दतिया उपचुनाव: भाजपा में नाराजगी दूर करने मैदान में उतरे जगदीश देवड़ा, कार्यकर्ताओं को एकजुट करने की कवायद तेज
दतिया विधानसभा उपचुनाव से पहले भाजपा में टिकट विवाद के बाद बढ़ी नाराजगी को शांत करने के लिए प्रदेश नेतृत्व सक्रिय हो गया है। उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा शनिवार रात दतिया पहुंचे और पीतांबरा पीठ में पूजा-अर्चना की।
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दतिया विधानसभा उपचुनाव से पहले भाजपा में टिकट को लेकर मची अंदरूनी खींचतान को शांत करने के लिए प्रदेश नेतृत्व पूरी तरह सक्रिय हो गया है। इसी कड़ी में शनिवार रात प्रदेश के उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा दतिया पहुंचे। उनका मुख्य उद्देश्य नाराज कार्यकर्ताओं को मनाना, संगठन में एकजुटता बनाए रखना और चुनाव से पहले पार्टी के भीतर बने असंतोष को खत्म करना है।
पीतांबरा पीठ में की पूजा, लेकिन स्वागत में दिखी संगठन की दूरी
दतिया पहुंचने के बाद उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा सबसे पहले प्रसिद्ध पीतांबरा पीठ पहुंचे। यहां उन्होंने मां बगलामुखी के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। हालांकि, उनके दौरे के दौरान जो तस्वीर सामने आई, उसने भाजपा की अंदरूनी स्थिति पर कई सवाल खड़े कर दिए। आमतौर पर किसी उपमुख्यमंत्री के दौरे पर पार्टी का पूरा जिला संगठन मौजूद रहता है, लेकिन इस बार स्वागत में सिर्फ जिला अध्यक्ष रघुबीर कुशवाहा, महामंत्री भूरे चौधरी, पूर्व जिला अध्यक्ष सुरेंद्र बुधोलिया और कुछ चुनिंदा कार्यकर्ता ही दिखाई दिए। कई बड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं की गैरमौजूदगी ने संगठन में चल रही नाराजगी को साफ तौर पर उजागर कर दिया।
नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद बढ़ा असंतोष
पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद दतिया भाजपा में असंतोष खुलकर सामने आ गया था। शुक्रवार को उनके समर्थकों ने दतिया-झांसी हाईवे पर चक्का जाम किया, पथराव और तोड़फोड़ की। इस मामले में पुलिस ने 27 नेताओं के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की है।
इसी नाराजगी को दूर करने के लिए पार्टी आलाकमान ने जगदीश देवड़ा को दतिया भेजा है। उन्हें विशेष रूप से नाराज कार्यकर्ताओं और नेताओं से बातचीत कर संगठन को फिर से एकजुट करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
आज होगी भाजपा कार्यकर्ताओं की अहम बैठक
सूत्रों के मुताबिक, रविवार को डिप्टी सीएम भाजपा कार्यकर्ताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक करेंगे। इस बैठक में टिकट कटने से नाराज सभी धड़ों को बुलाया गया है। पार्टी की कोशिश है कि चुनाव से पहले सभी मतभेद खत्म कर कार्यकर्ताओं को एक मंच पर लाया जाए।
बैठक में देवड़ा कार्यकर्ताओं की शिकायतें सुनेंगे और उन्हें समझाएंगे कि यह चुनाव किसी व्यक्ति का नहीं, बल्कि भाजपा की प्रतिष्ठा और संगठन की साख का सवाल है।
कांटे का मुकाबला, एकजुटता पर टिकी भाजपा की उम्मीद
भाजपा ने दतिया उपचुनाव में आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस ने राजघराने से जुड़े कुंवर घनश्याम सिंह को मैदान में उतारा है। ऐसे में मुकाबला बेहद कड़ा माना जा रहा है।
पार्टी नेताओं का मानना है कि यदि कार्यकर्ताओं की नाराजगी समय रहते दूर नहीं हुई तो इसका असर सीधे चुनावी नतीजों पर पड़ सकता है। यही वजह है कि प्रदेश नेतृत्व ने अनुभवी और संतुलित नेता जगदीश देवड़ा को डैमेज कंट्रोल की जिम्मेदारी सौंपी है।
बैठक के नतीजों पर टिकी सबकी नजर
भाजपा नेताओं का कहना है कि दतिया में मामला सिर्फ टिकट का नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं के मान-सम्मान से भी जुड़ा है। ऐसे में रविवार को होने वाली बैठक बेहद अहम मानी जा रही है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि बैठक में कितने कार्यकर्ता शामिल होते हैं और संगठन में एकजुटता को लेकर क्या संदेश निकलकर सामने आता है। फिलहाल, डिप्टी सीएम के दौरे से इतना जरूर साफ हो गया है कि प्रदेश नेतृत्व दतिया की राजनीतिक स्थिति पर पूरी नजर बनाए हुए है।
