Indore News: इंदौर में एलिवेटेड काॅरिडोर का काम शुरू नहीं, बैरिकेड लगाकर रोक दिया ट्रैफिक
इंदौर में एलिवेटेड कॉरिडोर का काम दो माह बाद भी शुरू नहीं हुआ है, लेकिन ठेकेदार एजेंसी ने पहले ही सड़क के दोनों ओर टीन के बैरिकेड लगा दिए हैं। इससे एलआईजी से पलासिया चौराहे के बीच सुबह-शाम यातायात व्यवस्था बिगड़ रही है और रोज जाम की स्थिति बन रही है।
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इंदौर में छह किलोमीटर लंबाई के एलिवेटेड कॉरिडोर का काम दो माह बाद भी शुरू नहीं हो पाया है, लेकिन ठेकेदार एजेंसी ने दोनों तरफ टीन के बैरिकेड लगा दिए हैं। इन्हें भी सड़क के उस हिस्से में लगाया गया है, जहां सबसे ज्यादा यातायात बाधित होता है।
बैरिकेड लगाने के कारण रोज एलआईजी से पलासिया चौराहे के बीच सुबह और शाम के समय यातायात बाधित हो रहा है। रोज आ रही परेशानी को देखते हुए नगर निगम ने निर्माण एजेंसी को बैरिकेड हटाने के लिए कहा है, ताकि लोगों को जाम से राहत मिल सके।
एलआईजी से व्हाइट चर्च चौराहा तक 300 करोड़ रुपये की लागत से इस कॉरिडोर का निर्माण किया जाना है। फिलहाल एलआईजी वाले हिस्से में मिट्टी परीक्षण के लिए क्रेन खड़ी की गई है, बाकी कहीं भी कॉरिडोर का काम नहीं चल रहा है। दरअसल, इस कॉरिडोर को लेकर हाईकोर्ट में याचिका लगी है और उसकी उपयोगिता पर सवाल उठाए गए हैं। इसे देखते हुए निर्माण एजेंसी भी जल्दी काम शुरू करने में ज्यादा रुचि नहीं ले रही है।
बीआरटीएस तोड़ा, कॉरिडोर के लिए
आगरा-मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग पर पंद्रह साल पहले बीआरटीएस बनाया गया था। इस पर तब ढाई सौ करोड़ रुपये खर्च किए गए थे, लेकिन कॉरिडोर के निर्माण के लिए बीआरटीएस तोड़ दिया गया। उसके स्थान पर एलिवेटेड कॉरिडोर प्रोजेक्ट मंजूर किया गया था। तीन साल पहले भाजपा सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव पहली बार इंदौर आए थे। तब राजवाड़ा पर इस प्रोजेक्ट का भूमिपूजन किया गया था, लेकिन काम अब तक शुरू नहीं हो पाया है।
इस कॉरिडोर पर लंबी दूरी के ट्रैफिक के लिए सर्वे कराया गया था। इसमें पाया गया था कि आठ प्रतिशत ट्रैफिक के लिए यह कॉरिडोर एक छोर से दूसरे छोर तक उपयोगी है। बाद में इस प्रोजेक्ट में बदलाव कर तीन भुजाएं भी तीन चौराहों पर उतारी गईं।
