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Indore News: वन्यजीवों और एडवेंचर का अनोखा संगम, रिमझिम फुहारों के बीच रालामंडल में उमड़ रही भारी भीड़
Sat, 11 Jul 2026 08:25 PM IST
Arjun Richhariya
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: Arjun Richhariya
Updated Sat, 11 Jul 2026 08:25 PM IST
सार
Indore News: रिमझिम बारिश के बाद इंदौर का रालामंडल वन्यजीव अभ्यारण्य हरी मखमली चादर की तरह खूबसूरत नजर आ रहा है, जहां वीकेंड पर प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ रही है।
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रालामंडल
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
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विस्तार
इंदौर में भागदौड़ और प्रदूषण से दूर, प्रकृति की गोद में कुछ पल सुकून के बिताना चाहते हैं, तो इंदौर का रालामंडल वन्यजीव अभ्यारण्य सबसे बेहतरीन ठिकाना है। हाल ही में हुई रिमझिम बारिश के बाद पूरा रालामंडल पहाड़ियों पर हरी मखमली चादर की तरह नजर आ रहा है। वीकेंड आते ही यहां प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों का तांता लग रहा है। शनिवार और रविवार के दिन यहां पर युवा, बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं, परिवार, सामाजिक ग्रुप और कई संस्थाएं पहुंच रही हैं। दोनों ही दिन शहरवासियों का उत्साह यहां पर देखते ही बनता है।
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बारिश आते ही दोगुनी हो गई खूबसूरती
मानसून की शुरुआत के साथ ही रालामंडल का नजारा पूरी तरह बदल चुका है। यहां के सागौन, बांस और विभिन्न औषधीय पौधे पूरी तरह खिल उठे हैं। घने पेड़ों के बीच से छनकर आती धूप और पक्षियों की चहचहाहट पर्यटकों को एक अलग ही दुनिया का अहसास कराती है। फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए यह समय सबसे मुफीद है, क्योंकि यहां कई दुर्लभ पक्षी और तितलियां आसानी से देखी जा सकती हैं।
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युवाओं के लिए ट्रेकिंग का आनंद, बुजुर्गों और बच्चों के लिए बैटरी कार
रालामंडल अपने बेहतरीन रास्तों और ट्रेकिंग ट्रेल्स के लिए जाना जाता है। अभ्यारण्य के मुख्य प्रवेश द्वार से लेकर पहाड़ी की चोटी (शिकारगाह) तक जाने वाला रास्ता पूरी तरह पक्का और सुगम है। जो लोग एडवेंचर के शौकीन हैं, उनके लिए घने जंगलों के बीच से होकर गुजरने वाले कच्चे रास्ते (ट्रेकिंग पाथ) भी बनाए गए हैं, जहां चलते हुए प्रकृति को बेहद करीब से महसूस किया जा सकता है। बुजुर्गों और बच्चों के लिए वन विभाग द्वारा इको-फ्रेंडली गोल्फ कार्ट (बैटरी कार) की व्यवस्था भी है, जो बेहद कम शुल्क में आपको पहाड़ी की चोटी तक ले जाती है।
पर्यटन के मुख्य आकर्षण
रालामंडल में सिर्फ हरियाली ही नहीं, बल्कि पर्यटकों को लुभाने के लिए कई और चीजें भी हैं। पहाड़ी की चोटी पर स्थित होल्कर राजवंश के जमाने का प्राचीन शिकारगाह (वॉच टॉवर) आज भी आकर्षण का केंद्र है। यहां से पूरे इंदौर शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों का विहंगम 360-डिग्री नजारा दिखाई देता है। यहां पर पर्यटकों को अक्सर हिरण, चीतल, नीलगाय, खरगोश और सियार जैसे वन्यजीव घूमते हुए मिल जाते हैं। अभ्यारण्य के भीतर बना बटरफ्लाई पार्क भी बच्चों के बीच काफी लोकप्रिय है। रालामंडल सुबह 9:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक पर्यटकों के लिए खुला रहता है।
रास्ता है बहुत आसान
रालामंडल इंदौर शहर के केंद्र से लगभग 12 से 14 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। बाईपास रोड से यहां आसानी से कार, टू-व्हीलर या ऑटो के माध्यम से पहुंचा जा सकता है। प्रवेश शुल्क भी नाममात्र का है, जिसे आप सीधे काउंटर से ले सकते हैं।
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