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Indore: इलेक्ट्रिक लॉक और जालियों ने छीनी बचने की राह, आग में फंसे लोग

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: Abhishek Chendke Updated Wed, 18 Mar 2026 11:57 AM IST
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सार

इंदौर के ब्रजेश्वरी एनेक्स में हुए दर्दनाक अग्निकांड ने सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मकान में लगी जालियां, डिजिटल लॉक और बाहर बंद गेट ने आग के दौरान लोगों के बाहर निकलने के रास्ते बंद कर दिए, जिससे आठ लोगों की जान चली गई।

Indore: Electric locks and nets cut off the escape route, people trapped in the fire
हादसे का शिकार हुए मनोज, उनकी पत्नी और बच्चोंं को बचा लिया गया। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

आग बुझाने में बाधा बन गईं। इस कारण आठ लोगों की जान चली गई। आग मकान के बाहर खड़ी कार के चार्जिंग प्वाइंट में लगी थी, लेकिन भीतर खड़ी बाइक ने भी आग पकड़ ली और देखते ही देखते आग मकान के आगे के हिस्से तक पहुंच गई। इंटीरियर में प्लास्टिक और लकड़ी का काफी इस्तेमाल किया गया था, जिससे आग तेजी से फैल गई और अंदर फंसे लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिल पाया। मुख्य दरवाजे पर डिजिटल लॉक लगा था और बाहर के गेट पर ताला लगा हुआ था, जिसके कारण समय पर मदद नहीं मिल सकी। इस घटना की जांच के लिए एक कमेटी भी गठित की गई है।

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फायर ब्रिगेड की टीम जब मौके पर पहुंची तो आग बुझाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्टील की जालियों के कारण पानी की बौछार अंदर तक ठीक से नहीं पहुंच पा रही थी और आग पर काबू पाने में देरी हुई। मकान के चारों ओर स्टील की जालियां लगी थीं, वहीं छत पर भी चारों तरफ नेट लगाया गया था। परिवार के जो सदस्य बच पाए, वे छत पर लगी जाली तोड़कर पड़ोसी की छत पर पहुंचकर अपनी जान बचा सके।

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परिवार के मुखिया मनोज पुगलिया और उनकी बहू की आग में झुलसने से मौत हो गई। अन्य मृतकों में बिहार से आए रिश्तेदार शामिल हैं। मनोज के पैरों में तकलीफ थी और कुछ दिन पहले ही उनके घुटनों का ऑपरेशन हुआ था, इसलिए वे ग्राउंड फ्लोर पर ही थे। मनोज पहले राजश्री वाटिका कॉलोनी में रहते थे और कुछ वर्ष पहले ही ब्रजेश्वरी एनेक्स में रहने आए थे।इस हादसे में उनकी पत्नी के भाई विजय सेठिया और उनके परिवार की भी मौत हो गई। विजय कैंसर से पीड़ित थे और चलने-फिरने में असमर्थ थे, जिसके कारण उनके परिवार के छह सदस्य इस अग्निकांड का शिकार हो गए।

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