Dhar News: खाद के लिए उमड़ी किसानों की भीड़, लंबी कतारों में खड़े रहे अन्नदाता
खरीफ सीजन में यूरिया और डीएपी की मांग बढ़ने से मनावर के खाद केंद्रों पर किसानों की लंबी कतारें लग गईं। मशीन आधारित वितरण से कई किसानों को सीमित खाद मिल रही है। कृषि विभाग ने पर्याप्त स्टॉक का दावा करते हुए निजी दुकानों से खरीद की सलाह दी और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।
खरीफ सीजन में यूरिया और डीएपी की मांग बढ़ने से मनावर के खाद केंद्रों पर किसानों की लंबी कतारें लग गईं। मशीन आधारित वितरण से कई किसानों को सीमित खाद मिल रही है। कृषि विभाग ने पर्याप्त स्टॉक का दावा करते हुए निजी दुकानों से खरीद की सलाह दी और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।
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खरीफ सीजन के बीच यूरिया और डीएपी खाद की मांग एक बार फिर तेजी से बढ़ गई है। खाद की कमी और लंबी कतारों की समस्या से जूझ रहे किसानों को गुरुवार सुबह से ही स्थानीय विक्रय केंद्रों पर भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मनावर तहसील के धार रोड स्थित टेकरी वेयरहाउस केंद्र पर सुबह से ही किसानों की लंबी कतारें लग गईं। वेयरहाउस कार्यालय पर लगभग 100 किसान अपने दोपहिया वाहनों के साथ सुबह 7 बजे ही खाद की बुकिंग और टोकन प्राप्त करने के लिए पहुंच गए थे। पर्ची और टोकन बनवाने के लिए किसानों को घंटों अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। किसानों ने बताया कि वर्तमान में सोयाबीन, कपास, मक्का और मूंग की फसलों को खाद की सबसे अधिक आवश्यकता है, जिसके कारण केंद्रों पर भारी भीड़ उमड़ रही है।
मशीन आधारित वितरण व्यवस्था
स्थानीय किसानों मुकेश और राजाराम ने बताया कि प्रशासन द्वारा वर्तमान में मशीन आधारित व्यवस्था के जरिए खाद का वितरण किया जा रहा है। हालांकि, नियम यह है कि जिन किसानों को पूर्व में खाद मिल चुकी है, उन्हें इस बार कम मात्रा में खाद दी जा रही है, जिससे कई किसान असमंजस की स्थिति में हैं। कृषि विभाग के एसएडीओ महेश बर्मन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि सरकारी केंद्रों के साथ-साथ निजी खाद विक्रेताओं के पास भी यूरिया पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। उन्होंने किसानों से अपील की है कि जरूरत पड़ने पर वे नजदीकी निजी दुकानों से भी खाद खरीद सकते हैं। विभाग के अनुसार, यूरिया और डीएपी की नई खेप लगातार पहुंच रही है और अधिकांश किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार खाद उपलब्ध कराई जा चुकी है।
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प्रशासन ने खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त दाम तय किए हैं, यूरिया (45 किलो की बोरी): ₹266 से ₹268 व डीएपी (50 किलो की बोरी): ₹1,350 रखा गया है। कृषि विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि कोई विक्रेता निर्धारित मूल्य से अधिक राशि वसूलता पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

केंद्रों पर किसान हो रहे परेशान

केंद्रों पर किसान हो रहे परेशान
