Guna: लिंग परिवर्तन की अनुमति मांगने वाली गुना की महिला आरक्षक का शव फंदे पर लटका मिला, पुलिस लाइन में सनसनी
गुना कोतवाली में पदस्थ 25 वर्षीय लेडी कॉन्स्टेबल निशा शर्मा ने मंगलवार को पुलिस लाइन क्वार्टर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। छुट्टी से एक दिन पहले लौटी थीं। गेट तोड़कर शव निकाला गया। सुसाइड नोट नहीं मिला। पुलिस जांच कर रही है।
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गुना पुलिस लाइन स्थित सरकारी क्वार्टर में मंगलवार दोपहर उस समय सनसनी फैल गई, जब कोतवाली थाने में पदस्थ 32 वर्षीय महिला आरक्षक निशा शर्मा का शव फंदे से लटका मिला। छुट्टी से लौटने के महज एक दिन बाद उठाए गए इस कदम ने पुलिस महकमे के साथ-साथ अशोकनगर स्थित उनके परिवार को भी झकझोर कर रख दिया।
घटना का खुलासा मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे हुआ। निशा के क्वार्टर में रोजाना काम करने आने वाली महिला सुबह वहां पहुंची थी। कई बार दरवाजा खटखटाने के बावजूद अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर वह लौट गई। दोपहर तक भी कमरा बंद रहने पर पड़ोस में रहने वाले पुलिसकर्मियों को अनहोनी की आशंका हुई। सूचना मिलने पर कैंट थाना पुलिस मौके पर पहुंची।
पुलिस ने खिड़की से अंदर झांककर देखा, लेकिन कोई हलचल दिखाई नहीं दी। इसके बाद दरवाजा तोड़ा गया। कमरे में प्रवेश करते ही पुलिसकर्मी स्तब्ध रह गए। निशा शर्मा का शव चादर से बने फंदे के सहारे पंखे से लटका हुआ था।
पुलिस ने शव को नीचे उतारकर पंचनामा कार्रवाई की और पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। घटनास्थल की बारीकी से जांच की गई, लेकिन अब तक कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। मोबाइल फोन और अन्य सामान जब्त कर साइबर सेल को सौंप दिया गया है, ताकि कॉल डिटेल और सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच की जा सके।
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प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, निशा शर्मा अशोकनगर जिले की निवासी थीं और वर्ष 2016 बैच की आरक्षक थीं। वर्तमान में उनकी पदस्थापना गुना कोतवाली थाने में थी। विभाग में उन्हें मृदुभाषी और कर्तव्यनिष्ठ पुलिसकर्मी के रूप में जाना जाता था।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, निशा दो दिन की छुट्टी लेकर अपने घर गई थीं। सोमवार शाम वह गुना लौट आई थीं और मंगलवार को ड्यूटी जॉइन करनी थी, लेकिन सुबह से ही उन्होंने कमरे का दरवाजा नहीं खोला।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मानसिंह ठाकुर ने बताया कि घटना की सूचना परिजनों को दे दी गई थी। अशोकनगर से उनके माता-पिता और भाई गुना पहुंच गए हैं। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। उन्होंने कहा कि परिजनों के बयान और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत के कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा। फिलहाल मर्ग कायम कर सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। निशा के साथ क्वार्टर में कोई अन्य व्यक्ति नहीं रहता था। पड़ोसियों के अनुसार, सोमवार रात वह सामान्य दिखाई दी थीं और किसी विवाद या परेशानी की जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है।
क्या था मामला?
बताया जा रहा है कि वर्ष 2024 में उन्होंने तत्कालीन पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार सिन्हा को जेंडर चेंज की अनुमति के लिए आवेदन दिया था। इसकी पुष्टि वर्तमान पुलिस अधीक्षक हितिका वासल ने की है। हालांकि, आत्महत्या के कारणों का फिलहाल कोई स्पष्ट खुलासा नहीं हुआ है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मानसिंह ठाकुर ने बताया कि परिजनों को सूचना दे दी गई थी। अशोकनगर से उनके माता-पिता और भाई गुना पहुंच गए। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और हर पहलू से मामले की जांच की जा रही है।
