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Indore News: मम्मी-पापा से कहा घर आ रहा हूं... कुछ ही घंटों में पंखे से झूल गया एसएससी का छात्र
Tue, 04 Aug 2026 11:51 AM IST
Arjun Richhariya
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: Arjun Richhariya
Updated Tue, 04 Aug 2026 11:51 AM IST
सार
Indore News: इंदौर के भंवरकुआ थाना क्षेत्र में एसएससी परीक्षा की तैयारी कर रहे 18 वर्षीय छात्र प्रियांश ने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह 15 दिन पहले ही इंदौर आया था और पढ़ाई में मन न लगने के कारण घर लौटना चाहता था।
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प्रियांश
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
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विस्तार
इंदौर के भंवरकुआ क्षेत्र में एक दुखद घटना सामने आई है। यहां प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे 18 वर्षीय छात्र ने सोमवार रात अपने किराए के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी तब मिली जब मृतक के दोस्त कोचिंग से वापस कमरे पर लौटे। वे तुरंत छात्र को अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान प्रियांश (18) पिता अजीत कौरव के रूप में हुई है, जो नरसिंहगढ़-गाडरवाड़ा जिला स्थित इंद्रपुरी कॉलोनी का निवासी था। छात्र कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की परीक्षा की तैयारी के सिलसिले में लगभग 15 दिन पूर्व ही इंदौर आया था और भंवरकुआ क्षेत्र में अपने 3 अन्य साथियों के साथ किराए पर कमरा लेकर रह रहा था।
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कोचिंग से लौटे दोस्तों ने देखा फंदे पर लटकता शव
मृतक के साथी शिवम के अनुसार सोमवार शाम वह अपने एक अन्य साथी के साथ कोचिंग गया हुआ था। उससे लगभग आधे घंटे पहले ही उनका तीसरा साथी भी किसी परिचित व्यक्ति से मिलने के लिए कमरे से बाहर निकला था। उस दौरान प्रियांश कमरे में पूरी तरह अकेला था। जब दोनों दोस्त कोचिंग से वापस लौटे, तो उन्होंने प्रियांश को फंदे से लटकता हुआ पाया। उन्होंने तत्काल उसे नीचे उतारा और पास के नजदीकी चिकित्सालय ले गए। स्थिति को देखते हुए वहाँ से उसे एमवाय चिकित्सालय रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के पश्चात उसे मृत घोषित कर दिया।
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पढ़ाई में मन न लगने से घर वापस लौटना चाहता था छात्र
दोस्तों से मिली जानकारी के अनुसार प्रियांश को इंदौर आए हुए मात्र 15 दिन ही बीते थे। वह कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की परीक्षा की तैयारी हेतु कोचिंग संस्थान में डेमो कक्षाएं ले रहा था, परंतु उसका मन पढ़ाई में नहीं लग पा रहा था। इस संबंध में उसने अपने माता-पिता से फोन पर चर्चा कर घर वापस लौटने की इच्छा भी जताई थी। परिजनों ने उसे वापस आने की स्वीकृति भी दे दी थी, लेकिन घर लौटने से पूर्व ही उसने यह आत्मघाती कदम उठा लिया।
किसान का बेटा था प्रियांश, पुलिस जांच जारी
प्रियांश एक किसान परिवार से संबंध रखता था। उसके परिवार में माता-पिता के अलावा एक बड़ा भाई है, जो भोपाल में बीटेक की पढ़ाई कर रहा है। घटना स्थल की तलाशी के दौरान पुलिस को कमरे से किसी भी प्रकार का सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। फिलहाल भंवरकुआ थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर इस पूरे मामले की विस्तृत जांच प्रारंभ कर दी है।
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दोस्तों से मिली जानकारी के अनुसार प्रियांश को इंदौर आए हुए मात्र 15 दिन ही बीते थे। वह कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की परीक्षा की तैयारी हेतु कोचिंग संस्थान में डेमो कक्षाएं ले रहा था, परंतु उसका मन पढ़ाई में नहीं लग पा रहा था। इस संबंध में उसने अपने माता-पिता से फोन पर चर्चा कर घर वापस लौटने की इच्छा भी जताई थी। परिजनों ने उसे वापस आने की स्वीकृति भी दे दी थी, लेकिन घर लौटने से पूर्व ही उसने यह आत्मघाती कदम उठा लिया।
किसान का बेटा था प्रियांश, पुलिस जांच जारी
प्रियांश एक किसान परिवार से संबंध रखता था। उसके परिवार में माता-पिता के अलावा एक बड़ा भाई है, जो भोपाल में बीटेक की पढ़ाई कर रहा है। घटना स्थल की तलाशी के दौरान पुलिस को कमरे से किसी भी प्रकार का सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। फिलहाल भंवरकुआ थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर इस पूरे मामले की विस्तृत जांच प्रारंभ कर दी है।
