सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Indore News ›   Indore: The demand for wood, coal and cinnabar has increased due to the shortage of cooking gas, and prices ha

LPG Crisis: इंदौर में गैस संकट का असर, बाजार में एक दम से बढ़ी लकड़ी-कोयले व सिगड़ी की मांग; कब मिलेगी राहत?

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: Abhishek Chendke Updated Sat, 14 Mar 2026 07:11 PM IST
विज्ञापन
सार

इंदौर में गैस संकट के कारण परेशान लोग अब पुराने दौर के पारंपरिक विकल्पों की ओर लौटने को मजबूर हैं। गैस रिफिल न मिलने के कारण घरों में सिगड़ियां जलने लगी हैं और जलाऊ लकड़ी, कोयला व कंडों की मांग बढ़ गई हैै। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि राहत जमीनी स्तर पर कब तक मिलेगी?

Indore: The demand for wood, coal and cinnabar has increased due to the shortage of cooking gas, and prices ha
जलाऊ लकड़ी की मांग इंदौर में बढ़ी। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

इंदौर में अभी-भी रसोई गैस की किल्लत दूर नहीं हुई है। लोग खाली टंकियां लेकर इधर-उधर भटक रहे हैं। जिन घरों में रसोई गैस खत्म होने के कगार पर है, वे इसे किफायत से खर्च कर रहे हैं और कोयले, लकड़ी के विकल्प पर जा रहे हैं। इस कारण अब परिवार सिगड़ी भी खरीद रहे हैं।

Trending Videos


अमेरिका और इस्राइल व ईरान के बीच जारी जंग का असर अब इंदौर में दिखने लगा है। इंदौर के डेढ़ हजार से ज्यादा रेस्त्रां बंद होने की स्थिति में हैं, जबकि कुछ रेस्त्रां संचालकों ने इंडक्शन खरीद लिए हैं। गैस कंपनियों में भी बुकिंग नहीं हो पा रही है और जो उपभोक्ता बुकिंग कर चुके हैं, उन्हें समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं। लोग अब एजेंसियों पर जाकर मैनुअल बुकिंग करा रहे हैं, क्योंकि सर्वर ठीक से काम नहीं होने के कारण टंकियों की डिलीवरी नहीं हो पा रही है?  इसका असर टिंबर मार्केट पर देखा जा रहा है। जलाऊ लकड़ियों की मांग बढ़ गई है। इंदौर में पहले दस से पंद्रह रुपये किलो में लकड़ी मिलती थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

अब वह 20 से 25 रुपये किलो में मिल रही है। नलीदार कोयले की डिमांड भी बढ़ गई है। श्रमिक क्षेत्र में टाल संचालित करने वाले राजेश साहू बताते हैं कि पहले तीन बोरे कोयले की खपत एक दिन में होती थी, लेकिन अब पांच से छह बोरे बिक रहे हैं। आमतौर पर गर्मी के दिनों में सिगड़ी की डिमांड न के बराबर होती है, लेकिन गैस संकट के बाद हर दिन ग्राहक सिगड़ी खरीदने आ रहे हैं। रोज दस से ज्यादा सिगड़ी बिक रही है।

Indore: The demand for wood, coal and cinnabar has increased due to the shortage of cooking gas, and prices ha
कंडे भी आए मार्केट मेें। - फोटो : अमर उजाला

इसके अलावा थोक में लकड़ी के भाव भी बढ़ गए हैं। जलाऊ लकड़ी एक हजार रुपये प्रति क्विंटल बिक रही है। गैस संकट से पहले इसकी कीमत साढ़े सात सौ रुपये थी। अब ठेलों पर चाय स्टॉल लगाने वाले भी कोयला खरीदने आ रहे हैं। उधर गैस संकट के कारण कंडों की डिमांड भी पहले की तुलना में बढ़ गई है। दस रुपये प्रति नग मिलने वाले कंडे अब पंद्रह रुपये में बिक रहे हैं।

हालांकि, सरकार और प्रशासन ने अपने बयानों के माध्यम से हालात सामान्य होने की बात कही है। वहीं, गैस की किल्लत को लेकर भी तस्वीरे सामने आ रही हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि आखिर जमीनी स्तर पर यह संकट कबतक खत्म होगा? 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed