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Indore News: कैंसर से लेकर अप्लास्टिक एनीमिया तक का इलाज, इंदौर में 1 मार्च को होम्योपैथी का महाकुंभ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: Arjun Richhariya
Updated Sat, 28 Feb 2026 06:11 AM IST
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सार
Indore News: इंदौर में 01 मार्च 2026 को 12वीं राष्ट्रीय होम्योपैथी कॉन्फ्रेंस (AAAS 2026) का आयोजन होने जा रहा है। ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में होने वाले इस कार्यक्रम में पहली बार होम्योपैथी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग पर भी चर्चा होगी।
सांसद सेवा प्रकल्प इंदौर और डीएवीवी के संयुक्त सहयोग से होगा आयोजन।
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
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विस्तार
इंदौर शहर रविवार 01 मार्च 2026 को एक ऐतिहासिक चिकित्सा समागम का साक्षी बनने जा रहा है। ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में 12वीं राष्ट्रीय होम्योपैथी कॉन्फ्रेंस 2026 (AAAS 2026) का आयोजन किया जाएगा। इस वृहद आयोजन में आयुष मेडिकल वेलफेयर फाउंडेशन, एडवांस्ड होम्योपैथिक सोसाइटी सेहत एवं सूरत और होम्योपैथिक मेडिकल एसोसिएशन ऑफ इंडिया की मध्य प्रदेश इकाई सहयोगी के रूप में शामिल हैं। सांसद सेवा प्रकल्प इंदौर और देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज के संयुक्त सहयोग से होने वाला यह सम्मेलन इंदौर में होम्योपैथी अनुसंधान और अकादमिक उत्कृष्टता का नया अध्याय लिखेगा।
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होम्योपैथी को शोध और अकादमिक केंद्र बनाने का लक्ष्य
आयोजन चेयरमैन डॉ. ए. के. द्विवेदी ने कॉन्फ्रेंस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इंदौर की मेजबानी में पहली बार इस स्तर पर राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन गर्व की बात है। पिछले 27 वर्षों से अप्लास्टिक एनीमिया जैसी जटिल बीमारियों पर कार्य करने के अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने बताया कि होम्योपैथी असाध्य रोगों के लिए एक सुरक्षित विकल्प है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह मंच इंदौर को राष्ट्रीय स्तर पर होम्योपैथी के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करेगा। आयोजन सचिव डॉ. विकास सिंघल ने इसे ऐतिहासिक अवसर बताते हुए कहा कि देशभर के विशेषज्ञों और युवा शोधकर्ताओं का एक मंच पर आना चिकित्सा जगत के लिए अत्यंत लाभकारी होगा।
तीन सत्रों में 24 विशेषज्ञ साझा करेंगे अनुभव
सम्मेलन को तीन प्रमुख सत्रों में बांटा गया है जिसमें देश-विदेश के 24 प्रख्यात विशेषज्ञ वक्ता शामिल होंगे। मुख्य वक्ताओं में सूरत से डॉ. जयेश पटेल, कोलकाता से डॉ. शिवांशु शेखर आचार्य, पंजाब से डॉ. सुखजीत कौर बठला और इंदौर से डॉ. अर्पित चोपड़ा सहित कई अन्य दिग्गज अपने विचार रखेंगे। इनके अलावा मुंबई, दिल्ली और महू के विभिन्न चिकित्सा संस्थानों के विशेषज्ञ भी गेस्ट स्पीकर के रूप में व्याख्यान देंगे। सम्मेलन में कैंसर, हड्डी रोग, मानसिक स्वास्थ्य, इनफर्टिलिटी और त्वचा रोगों के होम्योपैथिक प्रबंधन पर गहन वैज्ञानिक चर्चा की जाएगी।
चयनित शोध पत्रों का होगा प्रस्तुतीकरण
इस कॉन्फ्रेंस के लिए देशभर से कुल 54 रिसर्च पेपर प्राप्त हुए थे जिनमें से विशेषज्ञ समिति ने 18 श्रेष्ठ शोध पत्रों का चयन किया है। ये शोध पत्र नोएडा, मुंबई, नागपुर और वडोदरा जैसे शहरों से आए विशेषज्ञों द्वारा प्रस्तुत किए जाएंगे। आयोजन में गुजरात, महाराष्ट्र, पंजाब और पश्चिम बंगाल सहित विभिन्न राज्यों के चिकित्सक और विद्यार्थी हिस्सा ले रहे हैं। विशेष रूप से चंडीगढ़ के डॉ. विकास सिंघल हड्डी रोगों के उपचार में अपने क्लिनिकल अनुभव साझा करेंगे, वहीं डॉ. ए. के. द्विवेदी एनीमिया जागरूकता अभियान पर जोर देंगे।
