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दो परिवारों की रंजिश में उजड़ गई मां की कोख, मारपीट के बाद गर्भ में पल रहे जुड़वा बच्चों की मौत
Fri, 03 Jul 2026 04:37 PM IST
गुना ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुना
Published by: गुना ब्यूरो
Updated Fri, 03 Jul 2026 04:37 PM IST
सार
MP News: कैंट थाना क्षेत्र के किशनगढ़ में दो परिवारों के बीच रंजिश खूनी संघर्ष में बदल गई। लाठी-डंडों से मारपीट में पांच माह की गर्भवती महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। अस्पताल में जांच के दौरान उसके गर्भ में पल रहे जुड़वा बच्चों की मौत हो गई। जानिए क्या है पूरा मामला।
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मारपीट में घायल परिजन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कैंट थाना क्षेत्र के किशनगढ़ मोहल्ले में गुरुवार शाम पुराने विवाद ने ऐसा हिंसक रूप लिया कि दो परिवारों की रंजिश की सबसे बड़ी कीमत एक गर्भवती महिला को चुकानी पड़ी। लाठी-डंडों से हुई मारपीट में जमीन पर गिरी पांच माह की गर्भवती राजकुमारी लोधा के गर्भ में पल रहे जुड़वा बच्चों की मौत हो गई। देर रात प्रसव पीड़ा उठने पर अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने दोनों भ्रूण मृत घोषित कर गर्भपात कराया। इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया है और जिला अस्पताल के प्रसूति वार्ड में भर्ती महिला का रो-रोकर बुरा हाल है।
पुरानी रंजिश ने लिया खूनी मोड़
जानकारी के मुताबिक, गुरुवार शाम किशनगढ़ में सोनू लोधा और रामस्वरूप लोधा पक्ष के बीच पुरानी कहासुनी को लेकर बहस छिड़ गई। बात इतनी बढ़ी कि देखते ही देखते दोनों ओर से लोग लाठी-डंडे लेकर आमने-सामने आ गए। मोहल्ले की तंग गलियां कुछ ही मिनटों में चीख-पुकार और अफरा-तफरी से गूंज उठीं। इस खूनी संघर्ष में दोनों पक्षों के करीब सात लोग लहूलुहान हो गए, जिन्हें आनन-फानन में जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर लगाए गंभीर आरोप
पहले पक्ष के सोनू लोधा का आरोप है कि रामस्वरूप लोधा के पिता पिछले कई दिनों से जातिसूचक गालियां दे रहे थे। गुरुवार को जब इसी बात पर चर्चा हो रही थी, तभी रामस्वरूप अपने परिवार के साथ लाठी-डंडे लेकर टूट पड़ा। हमले में वह स्वयं, उसकी गर्भवती पत्नी और परिवार के अन्य सदस्य घायल हो गए।
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वहीं, दूसरे पक्ष के रामस्वरूप लोधा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उनका कहना है कि सोनू लोधा अपने साथियों के साथ उनके घर आया और गाली-गलौज करते हुए हमला बोल दिया। मारपीट में उनके परिवार के संजय लोधा की पांच माह की गर्भवती पत्नी राजकुमारी को गंभीर चोटें आईं। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ कैंट थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
अस्पताल में सामने आई सबसे दर्दनाक सच्चाई
मारपीट के दौरान गिरने से राजकुमारी के पेट और कमर में गंभीर चोटें आई थीं। रात करीब 11 बजे अचानक तेज प्रसव पीड़ा होने पर परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जांच में चिकित्सकों ने पाया कि गर्भ में पल रहे दोनों जुड़वा बच्चों की धड़कन बंद हो चुकी थी। डॉक्टरों को मजबूरन गर्भपात कराना पड़ा। एक साथ दो बच्चों को खोने का सदमा मां बर्दाश्त नहीं कर पा रही है। प्रसूति वार्ड में भर्ती राजकुमारी का उपचार जारी है, लेकिन उसकी मानसिक स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है।
क्रॉस केस दर्ज, बढ़ सकती हैं गंभीर धाराएं
