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Gwalior News: 15 दिन पहले अपहरण, चार साल का मासूम अब भी लापता; 500 जवान-डॉग स्क्वॉड-ड्रोन भी नहीं तलाश पाए
Sat, 15 Nov 2025 06:43 PM IST
ग्वालियर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
Published by: ग्वालियर ब्यूरो
Updated Sat, 15 Nov 2025 06:43 PM IST
सार
ग्वालियर में चार साल के रितेश के अपहरण को 15 दिन बीत गए, पर पुलिस खाली हाथ है। 500 से अधिक जवान, ड्रोन, डॉग स्क्वॉड और तकनीकी जांच के बावजूद कोई सुराग नहीं मिला। मां सपना का आरोप है कि पुलिस पूछताछ के नाम पर मारपीट कर रही है। पुलिस मामले को चुनौती मानकर सर्च जारी है।
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अपहरण के बाद से उदास है मां
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विस्तार
ग्वालियर में घर के बाहर से चार साल के मासूम रितेश के अपहरण के मामले में 15 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस बच्चे का सुराग नहीं लगा सकी है। मासूम बच्चे की तलाश में लगे 500 से अधिक जवान, डॉग स्क्वॉड, ड्रोन, टेक्निकल सिस्टम फेल साबित हुए हैं। हैरान करने वाली बात ये है कि बच्चे की मां का आरोप है कि पुलिस चाहे जब उनसे और उनके रिश्तेदारों से पूछताछ के नाम पर मारपीट कर रही है।
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दरअसल मुरार थाना क्षेत्र के मोहनपुर गांव में 1 नवंबर की दोपहर अपने पति से अलग मायके में रह रही महिला सपना के चार साल के मासूम रितेश का घर के बाहर से किसी अज्ञात बदमाशों द्वारा अपहरण कर लिया गया। इसकी तलाश के लिए उसने कई जगह हाथ पांव मारे। फिर पुलिस के दरवाजे पर दस्तक दी। जब पुलिस ने अपने अंदाज में पड़ताल शुरू की तो बदले और इश्कबाजी से लेकर एक दूसरे से जलन रखने वाली कई सारी कहानियां निकलकर सामने आईं...लेकिन बच्चे के गायब होने से जुड़ा एक भी सुराग बीते 15 दिनों में अब तक सामने नहीं आया है। 15 दिनों बाद भी पुलिस के हाथ पूरी तरह से खाली हैं। हालांकि पुलिस दावा कर रही है कि 500 से ज्यादा जवान और ड्रोन ही नहीं बल्कि डॉग स्क्वॉड, टेक्निकल सिस्टम बच्चे की तलाश में लगे हुए हैं। लेकिन बच्चा कहां है और किस हाल में है। इस बात का पुलिस के पास कोई जबाव नहीं है।
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आपको बता दें कि रितेश के गायब होने पर रितेश की मां ने अपने पति और ससुरलजनों पर आरोप लगाया था, लेकिन जब पुलिस ने अपने अंदाज में रितेश के पिता और अन्य से अपने तरीके से भी पूछताछ की तो फिर भी पुलिस को कोई सुराग नहीं मिला। रितेश की मां सपना ने बताया कि अब जब पुलिस बच्चे को नहीं ढूंढ पा रही है तो उल्टा उन्हें थाने में ले जाकर मारपीट कर अपशब्द कह रही है। अपने शरीर और चेहरे पर निशान दिखाते हुए सपना ने कहा कि पुलिस पूछताछ के नाम पर उनको या उनके परिजनों को ले जाती है और मारती-पीटती है। एक तरफ बच्चे के खोने का सदमा और दूसरी तरफ पुलिस की मार। कहीं पुलिस अपनी खुन्नस तो नहीं निकाल रही है।
जिस स्पॉट से संदिग्ध हालात में बच्चा लापता हुआ है, वहां से तीन दिशा में घना जंगल है। लापता मासूम सिर्फ तीन साल का है। इसलिए खुद से ज्यादा दूर नहीं जा सकता। यदि निकल जाए तो लौट नहीं पाएगा। पुलिस को आशंका है कि अपहरण हुआ है तो अपहरणकर्ता घर के पास ही घात लगाकर बैठा था। यदि यह हादसा है तो पुलिस जंगल में छानबीन कर रही है। पुलिस ने पांच सौ से ज्यादा जवान अफसर सर्चिंग में लगा रखे हैं। ग्वालियर ASP अनु बेनीवाल का कहना है कि पुलिस इस मामले को चुनौती के रूप में लिया है। लगातार जंगल में सर्चिंग जारी है। बच्चे के परिजन पर भी नजर रखी जा रही है। हमारा मकसद हर हाल में बच्चे को सुरक्षित लाना है।

छानबीन करने पहुंची पुलिस
