Indore News: महिलाएं अफसरों से बोली-पानी नहीं दे सकते तो फिर बिल किस बात का ले रहे हो?
इंदौर में बढ़ते जलसंकट को लेकर लोगों का गुस्सा अब सड़कों पर नजर आने लगा है। शहर की बस्तियों में पीने के पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। महावर नगर के रहवासियों ने पानी की समस्या से परेशान होकर जोनल कार्यालय का घेराव किया और जमकर नारेबाजी की।
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इंदौर में जलसंकट के हालात और विकट हो चुके हैं। बस्तियों में लोगों को पीने का पानी तक नहीं मिल रहा है। न नलों में पानी आ रहा है और न ही टैंकर बस्तियों तक पहुंच रहे हैं। इंदौर की महावर नगर बस्ती के लोगों ने जलसंकट से परेशान होकर नगर निगम के जोनल कार्यालय का घेराव कर दिया। इसमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं। महिलाओं ने अधिकारियों से कहा, जब पानी नहीं दे सकते, तो फिर बिल किस बात का ले रहे हो? हम हर महीने 200 रुपये जलकर भरते हैं, लेकिन उसके बदले पानी नहीं मिल रहा है।
प्रदर्शन के दौरान “महापौर पानी दो, पानी नहीं तो इस्तीफा दो” के नारे भी लगाए गए। महिलाओं ने मटके और खाली बर्तनों के साथ प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में कांग्रेस कार्यकर्ता भी शामिल हुए। ब्लॉक अध्यक्ष जतिन थौरात, वार्ड अध्यक्ष प्रवीण पाटनी और प्रकाश महावर कोली के साथ बड़ी संख्या में रहवासी जोनल कार्यालय पहुंचे।
इस दौरान महिलाओं ने अधिकारियों को घेरते हुए कहा कि महावर नगर में पिछले दो माह से भीषण जल संकट बना हुआ है। गर्मी के मौसम में नलों में पानी नहीं आ रहा है। टैंकर आते हैं, तो किसी को पानी दिया जाता है और किसी को नहीं। महिलाओं ने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं के घरों में पूरे-पूरे टैंकर खाली किए जा रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान मौके पर पुलिस बल भी तैनात किया गया था।
इंदौर में पानी की किल्लत को लेकर लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं। पिछले दिनों भाजपा के एक पार्षद ने सैकड़ों रहवासियों के साथ भाजपा विधायक रमेश मेंदोला के घर पहुंचकर भी प्रदर्शन किया था।

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