Dhar News: सोमवती अमावस्या पर मेघनाथ घाट में युवक डूबा, देर शाम तक नहीं मिला सुराग; रेस्क्यू अभियान जारी
सोमवती अमावस्या पर कुक्षी के मेघनाथ घाट में नर्मदा स्नान के दौरान रिंगनौद निवासी 18 वर्षीय आदर्श उर्फ हरिओम पंवार गहरे पानी में डूब गया। पुलिस और गोताखोरों ने घंटों तलाश की, लेकिन देर शाम तक उसका कोई सुराग नहीं मिला।
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सोमवती अमावस्या के पावन पर्व पर जहां एक ओर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी, वहीं कुक्षी तहसील के मेघनाथ घाट से एक दुखद खबर सामने आई। सोमवार दोपहर करीब 12 बजे नर्मदा नदी में स्नान के दौरान 18 वर्षीय युवक गहरे पानी में डूब गया। घटना के बाद पुलिस और गोताखोरों की टीम उसकी तलाश में जुटी रही, लेकिन देर शाम तक उसका कोई सुराग नहीं मिल सका।
डूबने वाले युवक की पहचान रिंगनौद निवासी आदर्श उर्फ हरिओम पंवार (18), पिता हेमा पंवार के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार आदर्श ने इसी वर्ष 12वीं कक्षा उत्तीर्ण की थी। वह सोमवती अमावस्या के अवसर पर अपने दादा-दादी और अन्य रिश्तेदारों के साथ नर्मदा स्नान के लिए मेघनाथ घाट आया था। हादसे की सूचना मिलते ही परिवार के अन्य सदस्य भी मौके पर पहुंच गए।
सूचना मिलते ही निसरपुर पुलिस सक्रिय हुई। कोटेश्वर में यातायात व्यवस्था संभाल रहे चौकी प्रभारी रवि वासके ने तत्काल गोताखोरों और पुलिस बल को मौके पर रवाना किया। दोपहर करीब 2 बजे नाव की सहायता से नर्मदा नदी में सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। चार घंटे से अधिक समय तक चले अभियान के बावजूद युवक का पता नहीं चल पाया। पुलिस के अनुसार रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
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सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मेघनाथ घाट पर नर्मदा नदी का जलस्तर काफी गहरा है। चिंताजनक बात यह है कि घाट पर पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम और पक्के घाट की व्यवस्था नहीं है। अमावस्या के कारण घाट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ थी, लेकिन गहरे पानी के कारण कोई भी युवक को बचाने के लिए आगे नहीं बढ़ सका।
सोमवती अमावस्या के अवसर पर कुक्षी तहसील के कोटेश्वर तीर्थ और आसपास के घाटों पर सुबह से श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। भीषण गर्मी के बावजूद कुक्षी, निसरपुर, अलीराजपुर, बाग, टांडा, डेहरी और जोबट सहित कई क्षेत्रों से करीब 25 हजार श्रद्धालु नर्मदा स्नान के लिए पहुंचे थे।
प्राचीन शिवालय के पुजारी कपिल गोस्वामी ने बताया कि इस दिन नर्मदा स्नान और भगवान शिव-पार्वती की पूजा का विशेष धार्मिक महत्व है। श्रद्धालु यहां आकर पूजा-अर्चना करते हैं और मनोकामनाएं मांगते हैं। हालांकि इस हादसे ने पर्व की खुशियों के बीच शोक का माहौल बना दिया है और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
