Indore: इंदौर के भागीरथपुरा में 28 वीं मौत, अस्पताल में भर्ती थे सेवानिवृत शिक्षक
इंदौर के भागीरथपुरा में 28 वींं मौत हो चुकी है। एक सेवानिवृत शिक्षक ने अस्पताल में दम तोड़ दिया, हालांकि उन्हें दूसरी बीमारियां भी थी। परिजनों का कहना है कि उन्हें भी उल्टी दस्त की शिकायत के बाद भर्ती किया गया था।
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इंदौर के भागीरथपुरा दूषित पानी कांड को एक माह होने आया है, लेकिन मौतों का सिलसिला रुकने का काम नहीं ले रहा है। इंदौर में एक माह में 28 वीं मौत हो चुकी है। सेवानिवृत शिक्षक राजाराम बौरासी की रविवार सुबह मौत हो गई। उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया था। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का कहना है कि उनकी मौत की वजह डायरिया नहीं है। वे अन्य बीमारियों से भी पीडि़त थे।
परिजनों ने बताया कि 3 जनवरी उनकी तबीयत खराब हुई थी। इस कारण उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती किया गया था। बाद में उन्हें सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती किया गया था। वहां पर उनकी मौत हो गई।स्वास्थ्य विभाग ने राजाराम बौरासी की बीमारी की हिस्ट्री पता की। डाॅक्टरों का कहना है कि उन्हें ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारी थी।
मौत की वजह भी डायरिया नहीं, बल्कि दूसरी बीमारी से हुई। भागीथपुरा में दूषित पानी के कारण अब तक डेढ़ हजार से ज्यादा लोग बीमार हो चुके है और 28 लोगों की मौत हो गई है। मृतकों में महिलाएं अधिक है। बस्ती के आठ मरीज आईसीयू में अभी भी भर्ती है। जिनमें तीन की हालत गंभीर है। भागीरथपुरा में हो रही लगाताार मौतों पर शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने कहा है कि अभी तक जिम्मेदार अफसरों के खिलाफ आपराधिक केस दर्ज नहीं हुए है।

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