसके बाद मामला हाई कोर्ट पहुंचा।
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किसी की बीएड, किसी की डीएड की अंकसूची फर्जी
पथरिया के सेमराबुजुर्ग स्कूल में पदस्थ शिक्षक प्रभुदयाल पटेल की बीए फाइनल की अंकसूची, सुजनीपुर स्कूल में मनोज गौतम की बीएड की अंकसूची, सूरादेही स्कूल के महेश प्रसाद पटेल की बीएड की अंकसूची जांच में फर्जी पाई गई है। वहीं, रमपुरा स्कूल में भगवान सिंह ठाकुर की कक्षा 12वीं एवं डीएड की अंकसूची फर्जी पाई गई। इन सभी ने नियम विरुद्ध वेतन भी प्राप्त किया। 

शासकीय एकीकृत माध्यमिक स्कूल जोरतला में पदस्थ प्राथमिक शिक्षक बहादुर सिंह लोधी की डीएड द्वितीय वर्ष परीक्षा की अंकसूची जांच के दौरान फर्जी पाई गई थी। संबंधित के विरुद्ध विभागीय जांच की गई थी, जिसमें आरोप प्रमाणित पाए जाने पर डीईओ द्वारा शासकीय सेवा से हटा दिया गया है। साथ ही एफआईआर कराने के लिए बीईओ को निर्देशित किया गया है। इसी तरह, तेंदूखेड़ा विकासखंड के शासकीय एकीकृत माध्यमिक स्कूल जामुन में पदस्थ प्राथमिक शिक्षक दीपचंद्र पाल की डीएड की अंकसूची संदिग्ध होने की शिकायत की गई थी, जो सत्यापन जांच के दौरान फर्जी पाई गई। इन्हें भी शासकीय सेवा से बर्खास्त कर एफआईआर के निर्देश दिए गए हैं।

इसी तरह पथरिया विकासखंड के शासकीय माध्यमिक स्कूल सतपारा में पदस्थ माध्यमिक शिक्षक प्रीति खटीक की बीएड द्वितीय वर्ष की अंकसूची भी जांच के दौरान फर्जी पाई गई। वहीं, मगरोन संकुल के बरोदाकलां प्राइमरी स्कूल में पदस्थ शिक्षिका अंजू यादव की डीएड की अंकसूची भी जांच में फर्जी पाई गई।

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लिपिक का हिंदी टाइपिंग का प्रमाणपत्र फर्जी
पथरिया विकासखंड के शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-2 धर्मेंद्र वर्मन की हिंदी टाइपिंग प्रमाणपत्र संदिग्ध होने की शिकायत की गई थी। प्रमाणपत्र फर्जी पाया गया। उनके विरुद्ध जेडी कार्यालय सागर से विभागीय जांच चल रही है। इसी तरह, तेंदूखेड़ा विकासखंड के पुरा बैरागढ़ स्कूल में पदस्थ अरविंद असाटी की बीएससी फाइनल की अंकसूची भी कुटचरित पाई गई। पटेरिया माल के शिक्षक कल्याण प्रसाद झारिया की बीए फाइनल की अंकसूची फर्जी पाई गई।

12वीं की अंकसूची फर्जी मिली
  1. तेंदूखेड़ा विकासखंड के शासकीय प्राइमरी स्कूल खकरिया खुर्द में पदस्थ प्राथमिक शिक्षक श्याम सुंदर साहू की कक्षा 12वीं की अंकसूची सत्यापन जांच के बाद फर्जी पाए जाने पर इनके विरुद्ध विभागीय जांच की गई, जिसके आधार पर डीईओ द्वारा सेवा से हटाया गया।
  2. बटियागढ़ विकासखंड के शासकीय प्राइमरी स्कूल बेलापुरवा में पदस्थ बबलेश पटेल की डीएड की अंकसूची भी फर्जी मिली।
  3. शासकीय प्राइमरी स्कूल गुबरा कलां में पदस्थ माध्यमिक शिक्षिका ज्योति जैन की बीएड द्वितीय वर्ष की अंकसूची फर्जी पाई गई।
  4. शासकीय धौराज में पदस्थ माध्यमिक शिक्षक कमलेश खरे की बीटीसी द्वितीय वर्ष परीक्षा (जून 1995) की अंकसूची भी फर्जी पाई गई।
  5. पथरिया के सरखड़ी में पदस्थ माध्यमिक शिक्षिका रश्मि सोनी की एक ही अंकसूची के आधार पर दो सगी बहनों द्वारा शासकीय नौकरी प्राप्त की गई थी।
  6. पटेरिया माल में पदस्थ माध्यमिक शिक्षक पुष्पेंद्र मुड़ा की बीएड द्वितीय वर्ष की अंकसूची कुटचरित पाए जाने पर सेवा से हटाया गया।

कलेक्टर ने दिए एफआईआर के दिए निर्देश
कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने बताया कि 40 शिक्षकों की शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जो जांच में हैं। इनमें से 24 प्रकरणों में यह तथ्य सामने आया है कि उनकी मार्कशीट फर्जी है। 24 प्रकरणों में जो विश्वविद्यालय की डिग्री है, उसमें जानकारी आ गई है कि यह डिग्री सही नहीं है जो प्रस्तुत की गई। इन सभी के विरुद्ध एफआईआर के निर्देश दिए गए हैं।
 
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