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Indore News: अब इंदौर की बेटियां बनाएंगी रोबोट और स्मार्ट गैजेट्स, एनएसटीआई में शुरू हुई हाईटेक लैब
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: Arjun Richhariya
Updated Thu, 26 Feb 2026 09:06 PM IST
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सार
Indore News: इन लैब्स के माध्यम से छात्राओं को व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर उन्हें कॉर्पोरेट जगत और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार किया जाएगा, जिससे उनके प्लेसमेंट और स्टार्टअप के अवसरों में बड़ी वृद्धि होगी।
इंदौर में शुरू हुई हाईटेक लैब
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
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विस्तार
'शिक्षा के हब' के रूप में अपनी पहचान बना चुके इंदौर ने तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में आज एक और लंबी छलांग लगाई है। शहर के नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट फॉर वुमन (एनएसटीआई) में अत्याधुनिक AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस), सोलर और AR-VR (ऑगमेंटेड रियलिटी और वर्चुअल रियलिटी) लैब का उद्घाटन किया गया। इस लैब का उद्देश्य किताबी ज्ञान और व्यावहारिक कौशल के बीच की दूरी को मिटाना है।
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यह नई सुविधा तीन मुख्य स्तंभों पर आधारित है, जो आने वाले समय में रोजगार के सबसे बड़े क्षेत्र माने जा रहे हैं। एआर वीआर लैब की इंचार्ज सुधा विश्वकर्मा ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि इससे छात्रों का भविष्य सुरक्षित होगा और वे बेहतर रोजगार की तरफ बढ़ पाएंगे। तीनों ही लैब कई स्तर पर फायदा देंगी।
1. AI लैब (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस): यहां छात्र डेटा साइंस, मशीन लर्निंग और कोडिंग के गुर सीखेंगे। यह लैब छात्रों को रीयल-टाइम प्रोजेक्ट्स पर काम करने का मौका देगी, जिससे वे भविष्य के सॉफ्टवेयर इंजीनियर और डेटा एनालिस्ट बन सकेंगे।
2. सोलर लैब (अक्षय ऊर्जा): इंदौर को 'क्लीन सिटी' के बाद अब 'सोलर सिटी' बनाने की दिशा में यह बड़ा कदम है। इस लैब में छात्र सोलर पैनल की वर्किंग, इंस्टॉलेशन और रिन्यूएबल एनर्जी मैनेजमेंट का व्यावहारिक प्रशिक्षण लेंगे।
3. AR-VR लैब (वर्चुअल रियलिटी): इस लैब के जरिए छात्र एक आभासी दुनिया में प्रवेश कर जटिल इंजीनियरिंग मॉडल और मेडिकल प्रक्रियाओं को 3D में समझ सकेंगे। यह सीखने के अनुभव को और अधिक इंटरैक्टिव और रोचक बनाएगा।
कॉलेज और कॉर्पोरेट जगत के बीच एक पुल का काम करेगी लैब
विशेषज्ञों का मानना है कि इन लैब्स के शुरू होने से इंदौर के छात्रों को कई फायदे होंगे। अब छात्रों को केवल थ्योरी पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। वे खुद अपने हाथों से गैजेट्स और प्रोग्राम्स डिजाइन कर पाएंगे। उद्योग जगत की मांग के अनुसार कौशल (Skill-set) विकसित होने से छात्रों के प्लेसमेंट की संभावनाएं काफी बढ़ जाएंगी। आधुनिक संसाधनों की उपलब्धता से कॉलेज के युवा इनोवेटर्स को अपने स्टार्टअप आइडियाज पर काम करने का प्लेटफॉर्म मिलेगा। यह लैब कॉलेज और कॉर्पोरेट जगत के बीच एक पुल का काम करेगी, जिससे छात्र स्नातक होते ही काम करने के लिए पूरी तरह तैयार होंगे।