घटना की सूचना पर कैंट थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और हालात को काबू में किया। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर क्रॉस मामला दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी ने बताया कि सभी घायलों का मेडिकल परीक्षण कराया गया है। गर्भवती महिला की मेडिकल रिपोर्ट मिलने के बाद मामले में गैर इरादतन हत्या जैसी गंभीर धाराएं बढ़ाई जाएंगी।
यह भी पढ़ें: उफान पर शिप्रा, पानी में समाए घाट-मंदिर; उफनती पुलिया में बहे सहायक सचिव
मोहल्ले में डर का माहौल
इस घटना के बाद किशनगढ़ में मातम के साथ खौफ का माहौल है। मोहल्ले के लोग दबी जुबान में कह रहे हैं कि मामूली विवाद यदि समय रहते सुलझा लिया जाता, तो आज एक मां की कोख नहीं उजड़ती। पुलिस ने इलाके में एहतियातन बल तैनात कर दिया है, ताकि दोबारा कोई अप्रिय घटना न हो।
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पुरानी रंजिश ने लिया खूनी मोड़
जानकारी के मुताबिक, गुरुवार शाम किशनगढ़ में सोनू लोधा और रामस्वरूप लोधा पक्ष के बीच पुरानी कहासुनी को लेकर बहस छिड़ गई। बात इतनी बढ़ी कि देखते ही देखते दोनों ओर से लोग लाठी-डंडे लेकर आमने-सामने आ गए। मोहल्ले की तंग गलियां कुछ ही मिनटों में चीख-पुकार और अफरा-तफरी से गूंज उठीं। इस खूनी संघर्ष में दोनों पक्षों के करीब सात लोग लहूलुहान हो गए, जिन्हें आनन-फानन में जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
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दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर लगाए गंभीर आरोप
पहले पक्ष के सोनू लोधा का आरोप है कि रामस्वरूप लोधा के पिता पिछले कई दिनों से जातिसूचक गालियां दे रहे थे। गुरुवार को जब इसी बात पर चर्चा हो रही थी, तभी रामस्वरूप अपने परिवार के साथ लाठी-डंडे लेकर टूट पड़ा। हमले में वह स्वयं, उसकी गर्भवती पत्नी और परिवार के अन्य सदस्य घायल हो गए।
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वहीं, दूसरे पक्ष के रामस्वरूप लोधा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उनका कहना है कि सोनू लोधा अपने साथियों के साथ उनके घर आया और गाली-गलौज करते हुए हमला बोल दिया। मारपीट में उनके परिवार के संजय लोधा की पांच माह की गर्भवती पत्नी राजकुमारी को गंभीर चोटें आईं। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ कैंट थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
अस्पताल में सामने आई सबसे दर्दनाक सच्चाई
मारपीट के दौरान गिरने से राजकुमारी के पेट और कमर में गंभीर चोटें आई थीं। रात करीब 11 बजे अचानक तेज प्रसव पीड़ा होने पर परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जांच में चिकित्सकों ने पाया कि गर्भ में पल रहे दोनों जुड़वा बच्चों की धड़कन बंद हो चुकी थी। डॉक्टरों को मजबूरन गर्भपात कराना पड़ा। एक साथ दो बच्चों को खोने का सदमा मां बर्दाश्त नहीं कर पा रही है। प्रसूति वार्ड में भर्ती राजकुमारी का उपचार जारी है, लेकिन उसकी मानसिक स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है।
क्रॉस केस दर्ज, बढ़ सकती हैं गंभीर धाराएं
घटना की सूचना पर कैंट थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और हालात को काबू में किया। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर क्रॉस मामला दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी ने बताया कि सभी घायलों का मेडिकल परीक्षण कराया गया है। गर्भवती महिला की मेडिकल रिपोर्ट मिलने के बाद मामले में गैर इरादतन हत्या जैसी गंभीर धाराएं बढ़ाई जाएंगी।
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मोहल्ले में डर का माहौल
इस घटना के बाद किशनगढ़ में मातम के साथ खौफ का माहौल है। मोहल्ले के लोग दबी जुबान में कह रहे हैं कि मामूली विवाद यदि समय रहते सुलझा लिया जाता, तो आज एक मां की कोख नहीं उजड़ती। पुलिस ने इलाके में एहतियातन बल तैनात कर दिया है, ताकि दोबारा कोई अप्रिय घटना न हो।
