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इंदौर: युवक की मौत के बाद कमिश्नर ऑफिस के बाहर परिजनों ने दी सामूहिक खुदकुशी की धमकी
Fri, 23 Oct 2026 04:57 PM IST
Arjun Richhariya
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: Arjun Richhariya
Updated Fri, 23 Oct 2026 04:57 PM IST
सार
बाणगंगा के युवक की खुदकुशी मामले में महिला मित्र पर कार्रवाई की मांग को लेकर परिजन कमिश्नर कार्यालय पहुंचे और न्याय न मिलने पर आत्महत्या की धमकी दी, साथ ही रक्षित हत्याकांड में बुलडोजर कार्रवाई की मांग उठी।
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इंदौर पुलिस कमिश्नर कार्यालय।
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
विस्तार
इंदौर के बाणगंगा क्षेत्र के रहने वाले एक युवक चिराग सेन की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद मामला लगातार गर्माता जा रहा है। इसी सिलसिले में शुक्रवार को मृतक के परिजन और स्थानीय लोग न्याय की मांग को लेकर सीधे पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि चिराग ने अपनी महिला मित्र की लगातार प्रताड़ना और दबाव से तंग आकर यह आत्मघाती कदम उठाया है। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों की बात ध्यान से सुनने के बाद उन्हें उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाते हुए खजराना थाने भेजा है।
जानिए क्या है पूरा मामला और रविवार रात की घटना
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बाणगंगा मेन रोड पर रहने वाले चिराग सेन ने बीते रविवार की रात को खजराना इलाके में अज्ञात कारणों से जहरीला पदार्थ खा लिया था। इसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान सोमवार रात को उसकी मौत हो गई। मंगलवार को जब शव का पोस्टमार्टम पूरा हुआ, तो परिजनों और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने वृंदावन कॉलोनी के बाहर मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर जोरदार प्रदर्शन किया था। इस पूरे मामले में मृतक की महिला मित्र निशा का नाम प्रमुखता से सामने आया है, जिस पर युवक को आत्महत्या के लिए उकसाने के गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं।
महिला मित्र पर कार्रवाई न होने पर परिजनों ने दी आत्महत्या की चेतावनी
महिला मित्र के खिलाफ अब तक कोई ठोस कानूनी कार्रवाई न होने से नाराज होकर चिराग सेन के परिजन शुक्रवार को दलित नेता मनोज परमार के साथ पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे। उन्होंने उच्च अधिकारियों के समक्ष अपनी शिकायत दर्ज कराई और रोष व्यक्त किया कि स्थानीय पुलिस मामले में सुस्त रवैया अपना रही है। परिजनों ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि जल्द से जल्द निशा के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज नहीं की जाती है, तो वे मजबूरन खुद भी आत्महत्या कर लेंगे। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए अधिकारियों ने परिजनों को शांति से समझाया और मामले की निष्पक्ष जांच व उचित कार्रवाई के लिए उन्हें खजराना थाने रवाना किया।
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एमआईजी क्षेत्र में रक्षित चौकड़े हत्याकांड को लेकर भी उठी सख्त कार्रवाई की मांग
इसी दौरान पुलिस कमिश्नर कार्यालय में एक अन्य मामले को लेकर भी भारी आक्रोश देखने को मिला। एमआईजी क्षेत्र में हुई रक्षित चौकड़े की सनसनीखेज हत्या के मामले में सख्त और त्वरित कार्रवाई की मांग को लेकर भी परिजन शुक्रवार को कमिश्नर कार्यालय पहुंचे। परिजनों ने उच्चाधिकारियों के सामने मांग रखी कि इस संगीन मामले की सुनवाई किसी फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाई जाए और दोषियों को फांसी की सजा दी जाए। इसके साथ ही उन्होंने आरोपियों के अवैध मकानों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें जमींदोज करने की भी मांग उठाई। इस मामले में एसीपी प्रीति तिवारी ने परिजनों से उनका ज्ञापन स्वीकार किया और वरिष्ठ अधिकारियों को इस पूरे घटनाक्रम से अवगत कराने का पूरा आश्वासन दिया है।
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जानिए क्या है पूरा मामला और रविवार रात की घटना
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बाणगंगा मेन रोड पर रहने वाले चिराग सेन ने बीते रविवार की रात को खजराना इलाके में अज्ञात कारणों से जहरीला पदार्थ खा लिया था। इसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान सोमवार रात को उसकी मौत हो गई। मंगलवार को जब शव का पोस्टमार्टम पूरा हुआ, तो परिजनों और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने वृंदावन कॉलोनी के बाहर मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर जोरदार प्रदर्शन किया था। इस पूरे मामले में मृतक की महिला मित्र निशा का नाम प्रमुखता से सामने आया है, जिस पर युवक को आत्महत्या के लिए उकसाने के गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं।
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महिला मित्र पर कार्रवाई न होने पर परिजनों ने दी आत्महत्या की चेतावनी
महिला मित्र के खिलाफ अब तक कोई ठोस कानूनी कार्रवाई न होने से नाराज होकर चिराग सेन के परिजन शुक्रवार को दलित नेता मनोज परमार के साथ पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे। उन्होंने उच्च अधिकारियों के समक्ष अपनी शिकायत दर्ज कराई और रोष व्यक्त किया कि स्थानीय पुलिस मामले में सुस्त रवैया अपना रही है। परिजनों ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि जल्द से जल्द निशा के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज नहीं की जाती है, तो वे मजबूरन खुद भी आत्महत्या कर लेंगे। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए अधिकारियों ने परिजनों को शांति से समझाया और मामले की निष्पक्ष जांच व उचित कार्रवाई के लिए उन्हें खजराना थाने रवाना किया।
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एमआईजी क्षेत्र में रक्षित चौकड़े हत्याकांड को लेकर भी उठी सख्त कार्रवाई की मांग
इसी दौरान पुलिस कमिश्नर कार्यालय में एक अन्य मामले को लेकर भी भारी आक्रोश देखने को मिला। एमआईजी क्षेत्र में हुई रक्षित चौकड़े की सनसनीखेज हत्या के मामले में सख्त और त्वरित कार्रवाई की मांग को लेकर भी परिजन शुक्रवार को कमिश्नर कार्यालय पहुंचे। परिजनों ने उच्चाधिकारियों के सामने मांग रखी कि इस संगीन मामले की सुनवाई किसी फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाई जाए और दोषियों को फांसी की सजा दी जाए। इसके साथ ही उन्होंने आरोपियों के अवैध मकानों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें जमींदोज करने की भी मांग उठाई। इस मामले में एसीपी प्रीति तिवारी ने परिजनों से उनका ज्ञापन स्वीकार किया और वरिष्ठ अधिकारियों को इस पूरे घटनाक्रम से अवगत कराने का पूरा आश्वासन दिया है।