छात्रों को सक्षम नागरिक बनाने का उद्देश्य
एआर वीआर लैब की इंचार्ज सुधा विश्वकर्मा ने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि सक्षम नागरिक बनाना है। इंदौर के युवाओं में प्रतिभा की कमी नहीं है, बस उन्हें सही संसाधनों की जरूरत है। यह लैब उसी दिशा में हमारा एक छोटा सा योगदान है। इस नई पहल से छात्रों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। उनका कहना है कि अब उन्हें इन तकनीकों को सीखने के लिए बड़े महानगरों या निजी संस्थानों की ओर नहीं देखना पड़ेगा।
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यह नई सुविधा तीन मुख्य स्तंभों पर आधारित है, जो आने वाले समय में रोजगार के सबसे बड़े क्षेत्र माने जा रहे हैं। एआर वीआर लैब की इंचार्ज सुधा विश्वकर्मा ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि इससे छात्रों का भविष्य सुरक्षित होगा और वे बेहतर रोजगार की तरफ बढ़ पाएंगे। तीनों ही लैब कई स्तर पर फायदा देंगी।
1. AI लैब (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस): यहां छात्र डेटा साइंस, मशीन लर्निंग और कोडिंग के गुर सीखेंगे। यह लैब छात्रों को रीयल-टाइम प्रोजेक्ट्स पर काम करने का मौका देगी, जिससे वे भविष्य के सॉफ्टवेयर इंजीनियर और डेटा एनालिस्ट बन सकेंगे।
2. सोलर लैब (अक्षय ऊर्जा): इंदौर को 'क्लीन सिटी' के बाद अब 'सोलर सिटी' बनाने की दिशा में यह बड़ा कदम है। इस लैब में छात्र सोलर पैनल की वर्किंग, इंस्टॉलेशन और रिन्यूएबल एनर्जी मैनेजमेंट का व्यावहारिक प्रशिक्षण लेंगे।
3. AR-VR लैब (वर्चुअल रियलिटी): इस लैब के जरिए छात्र एक आभासी दुनिया में प्रवेश कर जटिल इंजीनियरिंग मॉडल और मेडिकल प्रक्रियाओं को 3D में समझ सकेंगे। यह सीखने के अनुभव को और अधिक इंटरैक्टिव और रोचक बनाएगा।
कॉलेज और कॉर्पोरेट जगत के बीच एक पुल का काम करेगी लैब
विशेषज्ञों का मानना है कि इन लैब्स के शुरू होने से इंदौर के छात्रों को कई फायदे होंगे। अब छात्रों को केवल थ्योरी पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। वे खुद अपने हाथों से गैजेट्स और प्रोग्राम्स डिजाइन कर पाएंगे। उद्योग जगत की मांग के अनुसार कौशल (Skill-set) विकसित होने से छात्रों के प्लेसमेंट की संभावनाएं काफी बढ़ जाएंगी। आधुनिक संसाधनों की उपलब्धता से कॉलेज के युवा इनोवेटर्स को अपने स्टार्टअप आइडियाज पर काम करने का प्लेटफॉर्म मिलेगा। यह लैब कॉलेज और कॉर्पोरेट जगत के बीच एक पुल का काम करेगी, जिससे छात्र स्नातक होते ही काम करने के लिए पूरी तरह तैयार होंगे।
छात्रों को सक्षम नागरिक बनाने का उद्देश्य
एआर वीआर लैब की इंचार्ज सुधा विश्वकर्मा ने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि सक्षम नागरिक बनाना है। इंदौर के युवाओं में प्रतिभा की कमी नहीं है, बस उन्हें सही संसाधनों की जरूरत है। यह लैब उसी दिशा में हमारा एक छोटा सा योगदान है। इस नई पहल से छात्रों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। उनका कहना है कि अब उन्हें इन तकनीकों को सीखने के लिए बड़े महानगरों या निजी संस्थानों की ओर नहीं देखना पड़ेगा।

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