होम्योपैथी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर विशेष चर्चा होगी
इस राष्ट्रीय सम्मेलन की एक बड़ी विशेषता यह है कि इसमें पहली बार होम्योपैथी चिकित्सा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के अनुप्रयोगों पर विस्तृत विमर्श होगा। विशेषज्ञ बताएंगे कि कैसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग होम्योपैथी शिक्षण, शोध कार्य, रोग विश्लेषण और डाटा प्रबंधन में किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त सिलीगुड़ी से आ रहे डॉ. रंजित सोनी किडनी की पथरी के उपचार में होम्योपैथी की सफलता पर अपनी बात रखेंगे। यह आयोजन भविष्य में उपचार की गुणवत्ता और वैज्ञानिक प्रामाणिकता को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का प्रयास है।
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होम्योपैथी को शोध और अकादमिक केंद्र बनाने का लक्ष्य
आयोजन चेयरमैन डॉ. ए. के. द्विवेदी ने कॉन्फ्रेंस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इंदौर की मेजबानी में पहली बार इस स्तर पर राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन गर्व की बात है। पिछले 27 वर्षों से अप्लास्टिक एनीमिया जैसी जटिल बीमारियों पर कार्य करने के अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने बताया कि होम्योपैथी असाध्य रोगों के लिए एक सुरक्षित विकल्प है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह मंच इंदौर को राष्ट्रीय स्तर पर होम्योपैथी के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करेगा। आयोजन सचिव डॉ. विकास सिंघल ने इसे ऐतिहासिक अवसर बताते हुए कहा कि देशभर के विशेषज्ञों और युवा शोधकर्ताओं का एक मंच पर आना चिकित्सा जगत के लिए अत्यंत लाभकारी होगा।
तीन सत्रों में 24 विशेषज्ञ साझा करेंगे अनुभव
सम्मेलन को तीन प्रमुख सत्रों में बांटा गया है जिसमें देश-विदेश के 24 प्रख्यात विशेषज्ञ वक्ता शामिल होंगे। मुख्य वक्ताओं में सूरत से डॉ. जयेश पटेल, कोलकाता से डॉ. शिवांशु शेखर आचार्य, पंजाब से डॉ. सुखजीत कौर बठला और इंदौर से डॉ. अर्पित चोपड़ा सहित कई अन्य दिग्गज अपने विचार रखेंगे। इनके अलावा मुंबई, दिल्ली और महू के विभिन्न चिकित्सा संस्थानों के विशेषज्ञ भी गेस्ट स्पीकर के रूप में व्याख्यान देंगे। सम्मेलन में कैंसर, हड्डी रोग, मानसिक स्वास्थ्य, इनफर्टिलिटी और त्वचा रोगों के होम्योपैथिक प्रबंधन पर गहन वैज्ञानिक चर्चा की जाएगी।
चयनित शोध पत्रों का होगा प्रस्तुतीकरण
इस कॉन्फ्रेंस के लिए देशभर से कुल 54 रिसर्च पेपर प्राप्त हुए थे जिनमें से विशेषज्ञ समिति ने 18 श्रेष्ठ शोध पत्रों का चयन किया है। ये शोध पत्र नोएडा, मुंबई, नागपुर और वडोदरा जैसे शहरों से आए विशेषज्ञों द्वारा प्रस्तुत किए जाएंगे। आयोजन में गुजरात, महाराष्ट्र, पंजाब और पश्चिम बंगाल सहित विभिन्न राज्यों के चिकित्सक और विद्यार्थी हिस्सा ले रहे हैं। विशेष रूप से चंडीगढ़ के डॉ. विकास सिंघल हड्डी रोगों के उपचार में अपने क्लिनिकल अनुभव साझा करेंगे, वहीं डॉ. ए. के. द्विवेदी एनीमिया जागरूकता अभियान पर जोर देंगे।
होम्योपैथी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर विशेष चर्चा होगी
इस राष्ट्रीय सम्मेलन की एक बड़ी विशेषता यह है कि इसमें पहली बार होम्योपैथी चिकित्सा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के अनुप्रयोगों पर विस्तृत विमर्श होगा। विशेषज्ञ बताएंगे कि कैसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग होम्योपैथी शिक्षण, शोध कार्य, रोग विश्लेषण और डाटा प्रबंधन में किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त सिलीगुड़ी से आ रहे डॉ. रंजित सोनी किडनी की पथरी के उपचार में होम्योपैथी की सफलता पर अपनी बात रखेंगे। यह आयोजन भविष्य में उपचार की गुणवत्ता और वैज्ञानिक प्रामाणिकता को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का प्रयास है।
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