Guna: जमीन कब्जाने के लिए श्मशान से चुराईं अस्थियां, तीसरे पर पहुंचे परिजनों को मिली राख; कलेक्टर से गुहार
गुना के बमोरी क्षेत्र में श्मशान भूमि विवाद के बीच मृतक दीवान सिंह राजपूत की अस्थियां और चिता अवशेष चोरी होने का आरोप लगा है। तीसरे की रस्म के दौरान मामला सामने आया। परिजनों ने कार्रवाई, सीमांकन और अतिक्रमण हटाने की मांग की है।
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गुना जिले के बमोरी थाना क्षेत्र से मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। ग्राम सिलावटी रामपुरा के पुराने श्मशान घाट से एक मृतक की अस्थियां और चिता के अवशेष कथित रूप से चोरी कर लिए गए। तीसरे की रस्म निभाने पहुंचे परिजनों को चिता स्थल पर केवल राख मिली, जिसके बाद वे आक्रोशित होकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई तथा श्मशान भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की।
जानकारी के अनुसार, सिलावटी रामपुरा निवासी दीवान सिंह राजपूत का 7 जून को निधन हो गया था। परिजनों ने उसी दिन सुबह गांव के पुराने श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया। मृतक के साले गुलाब सिंह ने आरोप लगाया कि अगले दिन रात में पांचौरा गांव के कुछ लोग अपने साथियों के साथ श्मशान पहुंचे और चिता के अवशेष तथा अस्थियां समेटकर ले गए।
जब परिवार के सदस्य तीसरे की रस्म के लिए श्मशान पहुंचे तो वहां का दृश्य देखकर स्तब्ध रह गए। जिस स्थान पर अंतिम संस्कार किया गया था, वहां केवल राख बिखरी हुई थी। अस्थि-संग्रह के लिए पहुंचे परिजन फूट-फूटकर रो पड़े। ग्रामीणों का कहना है कि सिलावटी रामपुरा का यह श्मशान घाट दशकों पुराना है। आरोप है कि पांचौरा गांव के कुछ प्रभावशाली लोग इस भूमि पर कब्जा कर मकान बनाना चाहते हैं। इसी उद्देश्य से अस्थियां हटाई गईं, ताकि भविष्य में यहां अंतिम संस्कार न हो सके।
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ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने अवशेषों की तलाश करने का प्रयास किया तो कुछ लोग लाठी-डंडे लेकर मौके पर पहुंच गए और जान से मारने की धमकी देकर उन्हें वहां से भगा दिया। उनका कहना है कि यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी दो बार अंतिम संस्कार के बाद अस्थियां गायब होने की शिकायत सामने आ चुकी है, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से आरोपियों के हौसले बढ़ गए हैं।
पीड़ित परिवार ने कलेक्टर को दिए ज्ञापन में बताया कि श्मशान की भूमि राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज है, इसके बावजूद लगातार अतिक्रमण की कोशिशें हो रही हैं। उन्होंने श्मशान भूमि की पैमाइश, सीमांकन और चारदीवारी निर्माण की मांग की है। साथ ही अस्थियां चोरी करने वालों के खिलाफ धार्मिक भावनाएं आहत करने सहित अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज करने की मांग की गई है।
मामले में बमोरी थाना प्रभारी दिलीप राजौरिया से संपर्क नहीं हो सका। वहीं ग्रामीण एसडीओपी विवेक अष्ठाना ने बताया कि वे अवकाश पर हैं और उन्हें घटना की जानकारी नहीं है। उधर अपर कलेक्टर ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तहसीलदार बमोरी को जांच के निर्देश दिए हैं। राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम भी मौके पर पहुंचकर जांच करेगी।

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