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Indore News: बिना सर्जरी ठीक होगा लिवर कैंसर? देशभर के विशेषज्ञ इंदौर आए, बताया कैसे बदल रहा मेडिकल साइंस
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: Arjun Richhariya
Updated Sun, 24 May 2026 10:30 PM IST
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सार
Indore News: राष्ट्रीय स्तरीय के कार्यक्रम में देशभर के 100 से अधिक चिकित्सा विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। सम्मेलन में लिवर कैंसर की शुरुआती पहचान के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी आधुनिक तकनीकों पर चर्चा की गई।
इंदौर में जुटे देशभर के डॉक्टर
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
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विस्तार
आधुनिक तकनीकों के कारण कैंसर की पहचान समय रहते बहुत आसानी से हो जाता है। इसके साथ ही इसका सफल इलाज भी आसानी से हो जाता है। यह बातें देशभर से आए चिकित्सा विशेषज्ञों ने इंदौर में कही। चोइथराम हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेंटर के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग द्वारा आयोजित राष्ट्रीय स्तरीय शैक्षणिक सम्मेलन लिवर कैंसर अपडेट 2026 का रविवार को इंदौर मैरियट होटल में सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में देशभर के प्रतिष्ठित चिकित्सा विशेषज्ञों तथा मध्यप्रदेश के वरिष्ठ चिकित्सकों ने भाग लिया। सभी विशेषज्ञों ने लिवर कैंसर के आधुनिक उपचार, इसकी शुरुआती पहचान और इलाज की नई तकनीकों पर अपने महत्वपूर्ण विचार और अनुभव साझा किए।
लिवर कैंसर को समय पर पहचानना जरूरी
इस गरिमामयी कार्यक्रम में 100 से अधिक चिकित्सकों एवं मेडिकल प्रतिनिधियों की सक्रिय उपस्थिति रही। सम्मेलन को आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य हेपेटोसेलुलर कार्सिनोमा यानी लिवर कैंसर के लगातार बढ़ते मामलों के बीच बेहतर उपचार पद्धतियों को तलाशना और एक समन्वित चिकित्सा दृष्टिकोण पर विस्तृत चर्चा करना था ताकि मरीजों को बेहतर इलाज मिल सके। इसमें बताया गया कि समय रहते यदि लिवर कैंसर की पहचान हो जाए तो बिना सर्जरी भी सिर्फ दवाओं से इसे ठीक किया जा सकता है।
आधुनिक तकनीक पर मंथन
सम्मेलन के दौरान लिवर कैंसर की प्रारंभिक अवस्था में पहचान करने के लिए अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक तकनीकों और बायोमार्कर्स पर काफी विस्तृत चर्चा की गई। इसके साथ ही चिकित्सा क्षेत्र में आ रहे नए बदलावों जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और प्रिसिजन मेडिसिन की मदद से मरीजों के लिए व्यक्तिगत उपचार तय करने की संभावनाओं पर भी विशेषज्ञों ने अपने-अपने विचार रखे।
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उन्नत उपचार पद्धतियों पर पैनल चर्चा का आयोजन
कार्यक्रम में टार्गेटेड इम्यूनोथेरेपी, टीएसीई और टीएआरई जैसी अत्यंत उन्नत उपचार तकनीकों पर विशेष इंटरैक्टिव सत्र आयोजित किए गए। मल्टीडिसिप्लिनरी पैनल चर्चाओं के माध्यम से चिकित्सा जगत के सामने आने वाले जटिल मामलों के उपचार और बेहतर क्लिनिकल मैनेजमेंट पर भी डॉक्टरों के बीच गहन मंथन हुआ।
इस सफल सम्मेलन का नेतृत्व मुख्य रूप से आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. बी. एस. ठाकुर तथा आयोजन सचिव डॉ. मयंक जैन और डॉ. अंबर मित्तल द्वारा किया गया। सम्मेलन में शामिल हुए तमाम विशेषज्ञों ने इस पूरे आयोजन को मध्य भारत में लिवर कैंसर के बेहतर प्रबंधन और इस बीमारी के प्रति जागरूकता को मजबूत करने की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण पहल बताया।
लिवर कैंसर को समय पर पहचानना जरूरी
इस गरिमामयी कार्यक्रम में 100 से अधिक चिकित्सकों एवं मेडिकल प्रतिनिधियों की सक्रिय उपस्थिति रही। सम्मेलन को आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य हेपेटोसेलुलर कार्सिनोमा यानी लिवर कैंसर के लगातार बढ़ते मामलों के बीच बेहतर उपचार पद्धतियों को तलाशना और एक समन्वित चिकित्सा दृष्टिकोण पर विस्तृत चर्चा करना था ताकि मरीजों को बेहतर इलाज मिल सके। इसमें बताया गया कि समय रहते यदि लिवर कैंसर की पहचान हो जाए तो बिना सर्जरी भी सिर्फ दवाओं से इसे ठीक किया जा सकता है।
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आधुनिक तकनीक पर मंथन
सम्मेलन के दौरान लिवर कैंसर की प्रारंभिक अवस्था में पहचान करने के लिए अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक तकनीकों और बायोमार्कर्स पर काफी विस्तृत चर्चा की गई। इसके साथ ही चिकित्सा क्षेत्र में आ रहे नए बदलावों जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और प्रिसिजन मेडिसिन की मदद से मरीजों के लिए व्यक्तिगत उपचार तय करने की संभावनाओं पर भी विशेषज्ञों ने अपने-अपने विचार रखे।
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कार्यक्रम में टार्गेटेड इम्यूनोथेरेपी, टीएसीई और टीएआरई जैसी अत्यंत उन्नत उपचार तकनीकों पर विशेष इंटरैक्टिव सत्र आयोजित किए गए। मल्टीडिसिप्लिनरी पैनल चर्चाओं के माध्यम से चिकित्सा जगत के सामने आने वाले जटिल मामलों के उपचार और बेहतर क्लिनिकल मैनेजमेंट पर भी डॉक्टरों के बीच गहन मंथन हुआ।
इस सफल सम्मेलन का नेतृत्व मुख्य रूप से आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. बी. एस. ठाकुर तथा आयोजन सचिव डॉ. मयंक जैन और डॉ. अंबर मित्तल द्वारा किया गया। सम्मेलन में शामिल हुए तमाम विशेषज्ञों ने इस पूरे आयोजन को मध्य भारत में लिवर कैंसर के बेहतर प्रबंधन और इस बीमारी के प्रति जागरूकता को मजबूत करने की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण पहल बताया।

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