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इंदौरः बिना हेलमेट दफ्तर पहुंचे कर्मचारी, कलेक्टर ने वापस लौटाया
Mon, 07 Sep 2026 03:54 PM IST
Arjun Richhariya
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: Arjun Richhariya
Updated Mon, 07 Sep 2026 03:54 PM IST
सार
इंदौर कलेक्टर कार्यालय में अब बिना हेलमेट और सीट बेल्ट के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। कलेक्टर शिवम वर्मा ने सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और आगंतुकों के लिए यह नियम अनिवार्य करते हुए सुरक्षा कर्मियों को कड़े निर्देश दिए हैं।
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कलेक्टर कार्यालय के गेट पर कर्मचारियों को वापस लौटाया गया।
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
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विस्तार
इंदौर में यातायात नियमों के पालन को लेकर प्रशासन ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। सड़क सुरक्षा के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए कलेक्टर ने अपने अधीनस्थ अधिकारियों, कर्मचारियों और आम आगंतुकों के लिए एक सख्त गाइडलाइन जारी की है। इसके तहत अब कलेक्टर कार्यालय में आने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग अनिवार्य कर दिया गया है। इन नियमों की अनदेखी करने वालों को परिसर में दाखिल नहीं होने दिया जाएगा।
सुरक्षा कर्मियों को सौंपी गई जांच की कमान
प्रशासन ने इस व्यवस्था को जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए परिसर के सभी प्रवेश द्वारों पर मुस्तैदी बढ़ा दी है। कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देशों के अनुसार दोपहिया वाहन से आने वाले सभी लोगों को हेलमेट लगाना होगा, वहीं चार पहिया वाहनों में सवार अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए सीट बेल्ट अनिवार्य की गई है। मुख्य द्वारों पर तैनात सुरक्षा कर्मचारियों को स्पष्ट कहा गया है कि वे नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति को अंदर प्रवेश न करने दें।
सड़क सुरक्षा और जन-जागरूकता का संदेश
इस पहल का मुख्य उद्देश्य केवल शासकीय परिसर में अनुशासन बनाए रखना नहीं है, बल्कि प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों के जरिए समाज को एक सकारात्मक संदेश देना भी है। प्रशासन का मानना है कि जब जिम्मेदार अधिकारी स्वयं यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करेंगे, तो इससे आम जनता में भी सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ेगी और लोग नियमों के प्रति सजग होंगे।
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सुरक्षा कर्मियों को सौंपी गई जांच की कमान
प्रशासन ने इस व्यवस्था को जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए परिसर के सभी प्रवेश द्वारों पर मुस्तैदी बढ़ा दी है। कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देशों के अनुसार दोपहिया वाहन से आने वाले सभी लोगों को हेलमेट लगाना होगा, वहीं चार पहिया वाहनों में सवार अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए सीट बेल्ट अनिवार्य की गई है। मुख्य द्वारों पर तैनात सुरक्षा कर्मचारियों को स्पष्ट कहा गया है कि वे नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति को अंदर प्रवेश न करने दें।
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सड़क सुरक्षा और जन-जागरूकता का संदेश
इस पहल का मुख्य उद्देश्य केवल शासकीय परिसर में अनुशासन बनाए रखना नहीं है, बल्कि प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों के जरिए समाज को एक सकारात्मक संदेश देना भी है। प्रशासन का मानना है कि जब जिम्मेदार अधिकारी स्वयं यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करेंगे, तो इससे आम जनता में भी सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ेगी और लोग नियमों के प्रति सजग होंगे।
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