दतिया हार पर मंथन के बाद एक्शन: हार का हिसाब शुरू, जिला भाजपा की पूरी टीम हटाई गई; अब नए संगठन की तैयारी
दतिया विधानसभा उपचुनाव में हार के बाद भाजपा प्रदेश नेतृत्व ने बड़ा संगठनात्मक फैसला लेते हुए दतिया जिला कार्यकारिणी, सभी मोर्चों और प्रकोष्ठों की जिला इकाइयों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। वहीं, नई कार्यकारिणी गठन करने की तैयारियों की चर्चा जोर पकड़ रही है। पढ़ें पूरी खबर
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दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस से मिली हार के बाद प्रदेश भाजपा ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दतिया जिला संगठन को पूरी तरह भंग कर दिया है। मंगलवार दोपहर भोपाल में हुई समीक्षा बैठक के तुरंत बाद प्रदेश नेतृत्व ने जिला भाजपा कार्यकारिणी के साथ-साथ सभी मोर्चों और प्रकोष्ठों की जिला इकाइयों को तत्काल प्रभाव से भंग करने के आदेश जारी कर दिए।
इस फैसले को उपचुनाव के दौरान कथित भीतरघात और गुटबाजी पर प्रदेश नेतृत्व की सख्त कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने मंगलवार को उपचुनाव परिणामों की विस्तृत समीक्षा के लिए बैठक बुलाई थी। बैठक में दतिया से भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी, कोर कमेटी के सदस्य और प्रदेश पदाधिकारी मौजूद रहे।
पार्टी के भीतर कथित तोड़फोड़ का मुद्दा रहा चर्चा में
सूत्रों के अनुसार, बैठक में हार के कारणों पर लंबी चर्चा हुई। इसी दौरान आशुतोष तिवारी ने स्थानीय स्तर पर पार्टी के भीतर कथित तोड़फोड़ का मुद्दा उठाया। उन्होंने कई जिला पदाधिकारियों और प्रभावशाली नेताओं पर चुनाव के दौरान निष्क्रिय रहने तथा पार्टी के खिलाफ काम करने के आरोप लगाए। उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में व्हाट्सएप चैट, कॉल रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेज भी प्रदेश नेतृत्व के समक्ष प्रस्तुत किए।
इन इकाइयों को तुरंत भंग कर दिया गया
करीब दो घंटे तक चली समीक्षा बैठक के बाद शाम होते-होते प्रदेश कार्यालय से दतिया जिला संगठन को भंग करने का आदेश जारी कर दिया गया। प्रदेश भाजपा के आदेश के अनुसार, दतिया जिला कार्यकारिणी के साथ युवा मोर्चा, महिला मोर्चा, किसान मोर्चा, अनुसूचित जाति मोर्चा, पिछड़ा वर्ग मोर्चा, अल्पसंख्यक मोर्चा तथा अन्य सभी प्रकोष्ठों की जिला इकाइयों को भी तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया गया।
जानें सीएम ने क्या कहा?
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भंग की गई टीम में अधिकांश पदों पर पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के करीबी नेता और समर्थक थे। उपचुनाव के दौरान टिकट वितरण, प्रचार-प्रसार और बूथ प्रबंधन को लेकर उनकी भूमिका पर पहले से सवाल उठ रहे थे। समीक्षा बैठक के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता आधारित पार्टी है। चुनाव में हार-जीत होती रहती है, लेकिन पार्टी के खिलाफ काम करने वालों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
'भितरघात करने वालों की भाजपा में जगह नहीं'
उन्होंने कहा कि दतिया उपचुनाव को लेकर रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है। प्रदेश नेतृत्व दोषियों की पहचान कर रहा है और आने वाले दिनों में उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में आशुतोष तिवारी ने कहा कि मैंने सिर्फ सच बोला है। जो लोग मंच पर भाजपा की जय बोलते हैं और भीतर जाकर पार्टी को नुकसान पहुंचाते हैं, उनकी जगह भाजपा में नहीं है। प्रदेश नेतृत्व ने साहसिक और समय पर फैसला लिया है।
दतिया भाजपा में राजनीतिक हलचल तेज
उन्होंने यह भी कहा कि उपचुनाव में कार्यकर्ताओं ने पूरी मेहनत की, लेकिन कुछ लोगों की नकारात्मक सोच के कारण चुनाव परिणाम प्रभावित हुआ। इस बड़े फैसले के बाद दतिया भाजपा में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के समर्थक माने जाने वाले कई पदाधिकारी सकते में हैं। वहीं, पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं ने इस कार्रवाई का स्वागत किया है। उनका कहना है कि अब संगठन में उन कार्यकर्ताओं को मौका मिलना चाहिए, जिन्होंने चुनाव के दौरान पूरी निष्ठा से काम किया।
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अब नई जिला कार्यकारिणी का गठन होगा
अब प्रदेश नेतृत्व जल्द ही दतिया के लिए नए पर्यवेक्षक नियुक्त कर नई जिला कार्यकारिणी का गठन करेगा। प्रयास रहेगा कि नई टीम में अनुभवी कार्यकर्ताओं, युवाओं और सभी वर्गों को उचित प्रतिनिधित्व मिले। गौरतलब है कि दतिया विधानसभा उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को कांग्रेस के घनश्याम सिंह से 6,016 मतों से हार का सामना करना पड़ा था। यह लगातार दूसरी बार है जब दतिया सीट भाजपा के हाथ से निकली है। हार के बाद से ही पार्टी के भीतर कथित भीतरघात की चर्चा तेज थी।
प्रदेश नेतृत्व का यह कदम इस बात का संकेत माना जा रहा है कि 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करने और अनुशासन बनाए रखने के लिए भाजपा अब सख्त रुख अपनाने के मूड में है।
