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Indore News: रोज हजारों वाहन चालक परेशान, सत्यसाई फ्लायओवर की लेटलतीफी पड़ रही भारी
Tue, 04 Aug 2026 06:09 AM IST
Arjun Richhariya
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: Arjun Richhariya
Updated Tue, 04 Aug 2026 06:09 AM IST
सार
Indore News: इंदौर के सत्यसाई चौराहे पर फ्लायओवर निर्माण कार्य तय समय सीमा निकलने के बावजूद पूरा नहीं हुआ है, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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सत्यसाई चौराहे पर फ्लायओवर निर्माण
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
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विस्तार
सत्यसाई चौराहे पर फ्लायओवर निर्माण शुरू हुए 2.5 साल से भी अधिक का समय बीत चुका है लेकिन अब तक आम लोग इस प्रोजेक्ट के पूरे होने का इंतजार कर रहे हैं। निर्माण एजेंसी की तरफ से यहां पर कई बार प्रोजेक्ट हेड बदले जा चुके हैं और बार-बार यहां पर संसाधनों की कमी की बात भी लगातार उठती रहती है। बारिश का मौसम आते ही इस साल भी सर्विस रोड और डायवर्शन की वजह से लाखों वाहन चालकों को रोज भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रोजेक्ट का काम मार्च 2026 तक पूरा किया जाना था
एमपीआरडीसी द्वारा सत्यसाई चौराहे पर बनाए जा रहे फ्लायओवर का वर्क ऑर्डर 15 मार्च 2024 को जारी किया गया था, जिसे 62 करोड़ रुपए की लागत से 6 लेन का बनाया जाना है। इस प्रोजेक्ट का काम मार्च 2026 तक पूरा किया जाना था, जिसकी निर्धारित समय सीमा को भी लगभग 4 महीने बीत चुके हैं लेकिन जमीनी स्तर पर अभी भी बहुत सारा काम बाकी बचा हुआ है।
गलत आंकड़ों की रिपोर्टिंग पर भड़के थे मंत्री
पिछले साल फरवरी में जब लोक निर्माण विभाग के मंत्री राकेश सिंह ने रेसीडेंसी कार्यालय में मौजूदा विकास कार्यों को लेकर एक समीक्षा बैठक की थी, तब एमपीआरडीसी की ओर से नारायण दास कंपनी द्वारा आईटी पार्क चौराहे और सत्यसाईं चौराहे पर निर्माण कार्यों की पूर्णता को लेकर गलत आंकड़े प्रस्तुत किए गए थे। सत्यसाई चौराहे के निर्माण की प्रगति 36 प्रतिशत बताई गई थी जबकि असलियत में इसकी प्रगति सिर्फ 8 प्रतिशत के आसपास ही थी। इस गंभीर लापरवाही के बाद मंत्री राकेश सिंह ने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए काम में तेजी लाने के निर्देश दिए थे। मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा था कि लेटलतीफी की वजह से रोज आम जनता को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है और इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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शुरुआती बाधाएं दूर हुई हैं, जल्द जनता को मिलेगा फ्लायओवर
एमपीआरडीसी सेतु बंधन परियोजना के जनरल मैनेजर गिरिजेश शर्मा के अनुसार शुरुआती दौर में सत्यसाई फ्लायओवर के निर्माण में कई तरह की तकनीकी और प्रशासनिक समस्याएं सामने आई थीं। सबसे पहले बीआरटीएस बस स्टॉप को हटाने को लेकर भी पेचीदगियां थीं। उसके बाद डिजाइन में कुछ गंभीर खामियां निकलकर सामने आईं, जिसके चलते फ्लायओवर का डिजाइन दोबारा से तैयार करवाना पड़ा। निर्माण एजेंसी के स्टाफ को लेकर भी कुछ दिक्कतें लगातार बनी हुई थीं। हालांकि, अब ये सभी मामले पूरी तरह से सुलझा लिए गए हैं। विभाग का दावा है कि लंबे समय से तेजी के साथ काम किया जा रहा है और अधिकांश निर्माण कार्य पूरा भी हो चुका है, इसलिए जल्द ही यह फ्लायओवर आम जनता के आवागमन के लिए शुरू कर दिया जाएगा।
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प्रोजेक्ट का काम मार्च 2026 तक पूरा किया जाना था
एमपीआरडीसी द्वारा सत्यसाई चौराहे पर बनाए जा रहे फ्लायओवर का वर्क ऑर्डर 15 मार्च 2024 को जारी किया गया था, जिसे 62 करोड़ रुपए की लागत से 6 लेन का बनाया जाना है। इस प्रोजेक्ट का काम मार्च 2026 तक पूरा किया जाना था, जिसकी निर्धारित समय सीमा को भी लगभग 4 महीने बीत चुके हैं लेकिन जमीनी स्तर पर अभी भी बहुत सारा काम बाकी बचा हुआ है।
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गलत आंकड़ों की रिपोर्टिंग पर भड़के थे मंत्री
पिछले साल फरवरी में जब लोक निर्माण विभाग के मंत्री राकेश सिंह ने रेसीडेंसी कार्यालय में मौजूदा विकास कार्यों को लेकर एक समीक्षा बैठक की थी, तब एमपीआरडीसी की ओर से नारायण दास कंपनी द्वारा आईटी पार्क चौराहे और सत्यसाईं चौराहे पर निर्माण कार्यों की पूर्णता को लेकर गलत आंकड़े प्रस्तुत किए गए थे। सत्यसाई चौराहे के निर्माण की प्रगति 36 प्रतिशत बताई गई थी जबकि असलियत में इसकी प्रगति सिर्फ 8 प्रतिशत के आसपास ही थी। इस गंभीर लापरवाही के बाद मंत्री राकेश सिंह ने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए काम में तेजी लाने के निर्देश दिए थे। मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा था कि लेटलतीफी की वजह से रोज आम जनता को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है और इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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शुरुआती बाधाएं दूर हुई हैं, जल्द जनता को मिलेगा फ्लायओवर
एमपीआरडीसी सेतु बंधन परियोजना के जनरल मैनेजर गिरिजेश शर्मा के अनुसार शुरुआती दौर में सत्यसाई फ्लायओवर के निर्माण में कई तरह की तकनीकी और प्रशासनिक समस्याएं सामने आई थीं। सबसे पहले बीआरटीएस बस स्टॉप को हटाने को लेकर भी पेचीदगियां थीं। उसके बाद डिजाइन में कुछ गंभीर खामियां निकलकर सामने आईं, जिसके चलते फ्लायओवर का डिजाइन दोबारा से तैयार करवाना पड़ा। निर्माण एजेंसी के स्टाफ को लेकर भी कुछ दिक्कतें लगातार बनी हुई थीं। हालांकि, अब ये सभी मामले पूरी तरह से सुलझा लिए गए हैं। विभाग का दावा है कि लंबे समय से तेजी के साथ काम किया जा रहा है और अधिकांश निर्माण कार्य पूरा भी हो चुका है, इसलिए जल्द ही यह फ्लायओवर आम जनता के आवागमन के लिए शुरू कर दिया जाएगा।
