सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Jabalpur News ›   After the death of her husband, her father wants her to remarry in her teens

Jabalpur News: पति की मौत के बाद पिता करवाना चाहते हैं दूसरी शादी, हाईकोर्ट ने नाबालिग को फूफा को सौंपा

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: जबलपुर ब्यूरो Updated Mon, 16 Jun 2025 10:59 PM IST
विज्ञापन
सार

हाईकोर्ट में नाबालिग ने बताया कि पिता ने 12 साल में शादी कर दी थी और अब दूसरी शादी कराना चाहते हैं। वह बाल गृह में नहीं रहना चाहती और फूफा-बुआ के साथ रहना चाहती है। कोर्ट ने एक माह के लिए कस्टडी फूफा को सौंपी, अगली सुनवाई 14 जुलाई को होगी।

After the death of her husband, her father wants her to remarry in her teens
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

बाल कल्याण समिति की निगरानी में रहने वाली नाबालिग ने हाईकोर्ट में उपस्थित होकर बताया गया कि याचिकाकर्ता पिता ने 12 साल में उसकी शादी कर दी थी। पति की मौत के बाद पिता उसकी दूसरी शादी करवाना चाहते हैं। वह बाल कल्याण समिति अथवा बाल कल्याण गृह में नहीं रहना चाहती है और शादी नहीं करेगी। वह अपनी बुआ और फूफा के साथ रहना चाहती है। हाईकोर्ट के कार्यवाहक चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा तथा जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने नाबालिग किशोरी की कस्टडी एक माह के लिए फूफा को सौंपने के आदेश जारी करते हुए अगली सुनवाई 14 जुलाई को निर्धारित की है।

Trending Videos


रतलाम निवासी कालूराम की तरफ से हाईकोर्ट को भेजे गए पत्र में बताया गया था कि कोर्ट के आदेश पर उसकी नाबालिग बच्ची को बाल कल्याण समिति भेज दिया गया। अपनी बच्ची से मिलने गया तो वह नहीं मिली। कालूराम ने पत्र में आरोप लगाते हुए लिखा था कि उसकी बच्ची को बेच दिया गया है। आरोप को गंभीरता से लेते हुए चीफ जस्टिस के निर्देश पर इस पत्र की याचिका के रूप में सुनवाई के आदेश जारी किए थे। युगलपीठ ने पत्र याचिका के रूप में मामले की सुनवाई करते हुए नाबालिग को कोर्ट में पेश करने के आदेश जारी किए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- मंत्री विजय शाह के खिलाफ हाईकोर्ट ने समाप्त की कार्यवाही, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर लिया निर्णय

सरकार की तरफ से बताया गया कि नाबालिग बाल कल्याण समिति में नहीं रहना चाहती है। वह अपने फूफा के साथ रहना चाहती है। बच्ची की कस्टडी के लिए फूफा की तरफ से भी आवेदन दायर किया गया था। याचिका की सुनवाई करते हुए पूर्व में युगलपीठ ने अपने आदेश में कहा था कि फूफा प्राकृतिक संरक्षक नहीं है, इसलिए उसकी पृष्ठभूमि को जाने बिना नाबालिग को नहीं सौंप सकते। युगलपीठ ने फूफा की आर्थिक व पारिवारिक पृष्ठभूमि के संबंध में रिपोर्ट पेश करने के आदेश जारी किए थे।

याचिका की सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से फूफा की आर्थिक व पारिवारिक पृष्ठभूमि की रिपोर्ट पेश की गई। नाबालिग ने युगलपीठ के समक्ष उपस्थित होकर युक्त जानकारी दी। नाबालिग ने याचिकाकर्ता पिता के साथ जाने से इंकार कर दिया। सरकार की तरफ से बताया गया कि फूफा नाबालिग की शादी राहुल नामक युवक से करना चाहते हैं। याचिकाकर्ता पिता सुनवाई के दौरान अनुपस्थित नहीं थे। उनकी तरफ से सुनवाई बढ़ाए जाने के लिए आवेदन पेश किया गया था।

ये भी पढ़ें-रक्षाबंधन पर लाड़ली बहनों को मिलेगा 250 रुपए शगुन, 2081 करोड़ की राशि का सिंगल क्लिक से वितरण

याचिका की सुनवाई के दौरान उपस्थित फूफा बद्रीनाथ ने न्यायालय में वचन दिया कि वह नाबालिग की उचित देखभाल करेंगे। विवाह योग्य आयु प्राप्त नहीं होने तक वह उसका विवाह नहीं करेंगे। युगलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि याचिकाकर्ता ने स्थगन का अनुरोध किया है। इसलिए नाबालिग की कस्टडी एक माह के फूफा को सौंपी जाए। फूफा एक सप्ताह में न्यायालय में दिए गए वचन के संबंध में हलफनामा पेश करें। बाल कल्याण विभाग के जिला अधिकारी इस दौरान फूफा के घर का समय-समय पर निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट पेश करेंगे। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed