फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Guna News ›   Leopard poached in Guna North Forest, four hunters behind barsLeopard brutally killed due to superstition

Guna News: गुना में तेंदुए के शिकार का खुलासा, चार शिकारी गिरफ्तार; सिर, पंजे और खाल भी बरामद

Sun, 02 Aug 2026 04:30 PM IST
गुना ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुना Published by: गुना ब्यूरो Updated Sun, 02 Aug 2026 04:30 PM IST
सार

गुना के अगरा बीट में तेंदुए के शिकार मामले का वन विभाग ने खुलासा करते हुए हांसली गांव के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनकी निशानदेही पर तेंदुए का सिर, पंजे, खाल, हड्डियां और शिकार में इस्तेमाल कुल्हाड़ी व हंसिया बरामद किए गए।

विज्ञापन
Leopard poached in Guna North Forest, four hunters behind barsLeopard brutally killed due to superstition
आरोपी गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गुना के उत्तर वन परिक्षेत्र में तेंदुए के शिकार के मामले का वन विभाग ने खुलासा कर दिया है। 30 जुलाई 2026 को अगरा बीट में तेंदुए का कटा-फटा शव मिलने के बाद शुरू हुई जांच में विभाग ने हांसली गांव के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनकी निशानदेही पर तेंदुए का सिर, चारों पंजे, खाल, हड्डियों के अवशेष और शिकार में इस्तेमाल किए गए हथियार भी बरामद किए गए हैं।

विज्ञापन

30 जुलाई की सुबह वनकर्मियों को नियमित गश्त के दौरान अगरा बीट में तेंदुए का शव मिला था। शव से सिर और चारों पंजे गायब थे, जिससे प्रथम दृष्टया सुनियोजित शिकार की आशंका जताई गई। इसके बाद वन विभाग ने वन अपराध प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की।

विज्ञापन

वन संरक्षक आदर्श श्रीवास्तव और वनमंडलाधिकारी अक्षय राठौर के मार्गदर्शन में उपवनमंडलाधिकारी नीरज निश्चल के नेतृत्व में विशेष जांच दल गठित किया गया। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर तंत्र की मदद से चार दिन तक लगातार सर्चिंग और पूछताछ की। इसके बाद हांसली गांव के चार लोगों की संलिप्तता सामने आई।

विज्ञापन
विज्ञापन

गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम?
गिरफ्तार आरोपियों में खुमानसिंह बारेला, रमेश उर्फ पप्पू बारेला, लखन बारेला और डूमसिंह बारेला शामिल हैं। पूछताछ में आरोपियों ने शिकार करना स्वीकार कर लिया। उनकी निशानदेही पर जंगल के एक सुनसान क्षेत्र से तेंदुए का सिर, चारों पंजे, पूरी खाल, हड्डियों के अवशेष तथा शिकार में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी और हंसिया बरामद किए गए।


पढे़ं: 'कुशवाह समाज इधर-उधर गुलाटी मारता रहा…': विस अध्यक्ष नरेंद्र तोमर के बयान पर मचा सियासी बवाल; कांग्रेस ने घेरा

पूछताछ में आरोपी खुमानसिंह ने बताया कि उसे यह विश्वास था कि तेंदुए के सिर की हड्डी और नाखूनों से बनाई जाने वाली दवा कई बीमारियों में लाभकारी होती है। इसी धारणा के चलते उसने सिर और पंजे अलग किए। वहीं आरोपी लखन ने बताया कि गांव में यह मान्यता प्रचलित है कि घर में तेंदुए की खाल रखने से मवेशियों को बीमारी नहीं लगती, इसलिए उसने खाल उतार ली। अन्य दोनों आरोपियों ने शिकार और शव को ठिकाने लगाने में सहयोग किया।

वन विभाग का कहना है कि आरोपियों के दावों की वैज्ञानिक जांच कराई जाएगी। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि बरामद अंगों को बेचने की कोई साजिश थी या नहीं। सभी आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्हें न्यायालय में पेश किया जा रहा है। विभाग का कहना है कि मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच जारी है। यदि किसी तस्करी नेटवर्क से संबंध सामने आते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed