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Indore: एमजीएम मेडिकल काॅलेज के छात्र ने की खुदकुशी, कारण पता नहीं चला, ग्वालियर का रहने वाला था
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अभिषेक चेंडके
Updated Mon, 02 Feb 2026 08:27 PM IST
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सार
अंतरिक्ष अग्रवाल एमबीबीएस प्रथम वर्ष का छात्र था। सोमवार को वह कॉलेज भी नहीं गया था और दिनभर अपने रूम में ही था।अंतरिक्ष हॉस्टल के बी. ब्लॉक में 43 नंबर के कमरे में हर्ष कौशिक के साथ रहता था।
अंतरिक्ष अग्रवाल।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
एमजीएम मेडिकल कॉलेज के छात्र अंतरिक्ष अग्रवाल ने फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। उसके पास कोई सुसाइड नोट तो नहीं मिला, लेकिन उसके सहपाठी ने बताया कि वह पढ़ाई को लेकर तनाव में रहता था। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा और कक्ष को सील किया।
25 वर्षीय अंतरिक्ष अग्रवाल मूलतः ग्वालियर का रहने वाला था, वह एमबीबीएस प्रथम वर्ष का छात्र था। सोमवार को वह कॉलेज भी नहीं गया था और दिनभर अपने रूम में ही था।अंतरिक्ष हॉस्टल के बी. ब्लॉक में 43 नंबर के कमरे में हर्ष कौशिक के साथ रहता था। दोनों साथ ही कॉलेज जाते थे, लेकिन सुबह अंतरिक्ष ने कहा कि उसका कॉलेज आने का मन नहीं है। हर्ष जब शाम को कॉलेज से लौटा तो, अंतरिक्ष ने दरवाजा नहीं खोला। हर्ष ने उसे कॉल किया, लेकिन फोन भी उसने नहीं उठाया। इसके बाद हर्ष ने दोस्तों की मदद से दरवाजा खोला तो देखा कि अंतरिक्ष फंदे पर लटका हुआ था। दोस्तों ने पुलिस को सूचना दी।
नहीं मिला सुसाइड नोट
पुलिस ने अंतरिक्ष के रूम की छानबीन की, लेकिन सुसाइड नोट नहीं मिला। पुलिस ने उसका मोबाइल जांच के लिए जब्त किया है, ताकि यह पता चल सके कि आत्महत्या से पहले उसने किससे संपर्क किया था। आत्महत्या के बाद कॉलेज के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया भी हॉस्टल गए थे। आत्महत्या की सूचना के बाद अंतरिक्ष के परिजन भी ग्वालियर से इंदौर पहुंच गए।
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25 वर्षीय अंतरिक्ष अग्रवाल मूलतः ग्वालियर का रहने वाला था, वह एमबीबीएस प्रथम वर्ष का छात्र था। सोमवार को वह कॉलेज भी नहीं गया था और दिनभर अपने रूम में ही था।अंतरिक्ष हॉस्टल के बी. ब्लॉक में 43 नंबर के कमरे में हर्ष कौशिक के साथ रहता था। दोनों साथ ही कॉलेज जाते थे, लेकिन सुबह अंतरिक्ष ने कहा कि उसका कॉलेज आने का मन नहीं है। हर्ष जब शाम को कॉलेज से लौटा तो, अंतरिक्ष ने दरवाजा नहीं खोला। हर्ष ने उसे कॉल किया, लेकिन फोन भी उसने नहीं उठाया। इसके बाद हर्ष ने दोस्तों की मदद से दरवाजा खोला तो देखा कि अंतरिक्ष फंदे पर लटका हुआ था। दोस्तों ने पुलिस को सूचना दी।
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नहीं मिला सुसाइड नोट
पुलिस ने अंतरिक्ष के रूम की छानबीन की, लेकिन सुसाइड नोट नहीं मिला। पुलिस ने उसका मोबाइल जांच के लिए जब्त किया है, ताकि यह पता चल सके कि आत्महत्या से पहले उसने किससे संपर्क किया था। आत्महत्या के बाद कॉलेज के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया भी हॉस्टल गए थे। आत्महत्या की सूचना के बाद अंतरिक्ष के परिजन भी ग्वालियर से इंदौर पहुंच गए।

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