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इंदौर: पिंजरे में कैद हुआ तेंदुआ, ग्रामीण बोले- घायल तेंदुआ अभी भी घूम रहा बाहर
Sat, 24 Oct 2026 01:14 PM IST
Arjun Richhariya
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: Arjun Richhariya
Updated Sat, 24 Oct 2026 01:14 PM IST
सार
इंदौर के क्रिसेंट वॉटर पार्क के पास पिंजरे में एक स्वस्थ नर तेंदुआ कैद हो गया है, जिससे उमरिया खुर्द के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है, हालांकि घायल तेंदुए की तलाश अब भी जारी है।
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पिंजरे में तेंदुआ।
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
विस्तार
इंदौर के क्रिसेंट वॉटर पार्क के पास पिछले कुछ दिनों से दहशत का पर्याय बने तेंदुए को आखिरकार पकड़ लिया गया है। शनिवार को वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरे में एक नर तेंदुआ कैद हो गया, जिससे स्थानीय निवासियों ने राहत की सांस ली है। विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह तेंदुआ भोजन की तलाश में पिंजरे के पास पहुंचा था और जांच में पूरी तरह स्वस्थ पाया गया है। अब वन विभाग इसे सुरक्षित रूप से आबादी से दूर घने जंगल में छोड़ने की तैयारी कर रहा है।
उमरिया खुर्द और आसपास के क्षेत्र में राहत और चिंता
तेंदुए के पिंजरे में कैद होने से उमरिया खुर्द और उसके आसपास के ग्रामीण इलाकों के लोगों ने बड़ी राहत महसूस की है। हालांकि, ग्रामीणों की चिंता अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। गौरतलब है कि गुरुवार को इसी इलाके में एक अन्य तेंदुआ देखा गया था, जिसके सिर और चेहरे पर गंभीर चोट के निशान थे। ग्रामीणों को आशंका है कि पिंजरे में पकड़ा गया स्वस्थ तेंदुआ उस घायल तेंदुए से अलग है, जिसके चलते इलाके में दूसरे तेंदुए की तलाश अब भी जारी है।
भोजन की तलाश में पिंजरे तक पहुंचा वन्यजीव
क्रिसेंट वॉटर पार्क के नजदीक स्थित उमरिया खुर्द गांव में तेंदुआ देखे जाने के बाद वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया था। तेंदुए को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित पकड़ने के लिए क्षेत्र में कई स्थानों पर पिंजरे लगाए गए थे। शनिवार को आखिरकार खाने की तलाश करते हुए एक तेंदुआ पिंजरे के अंदर आ गया और कैद हो गया। वन विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच की और पुष्टि की कि पकड़ा गया वन्यजीव एक स्वस्थ नर तेंदुआ है।
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घायल तेंदुए की मौजूदगी को लेकर अब भी असमंजस
गुरुवार को एक स्थानीय ग्रामीण के घर के नजदीक एक तेंदुआ नजर आया था, जिसके चेहरे और सिर पर खून के साफ निशान दिखाई दे रहे थे। इस घटना के सामने आने के बाद से पूरे क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ था। वन विभाग की विशेष टीमें लगातार इस जंगली जानवर की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थीं। अब स्वस्थ तेंदुए के पकड़े जाने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या यही वह तेंदुआ है जो पहले दिखाई दिया था, या फिर घायल तेंदुआ अब भी क्षेत्र में ही छिपा हुआ है। फिलहाल इस बात की कोई अधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है, जिसके चलते वन विभाग की टीमें अभी भी आसपास के जंगलों में सक्रिय हैं और हर गतिविधि पर कड़ी नजर रख रही हैं।
आबादी से दूर सुरक्षित जंगल में भेजने की तैयारी
वन विभाग पकड़े गए इस स्वस्थ तेंदुए को मानव बस्तियों से कोसों दूर एक सुरक्षित जंगल में छोड़ने की पूरी तैयारी कर रहा है। इस संबंध में जानकारी देते हुए डीएफओ लाल सुधाकर सिंह ने बताया कि पिंजरे में कैद तेंदुआ पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ अवस्था में है, जिसे जल्द ही किसी दूरस्थ प्राकृतिक आवास में छोड़ा जाएगा। विभाग की मुख्य प्राथमिकता इस वन्यजीव की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ ग्रामीण अंचल के लोगों को पूरी तरह सुरक्षित रखना है।
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उमरिया खुर्द और आसपास के क्षेत्र में राहत और चिंता
तेंदुए के पिंजरे में कैद होने से उमरिया खुर्द और उसके आसपास के ग्रामीण इलाकों के लोगों ने बड़ी राहत महसूस की है। हालांकि, ग्रामीणों की चिंता अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। गौरतलब है कि गुरुवार को इसी इलाके में एक अन्य तेंदुआ देखा गया था, जिसके सिर और चेहरे पर गंभीर चोट के निशान थे। ग्रामीणों को आशंका है कि पिंजरे में पकड़ा गया स्वस्थ तेंदुआ उस घायल तेंदुए से अलग है, जिसके चलते इलाके में दूसरे तेंदुए की तलाश अब भी जारी है।
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भोजन की तलाश में पिंजरे तक पहुंचा वन्यजीव
क्रिसेंट वॉटर पार्क के नजदीक स्थित उमरिया खुर्द गांव में तेंदुआ देखे जाने के बाद वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया था। तेंदुए को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित पकड़ने के लिए क्षेत्र में कई स्थानों पर पिंजरे लगाए गए थे। शनिवार को आखिरकार खाने की तलाश करते हुए एक तेंदुआ पिंजरे के अंदर आ गया और कैद हो गया। वन विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच की और पुष्टि की कि पकड़ा गया वन्यजीव एक स्वस्थ नर तेंदुआ है।
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घायल तेंदुए की मौजूदगी को लेकर अब भी असमंजस
गुरुवार को एक स्थानीय ग्रामीण के घर के नजदीक एक तेंदुआ नजर आया था, जिसके चेहरे और सिर पर खून के साफ निशान दिखाई दे रहे थे। इस घटना के सामने आने के बाद से पूरे क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ था। वन विभाग की विशेष टीमें लगातार इस जंगली जानवर की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थीं। अब स्वस्थ तेंदुए के पकड़े जाने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या यही वह तेंदुआ है जो पहले दिखाई दिया था, या फिर घायल तेंदुआ अब भी क्षेत्र में ही छिपा हुआ है। फिलहाल इस बात की कोई अधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है, जिसके चलते वन विभाग की टीमें अभी भी आसपास के जंगलों में सक्रिय हैं और हर गतिविधि पर कड़ी नजर रख रही हैं।
आबादी से दूर सुरक्षित जंगल में भेजने की तैयारी
वन विभाग पकड़े गए इस स्वस्थ तेंदुए को मानव बस्तियों से कोसों दूर एक सुरक्षित जंगल में छोड़ने की पूरी तैयारी कर रहा है। इस संबंध में जानकारी देते हुए डीएफओ लाल सुधाकर सिंह ने बताया कि पिंजरे में कैद तेंदुआ पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ अवस्था में है, जिसे जल्द ही किसी दूरस्थ प्राकृतिक आवास में छोड़ा जाएगा। विभाग की मुख्य प्राथमिकता इस वन्यजीव की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ ग्रामीण अंचल के लोगों को पूरी तरह सुरक्षित रखना है।
